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पारे की उठापटक से अभी से हरकत में आया डेंगू

तनवीर अहमद / सुरेन्द्र स्वामी |जयपुर पारे में लगातार बढ़ोतरी वाले फरवरी में इस बार तापमान में भारी उतार-चढ़ाव...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:10 AM IST
तनवीर अहमद / सुरेन्द्र स्वामी |जयपुर

पारे में लगातार बढ़ोतरी वाले फरवरी में इस बार तापमान में भारी उतार-चढ़ाव रहा। कभी रात का तापमान सीधे 20 डिग्री पार चला गया तो अगले ही दिन लुढ़ककर 14-15 डिग्री पर आ गया। कभी नमी रही तो कभी झुलसाने वाली गर्मी और कभी बादल। नतीजा यह हुआ बरसात के दिनों में फैलने डेंगू के मच्छर एडीज एजिप्टाई ने अभी से पैर पसार लिए। अकेले जयपुर में पिछले दो महीने में सामने आए डेंगू के 322 पॉजिटिव मामलों ने चिकित्सा विभाग नींदें उड़ा दीं। पिछले दो साल का रिकाॅर्ड देखें तो जनवरी-फरवरी 2016 में डेंगू के केवल दो केस आए थे, जबकि 2017 में इन दो महीनों में केवल छह लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई थी। चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी मान रहे हैं कि तापमान में बदलाव के कारण इस बार ज्यादा केसेज मिले है।

बारिश की बीमारी ठंड में : डॉक्टरों का कहना है कि बारिश की बीमारी ठंड में आना आश्चर्यजनक है। ज्यादा केस का कारण तापमान में बदलाव होना भी है। अकेले एसएमएस अस्पताल में माइट या पिस्सू के काटने से स्क्रब टाइफस के नए साल में 51 केसेज मिले हैं और एक की मौत हो गई।





इसके अलावा मार्च में भी केसेज बढ़ने की संभावना है। चिकित्सा विभाग व नगर निगम की ओर से फोगिंग, एंटीलार्वा गतिविधि, कूलरों व टंकियों में एकत्र पानी को पूरी तरह से साफ नहीं करना गंभीर चूक है। दोनों विभाग जब चेता तो डेंगू के 300 मामले पार हो चुके थे। और अब ‘स्वास्थ्य दल-आपके द्वार’ अभियान चलाया है।

2 माह में सामने आए 322 पॉजिटिव मामलों ने विभाग नींदें उड़ा दीं

जयपुर में स्वाइन फ्लू के 686 मामले

डेंगू के साथ-साथ स्वाइन फ्लू के मिशिगन वायरस को उपयुक्त वातावरण मिलने से लगातार सक्रिय हो रहा है। अकेले जयपुर में जनवरी-फरवरी में अब तक 686 पॉजिटिव मिले हैं। अौर इनमें से 30 लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं।

क्यों है इतना वेरियेशन

इस बार मौसम विभाग व अन्य मौसम एजेंसियों ने पहले ही चेता दिया था कि सर्दी इस बार लंबी पड़ने वाली है। हालांकि तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं हुई, लेकिन 7 से 11 डिग्री का तापमान लंबे समय चला। उधर पश्चिमी विक्षोभ भी ज्यादा असरदार नहीं रहे। ऐसे में बारिश नहीं होने से तापमान बढ़ता रहा, जबकि उत्तर भारत से आई ठंडी हवाओं और वहां हो रही बर्फबारी से तापमान गिरता भी रहा।