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दुनिया की बड़ी कंपनियों का ग्रीन मिशन

एजेंसी |न्यूयॉर्क/कुपर्टिनो दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां एनर्जी एफिशिंयट और ग्रीन बिल्डिंग बना रही हैं। ताकि...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 04:20 AM IST

एजेंसी |न्यूयॉर्क/कुपर्टिनो

दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां एनर्जी एफिशिंयट और ग्रीन बिल्डिंग बना रही हैं। ताकि जितनी ऊर्जा की जरूरत है वे खुद ही पूरी कर लें। इससे पर्यावरण को भी कम नुकसान पहुंचता है। ऑफिस के आउटडोर एरिया को बड़ा रखा जा रहा है तािक कर्मचारियों को भी साफ और सेहतमंद माहौल मिल सके। इंटीरियर डिजाइनिंग में प्रकृति को शामिल किया जा रहा है। न्यूयॉर्क की पब्लिक सेफ्टी आंसरिंग सेंटर की बिल्डिंग में लिविंग वॉल बनाई गई हैं। गेट्स फाउंडेशन के सिएटल स्थित हेडक्वार्टर में 10 लाख गैलन क्षमता वाला टैंक बनाया गया है। एपल ने अपने दुनियाभर के ऑफिसों को रिन्यूएबल एनर्जी वाला बना दिया है।

गेट्स फाउंडेशन के ऑफिस में बारिश के पानी से होते हैं सभी काम, अमेरिकी कॉल सेंटर की सभी दीवारें और एपल के सभी ऑफिस ग्रीन

गेट्स फाउंडेशन: 10 लाख गैलन का वाटर टैंक

70 बिल्डिंग हैं दुनिया भर में अभी तक जीरो एनर्जी सर्टिफिकेट पाने वाली।

सिएटल | यह बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन का हेडक्वार्टर है। यहां 10 लाख गैलन क्षमता वाला पानी का अंडरग्राउंड टैंक है। इसमें बारिश का पानी जमा होता है। इसका इस्तेमाल टॉयलेट, लैंडस्केपिंग और रिफ्लेक्टिंग पूल में होता है। दूसरे टैंक में ठंडा पानी रहता है। दिनभर इस पानी को बिल्डिंग में सर्कुलेट किया जाता है। इससे बिल्डिंग ठंडी रहती है,ऊर्जा कम खर्च होती है। रात को इसी पानी को दोबारा ठंडा किया जाता है।

11 बिल्डिंग थी 2013 तक जीरो एनर्जी सर्टिफिकेट पाने वाली।

402 रजिस्टर्ड ग्रीन बिल्डिंग हैं दुनिया में, इन्हें सर्टिफिकेशन नहीं दिया गया है।

न्यूयॉर्क पब्लिक कॉल सेंटर : पौधे बने नेचुरल एयर फिल्टर

न्यूयॉर्क | स्थित पब्लिक सेफ्टी आंसरिंग सेंटर की बिल्डिंग है। अमेरिका में यह 911 (कॉल सेंटर) नाम से चर्चित है। इसके लैंडस्केप को पानी देनेे की जरूरत नहीं पड़ती। बिल्डिंग के अंदर ग्रीन वॉल बनाई गई है। यानी दीवार पर पौधे लगाए गए हैं। ये नेचुरल एयर फिल्टर का काम करते हैं। प्रबंधन का कहना है कि कॉल सेंटर का माहौल वैसे ही तनाव से भरा होता है। ऐसे में नेचर की करीबी वर्कर्स को सुकून देती है।

12 महीने का परफॉर्मेंस डेटा और एनर्जी बिल का डेटा पेश करना पड़ता है सर्टिफिकेशन के लिए।

एपल : 43 देशों में 100% रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल

कुपर्टिनो | एपल ने बताया है कि 43 देशों में फैले उसके रिटेल आउटलेट्स पूरी तरह ग्रीन हो गए हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, भारत और चीन में कंपनी के सभी ऑफिस 100% रिन्यूएबल एनर्जी इस्तेमाल कर रहे हैं। जरूरतें पूरी करने के लिए ये ऑफिस सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा के साथ बायोगैस और माइक्रोहाइड्रो जनरेशन की मदद ले रहे हैं। डाटा सेंटर तो 2011 से ही ग्रीन एनर्जी पर चल रहे हैं। इससे ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन 54% घटा है।

1.25 लाख फुल टाइम एम्प्लॉयी हैं दुनियाभर में एपल के।

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