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7 बड़े कदमों में सर्जिकल स्ट्राइक को सबसे ज्यादा 82% ने सराहा

सर्वे में मोदी सरकार के ओवरऑल काम को काफी सराहा गया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में विदेश में देश की साख बढ़ने को 56%...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 06:00 AM IST

  • 7 बड़े कदमों में सर्जिकल स्ट्राइक को सबसे ज्यादा 82% ने सराहा
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    सर्वे में मोदी सरकार के ओवरऑल काम को काफी सराहा गया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में विदेश में देश की साख बढ़ने को 56% लोगों ने पसंद किया। वहीं, महंगाई न रोक पाना और बेरोजगारी को 54% लोग मोदी सरकार की सबसे बड़ी विफलता मानते हैं।

    मोदी की 6 बड़ी योजनाओं में सबसे पीछे मुद्रा योजना और स्मार्ट सिटी रही। स्वच्छ भारत योजना को जहां सबसे अधिक 90%, वहीं मुद्रा योजना को सबसे कम 58% लोगों ने पसंद किया। स्मार्ट सिटी को 11% और मुद्रा योजना को 21% लोग जानते ही नहीं। मुद्रा योजना को न जानने वालों में कारोबारियों की संख्या (16%) काफी अधिक रही। वहीं, उज्ज्वला योजना से 11% लोग अनजान हैं।

    मोदी सरकार के इन चार साल के सबसे बड़े 7 कदमों में सबसे अधिक 82 फीसदी लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक को पसंद किया। 2017 के सर्वे में भी सबसे अधिक 83% लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक पर खुशी जाहिर की थी। वहीं, दूसरे नंबर पर 12 साल से कम की बच्चियों से दुराचार करने वालों को फांसी के प्रावधान को पसंद किया गया। 80% लोगों ने इसे सराहा। तीसरे नंबर पर तीन तलाक खत्म करने का फैसला रहा।

    नोटबंदी और जीएसटी का विरोध अब पहले से कम हो गया है। 2017 के सर्वे में 52% लोगों ने नोटबंदी के तरीके पर नाराजगी जाहिर की थी और 57% ने जीएसटी को अच्छा माना था। इस सर्वे में 64% लोगों ने नोटबंदी को सफल बताया, वहीं 70% ने जीएसटी को सफल माना है।

    बुजुर्ग

    66 साल से ऊपर के बुजुर्ग सरकार के साथ

    66 साल से ऊपर के अधिकतर बुजुर्ग मोदी के पक्ष में ही खड़े दिखे। मोदी की लोकप्रियता और दोबारा सरकार बनाने जैसे सवालों पर 50% से अधिक लोगों ने मोदी का साथ दिया। राहुल की परिपक्वता और मोदी को टक्कर देने जैसे सवाल पर 58% ने कहा राहुल पहले जैसे ही हैं, मोदी से उनकी तुलना नहीं की जा सकती। 44% ने कहा- अगर विपक्ष एकजुट हो भी जाए तो भी मोदी को नहीं हरा सकता। 66% बुजुर्ग कहते हैं कि तीन तलाक के खात्मे का फैसला सही है।

    कारोबारी

    मुद्दों पर साथ, पर खुद से जुड़े फैसलों से नाराज

    कारोबारी सर्वे में थोड़े नाराज नजर आए। कई मुद्दों पर जहां औसतन मोदी को 60% से ऊपर समर्थन मिला, वहीं कारोबारियों का समर्थन 50% से नीचे रहा। हालांकि तीन तलाक के खात्मे, मोदी दोबारा सरकार बना सकते हैं...जैसे कुछ सवालों पर 60% से अधिक कारोबारी भी मोदी सरकार के फैसले का समर्थन करते हैं। लेकिन ओवरऑल ज्यादा नाराज होने वाले वर्ग के रूप में व्यापारी और कारोबारी ही सामने आए।

