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एनजीटी दिल्ली में हुई पाली के प्रदूषण की सुनवाई

एक्सपर्ट कमेटी 3 दिन पहले ही आई, उसकी निरीक्षण रिपोर्ट आनी है, इसके बाद जवाब देंगे : एमएस 6 महीने हो गए, क्या...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:35 PM IST
एक्सपर्ट कमेटी 3 दिन पहले ही आई, उसकी निरीक्षण रिपोर्ट आनी है, इसके बाद जवाब देंगे : एमएस

6 महीने हो गए, क्या सदस्यों को वक्त नहीं सदस्य कम को बढ़ा देंगे, जल्द रिपोर्ट दो: एनजीटी


एनजीटी दिल्ली में हुई पाली के प्रदूषण की सुनवाई

भास्कर संवाददाता | पाली

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) ने प्रदूषण मामले को लेकर बुधवार को दिल्ली में हुई सुनवाई के दौरान एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट नहीं आने पर गहरी नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान मौजूद प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव व कमेटी के सदस्य केपीए अरूणप्रसाद के रिपोर्ट आने पर ही जवाब देने पर एनजीटी ने कहा 6 महीने में निरीक्षण नहीं किया जा गया। अगर किसी सदस्य के पास वक्त नहीं है, तो सदस्य बढ़ा देंगे। 6 सप्ताह में प्रदूषण की पूरी स्थिति का आकलन करके रिपोर्ट पेश करनी होगी। बैंच ने किसानों की तरफ से पेश किए गए फोटोग्राफ्स भी पत्रावली पर लेने के आदेश दिए हैं।

दिल्ली में हुई सुनवाई के दौरान एनजीटी के जज यूडी साल्वी तथा नगीन नंदा के समक्ष किसानों ने कहा कि एनजीटी के आदेशों की पालना नहीं हो रही। नेहड़ा बांध का पानी खराब हो गया। नदी में पानी भरा पड़ा है। ट्रीटमेंट प्लांट में टीडीएस तो अनट्रीट पानी को ट्रीट करने के बाद उससे बढ़ा हुआ आ रहा है। इस पर सुनवाई में मौजूद सदस्य सचिव केपीए अरूण प्रसाद से सवाल-जवाब किए गए। प्लांट से ओवरफ्लो होकर रंगीन पानी बाहर जाने के किसानों के फोटोग्राफ्स को लेकर सीईटीपी की तरफ से सफाई पेश की। सदस्य सचिव से पूछने पर कहा कि उनको पता चलने पर प्लांट की बैंक गारंटी जब्त करने तथा मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। किसानों की तरफ से बैंच से अनुमति मांगकर किसान नेता महावीरसिंह सुकरलाई ने अपना पक्ष रखा। सीईटीपी की तरफ से वरिष्ठ एडवोकेट पिनाकी मिश्रा, विनय कोठारी, किसान पर्यावरण संघर्ष समिति की तरफ से दीपेश चौधरी तथा सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने पैरवी की। इस दौरान सीईटीपी से सहसचिव एसपी चौपड़ा, कोषाध्यक्ष प्रमोद लसोड़, किसान पर्यावरण संघर्ष समिति के महावीरसिंह सुकरलाई व गिरधारीसिंह धोलेरिया तथा राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव केपीए अरूण प्रसाद, आरओ राजीव पारीक तथा कनिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी हितेश उपाध्याय भी मौजूद थे।

सभी पक्षों ने अपने-अपने तर्क पेश कर कोर्ट में बताए हालात

किसान- नेहड़ा बांध में बरसाती का पानी आने पर विद्युत चालकता 1 थी, अब बढ़कर 6 हो गई, यह पानी ना पीने के योग्य और न ही खेती की जा सकती। 3 फोटोग्राफ्स में बताया प्लांट से पानी बाहर छोड़ रहे, टास्क फोर्स निष्प्रभावी, सीओडी-बीओडी बढ़ रहा, मेटल व टीडीएस को मानक से कई गुना ज्यादा

सदस्य सचिव- एक्सपर्ट कमेटी दो दिन पहले ही आकर गई, रिपोर्ट आनी है। प्लांट से बाहर पानी आने की जानकारी के बाद प्लांट-6 की एवज में सीईटीपी की 5 लाख रुपए की बैंक गारंटी जब्त कर रहे, साथ ही मुकदमा भी दर्ज कराने की तैयारी, प्लांट अब सही हालत में।

सीईटीपी- मोटर खराब होने के कारण यह स्थिति हो गई थी, एक-दो बार ट्रीट पानी की सीओडी-बीओडी बढ़ गई थी। अब प्लांट पूरी तरह से निर्धारित मानक पर है। प्रदूषण को पूरी तरह से नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एनजीटी के आदेशों की पूरी पालना की जा रही है।

एनजीटी बैंच ने कहा- अब प्रदूषण हालात की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर पेश करनी होगी

सभी पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों को वक्त नहीं मिल रहा है तो सदस्य बढ़ा देंगे, मगर जल्द ही पूरी रिपोर्ट बनाकर देनी होगी, इसमें खेत से लेकर शहर में प्रदूषण को लेकर क्या प्रभाव हो रहा है। इस बारे में पूरी जानकारी प्वाइंट-टू-प्वाइंट बनाकर 6 सप्ताह में देनी होगी।

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