• Hindi News
  • Rajasthan
  • Pali
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिन्हें काम के लिए दिया जीरो, गृह मंत्रालय मानता है उन्हें एंटी करप्शन का हीरो
--Advertisement--

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिन्हें काम के लिए दिया जीरो, गृह मंत्रालय मानता है उन्हें एंटी-करप्शन का हीरो

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:30 AM IST

Pali News - चर्चित भारतीय वन सेवा अधिकारी और व्हिसल ब्लोअर संजीव चतुर्वेदी को लेकर भाजपा सरकार के अंदर ही जबरदस्त कंफ्यूजन...

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिन्हें काम के लिए दिया जीरो, गृह मंत्रालय मानता है उन्हें एंटी-करप्शन का हीरो
चर्चित भारतीय वन सेवा अधिकारी और व्हिसल ब्लोअर संजीव चतुर्वेदी को लेकर भाजपा सरकार के अंदर ही जबरदस्त कंफ्यूजन है। गृह और वन मंत्रालय उन्हें अपने अफसरों को एंटी-करप्शन का पाठ पढ़ाने के लिए बुला रहा है। जबकि हरियाणा में खट्‌टर सरकार उनके खिलाफ रद्द चार्जशीट को बहाल कराने के लिए केस की पैरवी कर रही है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो साल पहले एम्स में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्हें काम के आधार पर जीरो नंबर दिए थे। हैदराबाद स्थित केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली संस्था सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी की ओर से एंटी-करप्शन पर पांच दिन का एक कोर्स तैयार किया गया है। इस कोर्स में शामिल होने के लिए देशभर से 21 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और पुलिस महानिरिक्षक (आईजी) शामिल हो रहे हैं। संजीव चतुर्वेदी को क्लास लेने के लिए बुलाया गया है। संजीव को एंटी-करप्शन के खिलाफ एक्शन लेने में किस तरह की चुनौतियां आती हैं, इस पर क्लास लेनी है। 14 से 18 मई तक पांच दिनों का कोर्स होगा। उधर, वन और पर्यावरण मंत्रालय की ओर से भी संजीव को सुशासन, भ्रष्टाचार और कारगर तरीके से कैसे काम किया जाए इस पर क्लास लेने के लिए 7 मई को नैनीताल बुलाया गया है।

संजीव की क्लास में देशभर के 30 से 35 भारतीय वन सेवा के अधिकारी मौजूद होंगे। उत्तराखंड से पहले संजीव का कैडर हरियाणा था। वहां काम के दौरान कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार ने दो-दो बार चार्जशीट किया और दोनों बार राष्ट्रपति की ओर से चार्जशीट को खत्म किया गया। यही नहीं, राष्ट्रपति ने कहा कि संजीव ईमानदारी से काम कर रहे थे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे थे।





हुड्‌डा सरकार राष्ट्रपति के फैसले को बदलवाने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट चली गई।

पहले खट्‌टर सरकार ने कहा था केस वापस लेंगे लेकिन अब राज्य सरकार संजीव के खिलाफ केस की पैरवी कर रही है। दूसरे मामले में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर एम्स में काम के दौरान 2015-16 के काम के आधार पर उन्हें जीरो नंबर दिया गया था। इसके खिलाफ अब वे अदालती लड़ाई लड़ रहे हैं।

एक आईएफएस को लेकर कंफ्यूज एक राज्य सरकार और केंद्र के 3 मंत्रालय

X
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिन्हें काम के लिए दिया जीरो, गृह मंत्रालय मानता है उन्हें एंटी-करप्शन का हीरो
Astrology

Recommended

Click to listen..