    गृहिणी

    गृहिणियों और महिलाओं की राय भी अलग-अलग

    12 साल से कम उम्र की बच्चियों के दुष्कर्मियों को फांसी के प्रावधान को 79% गृहिणियों ने सही फैसला बताया। इसी तरह तीन तलाक के खात्मे को 66% ने अच्छा बताया। वहीं, मोदी के दोबारा सरकार बनाने, लोकप्रियता, राहुल के परिपक्व होने व टक्कर देने जैसे सवाल पर गृहिणियों ने मोदी का एकतरफा समर्थन नहीं किया। इन्हीं मामलों में कामकाजी महिलाओं की राय गृहिणियों से अलग नजर आई।

    छात्र

    मोदी सरकार के काम से 18 से 25 साल के युवा सबसे खुश

    18 से 25 साल के युवाओं ने अधिकतर सवालों में मोदी सरकार का सबसे अधिक समर्थन किया। मोदी की दोबारा सरकार, विपक्ष हरा सकता है या नहीं? जैसे सवालों पर औसतन 60% से अधिक युवा मोदी के पक्ष में ही दिखाई दिए। 64% मानते हैं मोदी दोबारा सरकार बना सकते हैं। लोकप्रियता पहले से बढ़ी मानने वालों में सबसे अधिक ऐसे ही 53% युवा हैं। ऐसे ही 54% मानते हैं कि विपक्ष एकजुट हो भी जाए तो भी वह मोदी को हरा नहीं सकता।

    2019 के चुनावी फ्रेम में मोदी की योजनाएं और काम कितने फिट?

    6) सबसे ज्यादा 28% लोेगों ने कहा व्यापारियोें व कारोबारियों का मोदी सरकार पर भरोसा कम

    10)मोदी सरकार की इन योजनाओं को आप कैसा मानते हैं?

    90%लोगों ने कहा-स्वच्छ भारत सबसे अच्छी योजना

    (I) स्वच्छ भारत

    90% ने बताया-बहुत अच्छा। सबसे अधिक मिजोरम में 96% लोगों ने सराहा।

    (IV) उज्ज्वला

    77% ने कहा- बहुत अच्छी है। असम और मणिपुर में 92% लोगों ने इसे अच्छा बताया।

    12%ने कहा-बहुत खराब है। नागालैंड में 35% ने खराब कहा।

    08%ने कहा- बहुत खराब है ये योजना।

    11%ने कहा- जानते ही नहीं

    7) सबसे अधिक 32% ने कहा मोदी सरकार ने आम आदमी का भरोसा जीता

    02%ने कहा- जानते ही नहीं।

    (II) मेक इन इंडिया

    स्मार्ट सिटी को 11% और मुद्रा योजना को 21 फीसदी लोग जानते ही नहीं

    74% ने कहा-बहुत अच्छी है। मणिपुर के 91% लोगों ने इसे अच्छा बताया।

    (V) स्मार्ट सिटी

    66% ने माना- बहुत अच्छी है। मणिपुर में 92% लोगों ने इसे अच्छा बताया।

    23%ने कहा-बहुत खराब है। पंजाब में 36% ने इसे खराब बताया ।

    17%ने कहा- बहुत खराब है। असम में 76% ने इसे खराब बताया।

    8)मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि आप किसे मानते हैं?

    17% मानते हैं-भ्रष्टाचार रोकना सबसे बड़ी उपलब्धि

    56%

    लोग मानते हैं- विदेशों में देश की साख बढ़ना सबसे बड़ी उपलब्धि।

    9)मोदी सरकार की सबसे बड़ी विफलता कौन-सी है?

