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सोमवार रात बांगड़ हॉस्पिटल में जन्म दिया था बेटी को, 37 घंटे बाद बुधवार दोपहर एमसीएच सेंटर के पालना गृह में छोड़ा

बेटी बड़ी हो तो कोई पिता का नाम नहीं पूछे, इसी डर से 30 दिन पहले बालिग हुई दुष्कर्म पीड़िता पालने में छोड़ गई बेटी को...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:35 PM IST
बेटी बड़ी हो तो कोई पिता का नाम नहीं पूछे, इसी डर से 30 दिन पहले बालिग हुई दुष्कर्म पीड़िता पालने में छोड़ गई बेटी को समाज के सहारे


सोमवार रात बांगड़ हॉस्पिटल में जन्म दिया था बेटी को, 37 घंटे बाद बुधवार दोपहर एमसीएच सेंटर के पालना गृह में छोड़ा

पाली. एक दुष्कर्म पीड़िता ने बेटी को जन्म देकर उसे समाज के ही सुपुर्द कर दिया है। सोमवार रात बांगड़ हॉस्पिटल में बच्ची को जन्म देने के बाद उसे एमसीएच सेंटर के पालना गृह में छोड़ दिया। पीड़िता 1 जनवरी को ही बालिग हुई है। उसके परिजनों का आरोप है कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ था। पोस्को एक्ट में जिले के एक थाने में मामला भी दर्ज करवाया। आरोपी अब जमानत पर छूट गया। बच्ची बड़ी होगी तो समाज पिता का नाम पूछेगा। इसीलिए इसको समाज के ही सुपुर्द करना हमारी मजबूरी है। पीड़िता इस संतान को जन्म नहीं देना चाहती थी। इसलिए चार माह पहले गर्भपात की इच्छा जताई थी। लेकिन डॉक्टरों ने स्वास्थ्य कारणों से इसकी इजाजत नहीं दी। इसी कारण उसने बच्ची को जन्म दिया है।

- चार माह पहले पीड़िता ने इच्छा जताई थी गर्भ नहीं रखने की, स्वास्थ्य कारणों से डॉक्टरों ने मना किया तो जन्म दिया

एमसीएच के पालनागृह में पहली बेटी आई-

पालना गृह में यह पहली बेटी आई है। काश यह रिकॉर्ड नहीं बनता। हालांकि इसका दूसरा पक्ष यह भी कि पालनागृह पहुंची तो वह सुरक्षित है। पालनागृह की स्थापना ही इसी उद्देश्य से की गई थी कि जिन बच्चों को किसी भी वजह से उनके माता-पिता नहीं रखना चाहते, उन्हें यहां सुरक्षित हाथों में सौंपा जाए।

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बच्ची यूं तो पूरी तरह स्वस्थ है लेकिन उसकी देखभाल के लिए उसे एफबीएनसी वार्ड में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसे एक माह तक भर्ती रखा जाएगा।

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