• Hindi News
  • Rajasthan
  • Pali
  • Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
--Advertisement--

विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला

विधानसभा चुनाव से ठीक 3 माह पहले हुए छात्रसंघ चुनावों में जिले की सबसे बड़ी बांगड़ कॉलेज में एनएसयूआई ने चारों...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 05:36 AM IST
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
विधानसभा चुनाव से ठीक 3 माह पहले हुए छात्रसंघ चुनावों में जिले की सबसे बड़ी बांगड़ कॉलेज में एनएसयूआई ने चारों पदों पर धमाकेदार जीत दर्ज की। एनएसयूआई के राजेंद्रसिंह राजपुरोहित पिलोवनी एबीवीपी के मुकेश सेलारिया को 684 मतों के बड़े अंतर से हराकर बांगड़ कॉलेज के 31वें अध्यक्ष बने। यहां चारों पद पर एनएसयूआई का पैनल जीता। वहीं गर्ल्स कॉलेज में 5 साल से अजेय एबीवीपी का सूपड़ा साफ हो गया। गर्ल्स कॉलेज में निर्दलीय मानसी राजपुरोहित ने एनएसयूआई की मूमल भाटी को 59 वोटों से हराया। वहीं बाकी तीनों पद पर एनएसयूआई का परचम लहराया। लॉ कॉलेज में लगातार 9वें साल एबीवीपी के प्रत्याशी जितेंद्र मेवाड़ा जीते। यहां निर्दलीय प्रत्याशी सूरज राठौड़ के साथ बराबरी का मुकाबला रहने पर लॉटरी से निर्णय हुआ। लॉ कॉलेज में चारों पद एबीवीपी के खाते में गए। जिले में 7 सरकारी कॉलेजों में हुए चुनाव में चार पर एबीवीपी तो एक पर एनएसयूआई के प्रत्याशी अध्यक्ष बने। जबकि 2 कॉलेजों में निर्दलीय प्रत्याशी जीते। निजी कॉलेजों में एसपीयू फालना में एबीवीपी प्रत्याशी जीते तो एलपीएस कॉलेज विद्याबाड़ी व तेरापंथ कॉलेज, राणावास में निर्दलीय प्रत्याशी जीते। यहां छात्र संगठनों ने प्रत्याशी नहीं उतारे थे।

लॉ कॉलेज में निर्दलीय व एबीवीपी में बराबर का मुकाबला- नियम लागू हुआ और लॉटरी से जीते जितेंद्र : निर्दलीय प्रत्याशी सूरज राठौड़ व एबीवीपी के जितेंद्र मेवाड़ा को 49-49 मत मिले। दुबारा गणना में भी यही नतीजा रहा तो लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार लॉटरी से फैसला हुआ। फैसला जितेंद्र मेवाड़ा के पक्ष में आया।

(संबंधित समाचार पेज 18 पर)

एबीवीपी 4, निर्दलीय 2, एनएसयूआई 1

बेटी की जीत की खुशी

गर्ल्स कॉलेज में मानसी राजपुरोहित के जीत की सूचना मिलते ही उनके पिता कॉलेज पहुंचे और बेटी को गोद में भर लिया। यह देख उनके समर्थक भी नाचने लगे।

बांगड़ कॉलेज में राजेंद्रसिंह राजपुरोहित 31 वें तो गर्ल्स में मानसी 17वीं अध्यक्ष

प्रकाश धोका 1961 में बने थे पहले अध्यक्ष, तीन साल रहे

वर्ष 1961 में बांगड़ कॉलेज बना। यहां से प्रकाश धोका पहली बार छात्रसंघ के अध्यक्ष बने। वे तीन साल तक इस पद पर रहे। उनके बाद पदम गादिया अध्यक्ष बने। धोका अभी 74 साल के हैं और सक्रिय हैं।

5 साल से गर्ल्स कॉलेज में अजेय एबीवीपी का सूपड़ा साफ

गर्ल्स कॉलेज में जहां एबीवीपी का पलड़ा हर बार भारी रहता है, इस बार टिकट वितरण से लेकर पूर्व पदाधिकारियों की नाराजगी भारी पड़ गई। नतीजा यह रहा कि वह एक भी पद पर नहीं जीत सकी।

विधानसभा से पहले छात्रसंघ चुनावों के नतीजे कुछ कहते हैं

यूथ ने एनएसयूआई को नकारा जरूर, लेकिन विपक्ष बराबरी का दिया है

पाली के लॉ कॉलेज में लॉटरी से मिली जीत के कारण जिले में बढ़त मिली एबीवीपी को

बांगड़ कॉलेज

राजेंद्रसिंह राजपुरोहित

(एनएसयूआई) 1434

जीत का अंतर : 684

भाजपा-कांग्रेस के लिए छात्रसंघ चुनाव के नतीजों के मायने क्या ?

एबीवीपी की जीत का सबसे कारण- गांव-ढाणी तक संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता, भाजपा के बड़े नेताओं की मॉनिटरिंग

विधानसभा चुनाव में ये मुद्दे महत्वपूर्ण रहेंगे, जो छात्रसंघ में निर्णायक बने

1. टिकट वितरण में जातीय समीकरण- एनएसयूआई की हार का सबसे बड़ा कारण यही। जिले के सबसे बड़े कॉलेज में राजपूत, राजपुरोहित समीकरण को ध्यान में रखकर प्रत्याशी उतारा तो जीत गए। बाकी जगह भी यही समीकरण।

2. कार्यकर्ताओं की अनदेखी- बांगड़ कॉलेज का ही उदाहरण, अनदेखी के चलते एबीवीपी के पुराने कार्यकर्ता साथ छोड़ गए। नतीजे बदले। शहर में एबीवीपी का संगठन बिखरा रहा तो एनएसयूआई की कमान कुंपावतबंधुओं ने संभाली।

3. जमीनी स्तर पर काम- बाली, सोजत व जैतारण कॉलेजों में एबीवीपी ने टीमवर्क से एक-एक वोटर को पकड़ा। बांगड़ में यही काम एनएसयूआई ने किया तो जीते। दोनों संगठनों ने चूक की तो सुमेरपुर व पाली गर्ल्स कॉलेज में सीटें गंवा दी।

गर्ल्स कॉलेज

मानसी राजपुरोहित

(निर्दलीय) 186

जीत का अंतर : 59

लॉ कॉलेज

जितेंद्र मेवाड़ा

(एबीवीपी) 49

लॉटरी से मिली जीत

लॉ कॉलेज

जितेंद्र मेवाड़ा

(एबीवीपी) 49

लॉटरी से मिली जीत

सुमेरपुर कॉलेज

गजेंद्र दहिया

(निर्दलीय छा.सं.) 391

जीत का अंतर 140

सोजत कॉलेज

खुशी राजपुरोहित

(एबीवीपी) 477

जीत का अंतर 100

एनएसयूआई क्यों हारी- बड़े नेताओं की गुटबाजी के चलते उनका साथ नहीं मिला, कमजोर नेतृत्व,

जैतारण कॉलेज

सूरज कुमावत

(एबीवीपी) 247

जीत का अंतर 125

बाली कॉलेज

परेश कुमार

(एबीवीपी) 232

जीत का अंतर 80

Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
X
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Pali - विधानसभा चुनाव से 3 माह पहले लोकतंत्र के प्रथम मतदाताओं का फैसला
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..