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यूडीएच अफसर-मंत्री जवाब देने को तैयार नहीं, धरने का 1 माह पूरा

पृथ्वीराज नगर में 6 प्रमुख मांगों को लेकर चल रहे धरने के 31 दिन पूरे हो गए। हालांकि यूडीएच अफसर-मंत्री की हठधर्मिता...

Danik Bhaskar

May 18, 2018, 03:15 AM IST
पृथ्वीराज नगर में 6 प्रमुख मांगों को लेकर चल रहे धरने के 31 दिन पूरे हो गए। हालांकि यूडीएच अफसर-मंत्री की हठधर्मिता ऐसी कि विकास की मांगों को सुनने के लिए भी तैयार नहीं हो पाए। इसके चलते क्षेत्र में सरकार के इस रवैये के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। स्थानीय बीजेपी विधायकों के प्रति भी नाराजगी बढ़ रही है। मुद्दे को अब कांग्रेस भुनाने में लगी है। कुछ लोगों से शुरू हुआ धरना अब विरोध-प्रदर्शन के 31 दिन पूरे कर चुका, इस समयावधि में कई संगठन, व्यापार मंडल सहित बड़ी संख्या में लोग जुड़ते जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब घर-घर तक पोस्टकार्ड लिख धरने को समर्थन मांगा जा रहा है। जिसमें लोगों की भागेदारी देखते ही बन रही है, क्योंकि क्षेत्र के विकास का मुद्दा हावी है। बीजेपी सरकार ने जिस पृथ्वीराज नगर के नियमन की घोषणा कर लोगों को जो भारी राहत देने की बात कही थी, वहां अब जेडीए, यूडीएच विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में फेल रहे हैं तो सरकार के हाथ से श्रेय लेने के दावे-वादे फिसलकर टूटते दिख रहे हैं। क्षेत्रवासियों के निशाने पर अब सांसद भी आ रहे हैं, जो क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि ही दिखते हैं, जबकि समस्याओं पर राहत के छींटे देने का समय नहीं निकाल पाए। इसके चलते दो दिन से उनके खिलाफ भी खूब नारेबाजी हो रही है।

पृथ्वीराज नगर में एक माह से 6 प्रमुख मांगों को लेकर चल रहा है धरना।

विकास की 6 मांगें, जेडीए ने 3 सरकार पर डाली

सड़कों : 438 कॉलोनियों में से 436 में बन चुकी। 20 करोड़ के टेंडर लगा दिए।

बिजली : काम चल रहा है

सीवरेज : क्षेत्रवासी पहले चाहते हैं, लेकिन जेडीए की आर्थिक स्थिति कमजोर। जिसके चलते सालाना 50 करोड़ के काम करने की बात कही जा रही है।

सरकार के हिस्से की ये मांगे

पानी : सबसे बड़ी जरूरत, जिसके लिए ठोस समाधान नहीं। कुछ हिस्से के लिए टेंडर किए जा रहे हैं।

अस्थायी कनेक्शन: मामला कोर्ट में विचाराधीन, सरकार से समाधान की मांग पर हल नहीं।

छूट: जिन स्कीमों में पहले कैंप लगे, वहां अब पट्टा लेने आने वालों को छूट की मांग पर फैसला नहीं।



सरकार अनसुना कर रही थी, इधर कोर्ट ने याचिका मंजूर कर सुनवाई जोधपुर भेजी

लीगल रिपोर्टर. जयपुर | हाईकोर्ट ने पृथ्वीराज नगर क्षेत्र की कॉलोनियों में सड़क, बिजली, पानी व सीवरेज सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं होने को चुनौती देने के मामले की सुनवाई जाेधपुर मुख्यपीठ को भेज दी है। अदालत ने कहा कि यह मामला महत्वपूर्ण है और इस मामले में सुनवाई होनी चाहिए। जोधपुर मुख्यपीठ में भी ऐसा ही मामला चल रहा है। इसलिए इस मामले की सुनवाई भी वहीं होनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नांद्रजोग व न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने यह अंतरिम निर्देश बुधवार को राजेश महर्षि व पृथ्वीराज नग जन अधिकार संघर्ष समिति के अध्यक्ष घनश्याम सिंह की जनहित याचिका पर दिया। अदालत ने माना कि जहां पर जेडीए विकास कर रहा है उन जगह पर लोगाें को मूलभूत सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। याचिका में कहा था कि जेडीए ने पृथ्वीराज नगर की 437 कॉलोनियों को नियमित कर 32000 भूखंडों के पट्टे जारी किए हैं। जेडीए ने इन भूखंडों को नियमित करने की एवज में स्थानीय लोगों से 850 करोड़ रुपए का शुल्क लिया है। लेकिन करोड़ों रुपए विकास शुल्क लेने और कॉलोनियों को नियमित करने के बाद भी यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं सड़क, बिजली, पानी, पार्क, अस्पताल, स्कूल व सीवरेज सहित अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा रहीं। जबकि हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर 2010 के आदेश से राज्य सरकार को पृथ्वीराज नगर को विकसित करने का निर्देश दिया था। इसलिए पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।

पृथ्वीराज नगर में मूलभूत सुविधाओं का मामला

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