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आचार संहिता में अटकी मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी की प्रक्रिया गायनी व पीडियाट्रिक विभाग में प्रोफेसर तक की नियुक्ति नहीं

3 वर्ष पहले
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पाली मेडिकल कॉलेज शुरू हुए करीब पांच महीने हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी राजस्थान मेडिकल एज्युकेशन सोसायटी की ओर से फैकल्टी की कमियों को पूरा नहीं कर पाई है। हालात यह है कि गायनी व पीडियाट्रिक दोनों विभागों के एचओडी तक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार अभी तक फैकल्टी के अलावा किताबों और उपकरण तक की कमियों को राजमेस पूरी नहीं कर पाया है। आचार संहिता लगने से पूर्व ही मेडिकल कॉलेज की ओर से 10 सीनियर व जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ अन्य फैकल्टी की मांग की थी। काफी समय तक तो राजमेस इसे टालता रहा। इसके बाद आचार संहिता लग गई और इसी बीच एमसीआई का निरीक्षण भी हो गया। अब अधिकारियों की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि आचार संहिता की वजह से फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है, इसके हटते ही फैकल्टी की नियुक्ति कर दी जाएगी।

कायाकल्प अवार्ड का परिणाम भी दो महीने बाद जनवरी में आएगा: इस बार कायाकल्प अवार्ड के परिणाम भी अटक गए है। कायाकल्प अवार्ड के लिए अक्टूबर में ही परिणाम घोषित कर पुरस्कार समारोह आयोजित कर दिया जाता है। इस बार विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लग गई और अब इसका परिणाम भी दो महीने आगे खिसककर जनवरी तक चला गया। अब इसके परिणाम जनवरी में आएंगे।

फैकल्टी से लेकर लैब में उपकरणों तक कमी, राजमेस 5 साल में भी नहीं कर पाया पूरी
फैकल्टी: पीडियाट्रिक और गायनी डिपार्टमेंट में अभी तक प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं हो पाई है। करीब एक साल से अधिक समय से दोनों विभागों के एचओडी के पद खाली है।

रेजिडेंट: सबसे बड़ी कमी सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर की है। अभी केवल 28 ही रेजिडेंट हैं, जबकि 47 सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर चाहिए।

किताबें: मेडिकल कॉलेज प्रबंधन अभी तक लाइब्रेरी में किताबों जैसी छोटी कमियां भी पूरी नहीं कर पाया है। वैसे अभी 1500 में से 1438 किताबें उपलब्ध है, लेकिन कॉलेज प्रबंधन 100 किताबें और मंगवा रहा है।

उपकरण: उपकरण जैसी छोटी कमियों को भी पूरा करने में 1 साल से अधिक का समय लग गया। पैथोलॉजी और फार्माकोलॉजी जैसे विभागों में भी उपकरणों की कमी है।

आचार संहिता के चलते फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया अटक गई थी। आचार संहिता हटते ही यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए राजमेस को भी सूचना भिजवा दी है। साथ ही जो कमियां हैं उन्हें भी पूरा कर दिया जाएगा। - डॉ. केसी अग्रवाल, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज, पाली

अाचार संहिता के चलते कायाकल्प अवार्ड की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसके परिणाम जनवरी में आएंगे और पुरस्कार वितरण समारोह भी जनवरी में ही होगा। - डॉॅ. एडी राव, पीएमओ, बांगड़ अस्पताल, पाली

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