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जांभाणी हरि कथा में संत ने टूटते रिश्तों के कई कारण बताए

करड़ा. खारा गांव में उपस्थित समाजबन्धु व कथा करते संत राजेन्द्रानंद। संयंमित वाणी बोलने की सीख दी भास्कर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:05 AM IST

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    करड़ा. खारा गांव में उपस्थित समाजबन्धु व कथा करते संत राजेन्द्रानंद।

    संयंमित वाणी बोलने की सीख दी

    भास्कर न्यूज | करडा़

    निकटवर्ती खारा गांव के बलवानी नाडी स्थित गुरु जंभेश्वर भगवान मंदिर पर चल रही जांभाणी हरि कथा के तीसरे दिन गुरुवार को कथावाचक स्वामी राजेन्द्रानंद महाराज ने उपस्थित लोगों से कहा कि मनुष्य को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए। वाणी से मित्र शत्रु व शत्रु भी मित्र बन सकता है। वाणी हमेशा संयमित बोलनी चाहिए। जिससे वाणी से किसी को ठेस नहीं पहुंचे। संत राजेन्द्रानंद ने कहा कि कटु बोली के कारण ही परिवार टूट जाते हैं, रिश्ते नाते टूट जाते हैं। प्रेम से मनुष्य तो क्या पशु को भी बदला जा सकता है। कथा को सुनने के लिए खारा समेत आस पास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

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