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अवैध संपत्ति मामले में डॉक्टर दंपती को जेल, अस्पताल भी सरकार को सौंपा जाएगा

उम्र को देखते हुए दोनों को जमानत मिली। 1.25 करोड़ रुपए जुर्माना कोटा | फर्जी कंपनी बनाकर आय से अधिक संपत्ति...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 06:35 AM IST

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    उम्र को देखते हुए दोनों को जमानत मिली।

    1.25 करोड़ रुपए जुर्माना

    कोटा | फर्जी कंपनी बनाकर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के 20 साल पुराने मामले में कोटा की एसीबी कोर्ट ने शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। विशिष्ट न्यायाधीश अश्विनी विज ने मुख्य आरोपी कोटा के टीटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजेंद्र प्रसाद शर्मा व प|ी मोहिनी शर्मा, सास-ससुर समेत 7 आरोपियों पर 1.25 करोड़ का जुर्माना लगाया। डॉक्टर दंपती को 7-7 साल, अन्य 3 आरोपियों को 5-5 साल तथा 2 आरोपियों को 3-3 साल की सजा से दंडित किया। कोर्ट ने टीटी हॉस्पिटल को अवैध आय से अर्जित संपत्ति मानते हुए सरकार को सौंपने के आदेश भी दिए हैं। मामले में कुल 8 आरोपी थे, इनमें से गोपीलाल की मौत हो गई। टीटी हॉस्पिटल कोटा के सबसे पुराने निजी अस्पतालों में से एक है। इसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपए है।

    डॉ. आरपी शर्मा 1982 से 1998 तक एमबीएस अस्पताल में बतौर चिकित्सा अधिकारी कार्यरत रहे थे। एसीबी ने 11 अक्टूबर 1998 को डॉ. शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया और 13 अक्टूबर 1998 को उनके आवास व अस्पताल की तलाशी ली गई। एसीबी ने पाया कि डॉ. शर्मा ने सेवाकाल में 27 लाख 13 हजार 35 रुपए अर्जित किए, जिनमें से 5 लाख 6 हजार 925 रुपए खर्च मानते हुए उनकी शुद्ध बचत 22 लाख 6 हजार 925 रुपए बनती थी। जबकि उस वक्त उनकी अर्जित संपत्तियों की कीमत 55 लाख 42 हजार 429 रुपए निकली, जो उनकी वैध आय से 33 लाख 35 हजार 504 रुपए यानी 151 प्रतिशत ज्यादा थी। अपने स्पष्टीकरण में डॉ. शर्मा ने कहा था कि हॉस्पिटल की संपत्तियों से मेरा लेना-देना नहीं है। यह एक बोर्ड द्वारा कंपनी बनाकर संचालित किया जाता है। मैंने टीटी हॉस्पिटल से एक क्लीनिक किराए पर लिया हुआ है। जबकि जिन व्यक्तियों द्वारा कंपनी के शेयर खरीदकर पूंजी वृद्धि बताई गई, उनके शेयर डॉ. शर्मा के आवास से जब्त हुए। जिन व्यक्तियों द्वारा ऋण देना बताया गया, वे भी फर्जी मिले।





    मोहिनी शर्मा : टीटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्रा. लि. की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थी। पति आरपी शर्मा की आय छिपाई।

    सजा: 7 वर्ष कठोर कारावास, 50 लाख जुर्माना

    सजा सुनते ही जोर-जोर से रोने लगी।

    डॉ. आरपी शर्मा

    लोकसेवक होते हुए अवैध आय अर्जित की और टीटी हॉस्पिटल में निवेश किया। एक कंपनी बनाई, जो उनके कंट्रोल में थी।

    सजा : 7 वर्ष कठोर कारावास, 50 लाख जुर्माना।

    तेजकरण शर्मा

    डॉ. आरपी शर्मा के ससुर। 92 वर्षीय। कंपनी में डायरेक्टर थे। दामाद द्वारा अर्जित अवैध आय छिपाने में मदद की।

    सजा : 3 वर्ष कठोर कारावास, 5 लाख जुर्माना

    चंद्रकांता शर्मा

    डॉ. शर्मा की सास है। 90 वर्ष उम्र है। ये कंपनी की शेयर होल्डर थी। दामाद की अवैध आय छिपाने में मदद की।

    सजा : 3 वर्ष कठोर कारावास, 5 लाख जुर्माना

    दीमक की तरह देश को खोखला कर रहा भ्रष्टाचार : कोर्ट

    कोर्ट ने टिप्पणी की- भ्रष्टाचार एक दीमक की तरह है, जो अर्थव्यवस्था व देश को खोखला कर रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए वृहद स्तर पर प्रयास किए जाने अपेक्षित हैं। ऐसे में प्रकरण के तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए दंड तय किया जा रहा है। कोर्ट ने अस्पताल के लिए कलेक्टर को प्रशासक नियुक्त किया है। वे दक्ष लोगों की कमेटी गठित कर इसका संचालन कराएंगे।

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