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चुनावी साल में एमसीआई ने दिया राजस्थान को तोहफा

दो साल में तीन निरीक्षण के बाद पाली समेत प्रदेश के पांच नए मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए एमसीआई ने मुहर लगा दी है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 02, 2018, 05:50 AM IST

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    दो साल में तीन निरीक्षण के बाद पाली समेत प्रदेश के पांच नए मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए एमसीआई ने मुहर लगा दी है। यानि, इस सत्र से मेडिकल कॉलेज के लिए 500 नई सीटें प्रदेश को मिली हैं। एमसीआई ने मंगलवार सुबह पाली मेडिकल कॉलेज को एलओपी भी जारी कर दिया है। जानकारी के अनुसार नवंबर में एमसीआई की टीम ने निरीक्षण किया था, लेकिन जनवरी माह में जारी की गई रिपोर्ट में फैकल्टी समेत इंफ्रास्ट्रक्चर और इससे जुड़े अस्पताल में 31 खामियां बताते हुए इस सत्र के लिए मान्यता देने से साफ इनकार कर दिया था। ऐसे में इस साल चुनावों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार को इसके लिए दखल देना पड़ा तथा इस सत्र के लिए फिर से निरीक्षण कर मान्यता देने की अपील की। इस पर अप्रैल में ही एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम ने पाली समेत प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों का दुबारा निरीक्षण किया। रिपोर्ट में एमसीआई ने साफ किया कि पूर्व में बताई सभी खामियों को पूरा किया गया। इस आधार पर पहले सत्र को लेकर मान्यता जारी की गई। गौरतलब है कि कॉलेज प्रबंधन ने 5 महीने में 31 खामियों को पूरा कर इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी गई।

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    यह पांच बड़े कारण इन्हीं की वजह से दो साल अटकी रही मान्यता, अब मिली

    फैकल्टी
    पूर्व में हुए निरीक्षण में फैकल्टी की कमी थी। 58 में से 27 फैकल्टी और 46 रेजिडेंट में से महज 6 रेजिडेंट थे। इस बार 52 फैकल्टी समेत 98 का क्लिनिकल और नॉन क्लिनिकल स्टाफ है। इसके अतिरिक्त 175 नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी भी पूरी कर ली गई।

    इंफ्रास्ट्रक्चर पहले 100 स्टूडेंट के बैच के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर कम था। अकादमिक विंग से लेकर होस्टल में खामियां निकली। हॉस्टल, क्लास, लैब और सेंट्रल लाइब्रेरी बनाई गई।

    हर बीमारी का अलग ओपीडी मेडिकल कॉलेज से जुड़े बांगड़ अस्पताल में कई कमियां बताई गई, निरीक्षण से पहले उसे भी पूरा किया गया। हर बीमारी की अलग से ओपीडी, सर्जिकल और मेडिसिन ओपीडी को अलग किया गया।

    सर्जिकल आईसीयू और सेंट्रल लैब एमसीआई की गाइडलाइन के अनुसार सर्जिकल आईसीयू और सेंट्रल लैब जैसी सुविधाएं भी जरूरी है। इसके लिए मेडिसिन और सर्जिकल आईसीयू को अलग कर उन्हें विकसित किया।

    सेंट्रल लाइब्रेरी, 300 बेड का अस्पताल पूर्व मेडिकल कॉलेज अस्पताल बांगड़ को 300 बेड का बनाने के साथ ही 1500 किताबों से सेंट्रल लाइब्रेरी की शुरुआत की गई और वेबसाइट जैसी खामी पूरी की।

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    पाली सहित प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेजों को मान्यता

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    देश में सबसे ज्यादा एक साल में प्रदेश को मिले पांच मेडिकल कॉलेज

    एमसीआई ने मंगलवार को प्रदेश में एक साथ पांच मेडिकल कॉलेज को मान्यता दी। इनमें पाली, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, भरतपुर और चूरू शामिल है।

