18 साल बाद राहु का मिथुन रािश में प्रवेश

3 वर्ष पहले
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नौ ग्रहों में काली छाया ग्रह माने जाने वाले राहु-केतु ने बुधवार मध्यरात्रि 12:24 बजे अपनी चाल बदली है। राहु कर्क राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। केतु मकर से धनु राशि में जाएगा। राहु-केतु एक राशि से दूसरी राशि में करीब 18 माह बाद प्रवेश करते हैं, लेकिन 18 साल बाद राहु फिर से मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। चूंकि राहु को शनि का खास मित्र और केतु को मंगल का मित्र माना जाता है। ज्योतिषी गणना के अनुसार इन दोनों ग्रहों का अपना-अपना घर बदलना व्यापारियों और राजनीतिज्ञों के लिए काफी लाभदायक रहेगा। वहीं कुछ राशि वालों के लिए यह चुनौती पूर्ण भी रहेगा।

ज्योतिषियों ने बताया कि राहु-केतु का 6 मार्च की मध्यरात्रि के समय हुआ राशि परिवर्तन 22 सितंबर 2020 तक रहेगा। राहु लगभग 18 माह तक एक राशि पर रहते हैं। इसी कारण 18 साल पहले जुलाई 2000 में राहु मिथुन राशि और केतु धनु राशि पर आए थे।

व्यापारियों के लिए सुखद, राजनीतिज्ञों को भी राहत
ये राशि परिवर्तन जहां व्यापारियों के लिए सुखद स्थिति बनाएगा। वहीं राजनीतिज्ञों को भी राहत देगा। इस परिवर्तन का सबसे बड़ा लाभ यह रहेगा कि समस्त असामान्य स्थिति में स्थिरता बनेगी। तरक्की के नए आयाम बनेंगे। यह बदलाव प्रत्येक राशि के अनुसार अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेगा।

इन राशियों पर पड़ेगा शुभ व अशुभ प्रभाव

शुभ : मेष, सिंह, कन्या, धनु।

अशुभ : वृषभ, मिथुन, कर्क तुला।

मिश्रित : वृश्चिक, मकर, कुंभ, मीन।

केतु का प्रवेश धनु राशि में, शनि और केतु का बनेगा योग
राहु मिथुन राशि में रहेंगे जो उसकी मित्र राशि है। मिथुन राशि का स्वामी बुध है। शास्त्रों के अनुसार मिथुन राशि में राहु को उच्च का माना गया है। केतु का प्रवेश धनु राशि में होगा। इस राशि में शनि भी स्थित है। इस कारण शनि और केतु का योग बनेगा।

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