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सावधान... यह ठगी का नया तरीका

पेट्रोल पंप और मॉल में पीओएस मशीन के जरिए छेड़खानी व उसे हैक कर ठगी करने वाला गिरोह पिछले कुछ दिनों में प्रदेश समेत...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:45 AM IST
पेट्रोल पंप और मॉल में पीओएस मशीन के जरिए छेड़खानी व उसे हैक कर ठगी करने वाला गिरोह पिछले कुछ दिनों में प्रदेश समेत पाली, जालोर और सिरोही में सक्रिय हो चुका है। अब तक यह गिरोह पेट्रोल पंप संचालकों से करीब 25 हजार से अधिक की ठगी कर चुका है। जानकारी के अनुसार जिले के जाडन स्थित एक पेट्रोल पंप पर सोमवार रात को एक युवक ने कार्ड स्वैप कराने के बहाने पेट्रोल पंप संचालक से 10 हजार रुपए की ठगी की और फरार हो गया। पेट्रोल पंप संचालक कार्तिक शर्मा ने बताया कि सोमवार रात को एक युवक उनके पंप पर 10 हजार 500 रुपए का पेट्रोल भरवाने आया। इसके लिए उसने कार्ड स्वैप कर कार्ड से पेमेंट की बात कही। स्टाफ ने 10 हजार 500 रुपए का पेमेंट कार्ड से स्वैप भी कर दिया। उनके पास जो पर्ची है उसमें ट्रांजेक्शन भी ओके हो गया। आरोपी एक पर्ची खुद ले गया। लेकिन शाम को जब पीओएस मशीन की सेल फाइनल हुई तो उसमें यह लेनदेन शून्य बताया। बैंक ने 10 हजार का पेमेंट रिसीव नहीं किया। शर्मा ने अपने स्तर पर बैंक व सिरोही में लूट के शिकार पंप संचालकों से जानकारी जुटाई तो सामने आया कि वह युवक महाराष्ट्र का है और उसकी गाड़ी नंबर भी वहीं की है।

युवक ने कार्ड स्वैप कर 10 हजार का डीजल खरीदा, पंप की पीओएस मशीन में ट्रांजेक्शन ओके, बैंक ने कहा- लेनदेन शून्य

अब तक यह गिरोह पेट्रोल पंप संचालकों से करीब 25 हजार से अधिक की ठगी कर चुका है

तीन ठगी और 25 हजार की धोखाधड़ी कर चुका है नासिक का विजय

जाडन में पेट्रोल पंप कर ठगी होने के बाद संचालक ने इस गिरोह के एक युवक के बारे में जानकारी जुटाई है। नासिक का विजय धोंडीराम सूर्यवंशी बताया जा रहा है। जो अब तक पाली समेत सिरोही में हुई अब तक तीन वारदातों में 25 हजार की ठगी कर चुका है। इसमें जाडन में शर्मा पेट्रोल पंप से 10 हजार 500 रुपए, अजारी, पिंडवाड़ा स्थित पेट्रोल पंप से 10 हजार 500 तथा उडवारिया, स्वरूपगंज के पेट्रोल पंप से 4100 रुपए की धोखाधड़ी कर चुका है।

तीनों वारदातों का तरीका एक ही, पहले डीजल भरवाता, बातों में उलझाकर करता ट्रांजेक्शन डिक्लाइन

पाली और सिरोही पेट्रोल पंप पर हुई इन तीनों वारदातों का आरोपी व तरीका एक ही है। आरोपी पहले 4 हजार से लेकर 10 हजार तक का पेट्रोल या डीजल गाड़ी में भरवाता है। इसके बाद कार्ड स्वैप के लिए देता है। जब ट्रांजेक्शन होने लगता है तब पंपकर्मी को बातों में उलझाकर ट्रांजेक्शन को डिक्लाइन करवाकर फरार हो जाता है।

बैंकों व ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर उठे सवाल

बैंक की नजर में अगर लेनदेन ही नहीं हुआ तो उसके रिकॉर्ड में कैसे आया, और फर्जीवाड़े की जानकारी मिली तो भी एक्शन क्यों नहीं ?

पंप संचालक ने सवाल उठाया है कि बैंक ने अपने रिकॉर्ड में इस लेनदेन को शून्य घोषित किया है। उसकी नजर में 10 हजार 500 रुपए का यह लेनदेन हुआ ही नहीं। अगर पीओएस मशीन ने ट्रांजेक्शन स्वीकार नहीं किया तो बैंक के नेटवर्क में इसकी सूचना कैसे पहुंची। यानी बैंक को भी पता है कि कुछ तो फर्जीवाड़ा है। इसके बावजूद बैंक वाले अभी तक आरोपी के खिलाफ एक्शन नहीं ले पाए। यह ठगी कहीं भी हो सकती है। बड़े शोरूम या किसी भी अन्य कीमती सामान की खरीद के बाद ऑनलाइन भुगतान में। यह व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। एक तरफ सरकार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देना चाहती है जबकि ऐसे ठगी से व्यापारी पीछे हटेंगे।

एक्सपर्ट का दावा : नकली एटीएम बना करते हैं पीओएस मशीन को हैक, सस्ते में सामान उपलब्ध

इस मामले को लेकर शहर के आईटी एक्सपर्ट व हैकर नीलेश कुमार पुरोहित इनवेस्टीगेशन कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह सब नकली एटीएम और उसके क्लोन से संभव है। इसके लिए इंटरनेट पर सामान भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इस नकली एटीएम में वह मैजेस्टिक कार्ड व चिप डालते हैं और यही चिप पीओएस मशीन को हैक कर देती है। यह काम किसी एक्सपर्ट हैकर का हो सकता है। इसके लिए वह पीअोएस के डाटा जुटा रहे हैं।

व्यापारी सावधान रहें

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में पीओएस मशीन से ठगी का यह तरीका बड़ी खरीद में भी किया जा सकता है

जाडन स्थित शर्मा पेट्रोल पंप पर डीजल खरीदने में 10 हजार की ठगी, आरोपी ने पिंडवाड़ा व स्वरूपगंज के पंपों पर भी कर चुका ऐसी ही वारदात

पुलिस व बैंक अभी तक नहीं कर सके कार्रवाई, पंप संचालक ने अपने स्तर पर जुटाई जानकारी

बैंक खाते व सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर आरोपी की जानकारी जुटाई, विजय सूर्यवंशी नाम का आरोपी युवक महाराष्ट्र निवासी, वहां भी दर्ज हैं उसके खिलाफ मामले