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किसानों को हाइटेक व स्मार्ट बनाने के लिए ग्राम पंचायतों तक पहुंचे मौसम का फोरकास्ट

जयपुर | किसान हाइटेक व स्मार्ट तब ही बन सकते हैं, जब मौसम विभाग का डेटा और फोरकास्ट संबंधी सभी सूचनाएं मौसम विभाग के...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 06:10 AM IST
जयपुर | किसान हाइटेक व स्मार्ट तब ही बन सकते हैं, जब मौसम विभाग का डेटा और फोरकास्ट संबंधी सभी सूचनाएं मौसम विभाग के दफ्तर में जमा नहीं रह जाएं, बल्कि ग्राम पंचायत और प्रत्येक किसान तक पहुंचे। आईसी, सीगियर सहित अन्य संस्थाओं की ओर से स्मार्ट विलेज व किसानों को स्मार्ट बनाने की शुरूआत के मौके पर एफईएस (फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी) के रीजनल टीम लीडर बी.के. शर्मा ने यह सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि हर विभाग का अपना डेटा है, लेकिन यह डेटा उसी विभाग में जमा रह जाता है। मौसम, क्लाइमेट, कृषि, पेयजल, ग्राउंड वाटर विभाग अपना-अपना डेटा एक दूसरे को समग्र रूप से बांटें और इस पर एक प्लेटफार्म पर आकर सरकार के विभाग, एनजीओ, सरकारी अफसर, मंत्री समग्र रूप से मंथन करें। दो दिवसीय कार्यक्रम में आईटीसी लिमिटेड के मैनेजर अखिलेश यादव व विजयपाल नेगी ने बताया कि जल्द ही कोटा, बारां, झालावाड़, बूंदी, पाली, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़ के गांवों में किसानों को साथ लेकर टीमें बनाई जाएंगी और मौसम व क्लाइमेट को लेकर उन्हें स्मार्ट बनाया जाएगा, ताकि फोरकास्ट को बेहतर तरीके से समझकर वे फसलों को बचा सकें। जयपुर आईएमडी डायरेक्टर जी.एस. नागराले ने विभाग के एग्राेमेट सेक्शन का प्रजेंटेशन दिया, जबकि केंद्रीय भूजल बोर्ड के डायरेक्टर एस.के. जैन ने ग्राउंड वाटर पर क्लाइमेट चेंज के असर समझाए। वन विशेषज्ञ डॉ. सतीश शर्मा ने जंगलों पर और कृषि विज्ञान केंद्र के कॉर्डिनेटर डॉ. महेंद्र सिंह ने कृषि पर बदलते मौसम के असर बताए।



कृषि विशेषज्ञ एल.एन. कुमावत, नाबार्ड के अजीत सिंह, आईएएस डॉ. ओम प्रकाश, बीएआईएफ के जे.पी. शर्मा ने भी अपने विचार रखे।