    नए मेडिकल कॉलेजों में 500 नई सीटें आवंटित करवाकर सरकार ने खेला चुनावी दाव, बड़ी उपलब्धि गिनाएंगे

    इस साल चुनाव होने है और प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलेज एक साथ शुरू होना बड़ी उपलब्धि है और खासतौर पर राज्य सरकार इसे खोना नहीं चाहती थी इसी वजह से सरकार को भी दखल देना पड़ा। दो दिन पूर्व ही कोटा दौरे के दौरान सीएम वसुंधरा राजे ने एमसीआई की मान्यता की घोषणा की थी, हालांकि उस समय एमसीआई से एलोपी जारी नहीं होने से आधिकारिक घोषणा नहीं हो पाई थी।

    1 अगस्त से कॉलेज का पहला बैच, 100 मेडिकल स्टूडेंट से सत्र शुरू होगा

    कॉलेज प्रबंधन के अनुसार 1 अगस्त से मेडिकल कॉलेज का पहला बैच 100 मेडिकल स्टूडेंट के साथ शुरू होगा। इससे पूर्व कॉलेज प्रवेश के लिए नीट की परीक्षा देनी होगी और मेरिट के आधार पर कॉलेज का आवंटन किया जाएगा। इसमें इस बार पाली मेडिकल कॉलेज भी शामिल है।

    एमसीआई ने ओवरसाइट कमेटी के हवाले से निरीक्षण से मना किया था, सरकार ने दिया दखल

    दुबारा निरीक्षण के लिए भी जब फिर से आवेदन किया गया तो एमसीआई ने ओवरसाइट कमेटी का हवाला देते हुए दुबारा निरीक्षण के लिए भी मना कर दिया था। इसके बाद सरकार को दखल देना पड़ा। सांसद पीपी चौधरी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर दुबारा निरीक्षण कर मान्यता दिलाने की अपील की थी।

    दो साल में तीन बार निरीक्षण, दो बार बताई खामियां, इस बार 5 महीनों में ही खामियों को पूरा कर सौंपी रिपोर्ट

    एमसीआई ने इससे पूर्व दो बार और निरीक्षण किया था। दो साल में यह तीसरी बार था जब एमसीआई का निरीक्षण हुआ। दिसंबर 2016 में हुए निरीक्षण में न तो फैकल्टी नियुक्त थी और न ही बिल्डिंग बनकर तैयार थी। दूसरे साल के अंत तक फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरा किया। बावजूद इसके एमसीआई की टीम ने 31 खामियां बताते हुए मान्यता देने से मना कर दिया। इस बार 5 महीने में ही सभी खामियों को पूरा किया और एमसीआई से मान्यता ली।

    दैनिक भास्कर व मेडिकल कॉलेज फैकल्टी ने निरीक्षण व मान्यता के लिए चलाया था अभियान

    मेडिकल कॉलेज से जुड़ी हर बड़ी खबर सबसे पहले भास्कर ने ही प्रकाशित की

    मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर आ रहे संकट को लेकर दैनिक भास्कर व मेडिकल कॉलेज फैकल्टी ने निरीक्षण व मान्यता दिलाने को लेकर अभियान चलाया था। इसको लेकर खबरें भी प्रकाशित की थी। मान्यता दिलाने और एमसीआई का दुबारा निरीक्षण करवाने को लेकर दैनिक भास्कर व फैकल्टी ने केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी से बातचीत की थी। इसके बाद एमसीआई के हुए पुन: निरीक्षण के बाद भी अटकलें लगने पर एमसीआई को फैकल्टी ने दस्तावेज भी मेल किए थे।

    मेडिकल कॉलेज की मान्यता का पत्र मिला है

    कड़ी मशक्कत के बाद एमसीआई ने पाली मेडिकल कॉलेज को मान्यता दी है। मान्यता को लेकर जनप्रतिनिधियों, केंद्रीय मंत्री व मीडिया का पूरा सहयोग भी रहा है। अब अगस्त माह से पहले बैच शुरू किया जाएगा। - दिलीप चौहान, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पाली

    25 अप्रैल को प्रकाशित समाचार।

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