• Home
  • Rajasthan News
  • Pali News
  • बाल कल्याण समिति सदस्य राकेश पंवार को हटाया, 9 शिकायतों के लिए बनी थी जांच कमेटी, हर शिकायत में दोषी साबित हुए
--Advertisement--

बाल कल्याण समिति सदस्य राकेश पंवार को हटाया, 9 शिकायतों के लिए बनी थी जांच कमेटी, हर शिकायत में दोषी साबित हुए

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:45 AM IST


आरोप

बाल अधिकारिता एवं बाल संरक्षण इकाई के आयुक्त जेसी देसाई ने पंवार के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कराई थी जांच

भास्कर संवाददाता | पाली

बाल अधिकारिता एवं बाल संरक्षण इकाई के आयुक्त व शासन सचिव जेसी देसाई ने स्थानीय बाल कल्याण समिति के सदस्य राकेश पंवार के खिलाफ मिली गंभीर शिकायतों के बाद उनको हटा दिया है। बुधवार को यह आदेश जारी किए गए। आराेप है कि उनके खिलाफ बेवजह परेशान करने, उत्पीड़न करने, मानसिक रूप से परेशान करने तथा अनुचित रूप से दबाव बनाने समेत कई आरोपों की 9 शिकायतें मिली थी। जांच में इनको दोषी मानने के बाद पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए।

माना जा रहा है कि सदस्य पद पर नई नियुक्ति होली के बाद की जाएगी। इधर, पंवार ने आरोप लगाया कि उनको हटाने में विधायक ज्ञानचंद पारख सक्रिय थे। फैक्ट्रियों में बाल श्रम को लेकर की जा रही कार्रवाई से वे नाराज चल रहे थे। इसके चलते पारख ने अपने दबाव में यह कार्रवाई करवाई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार बाल कल्याण समिति के सदस्य राकेश पंवार के खिलाफ कई पक्षकारों ने उच्चाधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही उनका सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक से भी रिश्ते अच्छे नहीं थे। कुछ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को भड़काकर उनसे सहायक निदेशक के खिलाफ शिकायत कराने के आरोप भी लगे थे। पंवार के खिलाफ मिल रही लगातार शिकायतों को देखते हुए विभाग के आयुक्त व शासन सचिव ने जांच कमेटी गठित की थी। जांच में तथ्यों का अवलोकन करने, पक्षकारों के बयानों के बाद जांच में पंवार को दोषी माना गया। इस उनको हटाया गया।

पंवार का आरोप- विधायक ज्ञानचंद पारख ने उनको हटवाया, फैक्ट्रियों में बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई करने से नाराज थे

राज्य स्तरीय चयन समिति के निष्कर्ष के आधार पर माना दाेषी

पर विभाग की द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देख रेख एवं संरक्षण)अधिनियम 2016 के नियम 88 (14) के अनुसार एवं विभागीय परिपत्र 22012 को 21 सितंबर 2015 के अनुसार जांच राज्य स्तरीय चयन समिति के द्वारा करवाई गई। राज्य स्तरीय चयन समिति के निष्कर्ष के आधार पर राकेश पंवार किशोर न्याय (बालको की देख रेख संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 74 में दोषी पाए गए। इस कारण उन्हें 28 फरवरी को विभाग की ओर से हटाने के आदेश दिए गए।