    नंबर-1 पर महंगाई-रोजगार, दो पर सांप्रदायिकता

    54%

    ने कहा : न महंगाई घटी- न रोजगार बढ़े। यही सबसे बड़ी विफलता है।

    09%ने कहा- जानते ही नहीं।

    11%जानते ही नहीं

    6 बड़ी योजनाओं में मुद्रा लोन सबसे पीछे, सिर्फ 58% साथ

    27% मानते हैं- स्वच्छता के प्रति जागरूकता मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

    (III) डिजिटल इंडिया

    76%

    ने माना- बहुत अच्छी है। मणिपुर के 92% लोगों ने इसे अच्छा बताया।

    18%ने कहा- बहुत खराब। असम में 76% ने इसे खराब कहा।

    06%ने कहा- जानते ही नहीं।

    (VI) मुद्रा लोन

    58% ने कहा- बहुत अच्छी है। मणिपुर में 91% लोगों ने इसे अच्छा बताया।

    21%ने कहा बहुत खराब है। नगालैंड में 41% ने कहा खराब ।

    तीन तलाक के खात्मे को 80% ने माना सफल, 82%गृहिणियों ने इसे सही बताया

    17% मानते हैं- मोदी मंत्रिमंडल में भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आना सबसे बड़ी उपलब्धि है।

    20% ने कहा-किसानों की आत्महत्याएं न रुक पाना सबसे बड़ी विफलता।

    26% ने माना- सांप्रदायिकता और जातिवाद बढ़ा, यह विफलता।

    21%ने कहा- जानते ही नहीं

    युवा 56% के लिए (26-35 साल) महंगाई, रोजगार न बढ़ना विफलता मानते हैं।

    महिला 59% महंगाई बढ़ने, रोजगार घटने को विफलता मानते हैं।

    11)मोदी सरकार के इन चार साल के सबसे बड़े 7 कदमों को आप कैसे देखते हैं?

    (I) नोटबंदी

    64%लोगों ने इसे सफल माना है।

    36% ने इसे विफल माना।

    (IV) तीन तलाक खात्मा

    सबसे ज्यादा  82% गृहिणियां इसे अच्छा मानती हैं।

    (VII) हर जगह आधार को अनिवार्य बनाना

    73%लोगों ने माना-सफल है।

    27% लोगों ने माना- विफल है।

    युवा 26 से 35 साल के 54% युवा विदेशों में साख बढ़ने को सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं।

    महिला 44% महिलाएं विदेशों में साख बढ़ने व 42% स्वच्छता को उपलब्धि मानती हैं।

    80%

    लोगों ने माना - सफल है।

    20%

    ने कहा- विफल है।

    कारोबारी 57% कारोबारी विदेशों में साख बढ़ने को ही मानते हैं बड़ी उपलब्धि।

    सबसे ज्यादा  55% ग्रेजुएट मानते हैं विदेशाें में साख को उपलब्धि।

    सबसे कम  16% ग्रेजुएट मानते हैं भ्रष्टाचार रोकने को उपलब्धि।

    कारोबारी 55% कारोबारी महंगाई, रोजगार न मिलने को विफलता मानते हैं। 26% के लिए सांप्रदायिकता बढ़ना विफलता।

    सबसे ज्यादा  46-55 साल के 56% लोगों ने महंगाई-बेरोजगारी को विफलता माना।

    सबसे कम  66 साल से ऊपर के 50% लोगों ने महंगाई, बेरोजगारी को विफलता माना।

    (II) जीएसटी

    70%लोगों ने इसे सफल माना है।

    30% ने विफल माना।

    (V) सर्जिकल स्ट्राइक

    82%लोगों ने माना- सफल है।

    18% लोगों ने कहा- विफल है।

    (VI) गरीबों के लिए 5 लाख तक का मेडिक्लेम

    69%लोगों ने माना- सफल है।

    31% लोगों ने कहा- विफल है।

    सबसे ज्यादा  66 साल के ऊपर के 73% लोगों ने इसे बेहतर बताया।

    सबसे ज्यादा  76% गृहिणियों ने इसे सफल बताया। वहीं पुरुषों के 73% के मुकाबले 70% महिलाओं ने ही इसे सफल बताया।

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