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पालिका ने दो महीने पहले आबूरोड में बनाए थे 80 टॉयलेट, बिना पानी नहीं हो रहा उपयोग, फिर भी रोजाना तीन टैंकर का भुगतान

स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर के लोगों को खुले में शौच जाने से रोकने एवं उन्हें सुविधा मुहैया कराने के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 06:40 AM IST

पालिका ने दो महीने पहले आबूरोड में बनाए थे 80 टॉयलेट, बिना पानी नहीं हो रहा उपयोग, फिर भी रोजाना तीन टैंकर का भुगतान
स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर के लोगों को खुले में शौच जाने से रोकने एवं उन्हें सुविधा मुहैया कराने के लिए नगरपालिका ने मार्च माह के प्रथम सप्ताह में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 80 सार्वजनिक शौचालय बनवाए थे। प्रति शौचालय करीब 12 हजार रुपए खर्च किए गए थे। दो महीने से अधिक का समय बीतने के बाद भी पानी के अभाव में इनका उपयोग नहीं हो रहा है तथा पूर्व में कुछ दिनों के लिए जिनका उपयोग हुआ था वे भी अब बंद हो गए है।

नतीजा लोग फिर खुले में शौच जाने को मजबूर है। जबकि, नगरपालिका की ओर से इसके लिए रोजाना तीन टैंकर पानी के बिल का भुगतान भी किया जा रहा है। नगरपालिका ने शहर के वार्ड संख्या सात में जूनीखराड़ी क्षेत्र नदी किनारे, अमरापुरी श्मशान घाट के पास, वागरीवास, केसरगंज, करोईफली में सामुदायिक भवन के पास, मानपुर में रेवदर मार्ग पर जैन मंदिर के सामने व आकराभट्टा में पांडूरी रोड पर महिलाओं एवं पुरुषों के लिए पांच-पांच शौचालय स्थापित किए थे। शुरुआत में कुछ शौचालयों का उपयोग भी किया गया। लेकिन, जब इनके उपयोग के लिए पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो इनमें गंदगी फैलने लगी। इससे लोगों के लिए अंदर जाना ही दूभर हो गया। अब हालत यह है कि आबकारी क्षेत्र में स्थापित शौचालयों में असामाजिक तत्व नल भी निकालकर ले गए।

नहीं हो रही सफाई एवं पानी की व्यवस्था

नगरपालिका ने आनन-फानन में शौचालय तो स्थापित करवा दिए। लेकिन, इनकी सफाई एवं पानी को लेकर कोई प्रबंध नहीं किए गए। इससे कुछ दिनों में ही हालत पहले की तरह हो गए। लोगों के लिए इनका होना न होना एक समान होकर रह गया। जहां भी शौचालय स्थापित कराए गए है उनमें से अधिकांश क्षेत्रों में आसपास में पानी के कोई प्रबंध नहीं है। इसको पूर्णतया नजरअंदाज किया गया।

अधिकांश टॉयलेट में नहीं है पानी के कोई प्रबंध, पालिका की अनदेखी से नागरिक हो रहे परेशान

आबूरोड. नगरपालिका की ओर से शहर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय बिना पानी के उपयोग में नहीं लिए जा रहे।

तीन टैंकर रोजाना पानी का हो रहा खर्च

जैसे-जैसे शौचालयों का उपयोग होने लगा पानी की कमी सामने आने लगी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगरपालिका ने 310 रुपए प्रति टैंकर के हिसाब से वहां पानी पहुंचाने का कार्य शुरु करवाया। बताया जा रहा है कि प्रतिदिन तीन टैंकर पानी का भुगतान शौचालयों में पहुंचाने के नाम पर किया जा रहा है। इसमें कई क्षेत्रों में रोजाना तो कई में एक दिन छोड़कर पानी पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। वास्तविकता में स्थिति इसके एकदम विपरीत है। पानी किसी शौचालय में नहीं पहुंच रहा है।

करौईफली में आजतक नहीं पहुंचा टैंकर

वार्ड में जब से शौचालय स्थापित हुए थे तब से आज तक एक भी दिन पानी का टैंकर नहीं आया है। इससे लोग खुले में शौच जा रहे हैं। शौचालयों की पानी की टंकियों को नियमित रुप से भराया जाए ताकि, इनका उपयोग किया जा सके। सिवाय आश्वासन के कोई नतीजा नहीं निकला। -जेपीसिंह, पार्षद, वार्ड 19

आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी से इनका उपयोग नहीं हो रहा है। नगरपालिका प्रशासन को कई बार बताया गया है इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जनप्रतिनिधि होने के नाते लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। -मगदान चारण, पार्षद, वार्ड संख्या 4

जिन सुविधाओं को शुरुआत में उपलब्ध करवाना चाहिए था उनकी अनदेखी करने से यह समस्या हुई है। हजारों रुपए खर्च होने के बाद भी लोग तो परेशान हो ही रहे है सरकार की मंशा का भी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। -नरगिस कायमखान, नेता प्रतिपक्ष

फिर से टेंडर कर सुविधा शुरू करेंगे

सुविधाओं के अभाव को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सफाई एवं पानी का नए सिरे से टेंडर कराने का निर्णय लिया गया था। शीघ्र ही इस कार्य को पूरा करवा दिया जाएगा। इसके बाद सभी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। -महेंद्रसिंह चौधरी, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका

गंदगी एवं बदबू के कारण अंदर जाना भी मुश्किल, आसपास के लोग खुले में शौच जाने को है मजबूर

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