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अस्पतालों तक पहुंचने से पहले निशुल्क दवा की 3 बार जांच, फिर भी पैरासिटामोल में निकल रही पन्नी

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:30 AM IST

मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत मरीजों को सरकारी अस्पतालों से दी जा रही दवाइयों की गुणवत्ता पर फिर सवाल उठ...
मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत मरीजों को सरकारी अस्पतालों से दी जा रही दवाइयों की गुणवत्ता पर फिर सवाल उठ रहे हैं। चिकित्सा अधिकारियों का दावा है कि टेंडर के बाद स्तर पर इनकी सैंपलिंग होती है। इसके बावजूद पाली में बांगड़ अस्पताल से मरुधर नगर निवासी देवीसिंह को दी गई बुखार व दर्द की दवा आइबूप्रोफेन एंड पैरासिटामोल की टेबलेट्स में पन्नी निकली है। मरीज तीन गोली खा चुका था। इस बीच स्ट्रिप से एक गोली निकालते वक्त वह टूटी तो उसमें पन्नी मिली। उसने और गोलियों को तोड़ा तो दो-तीन में और निकली। पीड़ित इसका वीडियो व स्ट्रिप में बची अन्य टेबलेट्स लेकर भास्कर पहुंचा। भास्कर की जांच में भी उसकी शिकायत सही निकली। जिला ड्रग वेयर हाउस के प्रभारी डॉ. दीपक तंवर का कहना है कि मरीज की शिकायत पर दवा के दुबारा सैंपल करवाए जाएंगे। पहले भी सैंपल अमानक मिलने पर एक कंपनी को ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका है।

भास्करएक्सक्लूसिव

जिले के अस्पतालों में 400 से अधिक निशुल्क दवाएं, तीन जगह सैंपलिंग के दावे के बावजूद ऐसी लापरवाही

मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत जिले में करीब 400 से अधिक दवाएं सप्लाई हो रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि सप्लाई करने से पहले जयपुर में राजस्थान मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन लिमिटेड इनकी सैंपलिंग करता है। इसके बाद जिला दवा वेयर हाऊस व संबंधित अस्पताल में भी सैंपल लेकर जांच करवाई जाती है।

जयपुर से पास होने के बावजूद बांगड़ अस्पताल तक पहुंची कमजोर गुणवत्ता की दवाई, पहले भी एक फार्मा कंपनी ब्लैकलिस्टेड की जा चुकी, एक सैंपल हो चुका है फेल

पाली. पेरासिटामोल टेबलेट, जिसके अंदर से निकला प्लास्टिक।

सबसे ज्यादा मरीजों को दी जाती है आइबूप्रोफेन-पैरासिटामोल टेबलेट, उसी की गुणवत्ता पर संदेह

जिस टेबलेट में पन्नी मिली है वह मरकरी लेबोरेट्री, गुजरात की है। इस दवा में आइबूप्रोफेन व पैरासिटामोल कंटेंट है जो दर्द निवारक और बुखार के लिए दी जाती है। इसी कंटेंट की दवाइयों में पहले भी शिकायत आई थी। जिसके तीन सैंपल लिए थे, इनमें से एक सैंपल फेल हो गया। बाकी की रिपोर्ट अभी तक पेंडिंग है।

जयपुर आरएमएससीएल ने पास किया विटामिन सप्लीमेंट, पाली में हो गया फेल, कंपनी ब्लैक लिस्टेडचिकित्सा विभाग के अनुसार जेक्सन कंपनी की विटामिन सप्लीमेंट की सप्लाई आरएमएससीएल से सैंपल पास होने पर आई थी। पाली ड्रग वेयर हाऊस पहुंचने पर इसकी फिर सैंपलिंग हुई, जिसमें वह फेल हो गए। इसके बाद कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया गया।

हम लोग गुणवत्ता से लेकर हर एंगल से दवाओं की सैंपलिंग करवाते हैं। इसके बाद भी गोली में से पन्नी निकली है तो पीड़ित वह दवा संबंधित अधिकारियों को भिजवा दे। सैंपल मंगवाकर उसकी जांच करवाएंगे। गड़बड़ी हुई तो कंपनी पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की जाएगी। -महावीर प्रसाद शर्मा, एमडी, आरएमएससीएल, जयपुर

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Web Title: अस्पतालों तक पहुंचने से पहले निशुल्क दवा की 3 बार जांच, फिर भी पैरासिटामोल में निकल रही पन्नी
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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