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कानून का रंग : जी हुकुम नहीं कहने पर मुर्गा बनाने वाला एएसआई लाइन हाजिर

शादी समारोह में फोटोग्राफी कर आधी रात को बाइक पर अपने गांव जा रहे चोटिला गांव के ओमाराम बंजारा को जी हुकुम नहीं...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:45 AM IST
शादी समारोह में फोटोग्राफी कर आधी रात को बाइक पर अपने गांव जा रहे चोटिला गांव के ओमाराम बंजारा को जी हुकुम नहीं कहने पर मुर्गा बना मारपीट करने तथा पर्स से रुपए निकालने के आरोपी एएसआई प्रेमसिंह को बुधवार को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया।

इस प्रकरण में पीड़ित युवक के बयान गुरुवार को जांच अधिकारी के समक्ष लिए जाएंगे। घटना के समय रोहट थाने के गश्ती दल में शामिल उसे कांस्टेबल की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिसने रुपयों की मांग की तथा युवक को पकड़ कर एएसआई के पास ले गया था। उस रात को टीम में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के भी बयान लिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि गत 18 फरवरी की रात चोटिला गांव जा रहे ओमाराम बंजारा को पुलिस ने इसलिए मुर्गा बना कर पीटा, क्योंकि उसने नाकाबंदी में रोकने वाले रोहट थाने के एएसआई प्रेमसिंह को जी हुकुम कहकर बात नहीं कहा। सोमवार को एसपी दीपक भार्गव के सामने पेश होकर युवक ने परिवाद पेश किया था।

कागजात नहीं थे तो बाइक का चालान क्यों नहीं बनाया

आरोपी एएसआई का कहना है कि घटना वाली रात बाइक के कागजात नहीं होने पर चोटिला गांव के ओमाराम बंजारा से पूछताछ की थी। उसके पास बाइक के कागजात व ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। सुबह थाने में कागजात पेश करने को कहा था। ऐसे में यदि एएसआई का यह कथन सही है तो घटना वाली रात बिना कागजात वाली बाइक उसने छोड़ी क्यों और बाइक का चालान क्यों नहीं काटा। चालान बनाया या युवक को पाबंद किया था तो बाद में क्या कागजी कार्रवाई की?



इधर, प्रधान श्रवण बंजारा ने ओमाराम बंजारा के साथ रोहट थाने के एएसआई द्वारा किए गए अशोभनीय व्यवहार की उच्च स्तरीय जांच व बंजारा समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले एएसआई को निलंबित करने की मांग की है।