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जोधपुर में 5वें दिन भी शव के साथधरना, नौकरी और मुआवजे पर अड़े

एक वर्ष पहले
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सोजत सिटी में स्थित पत्थर कटाई के कारखाने में काम करते समय हादसे में युवक दिनेश कुमार मेघवाल की मौत का मामला पांचवें दिन भी शांत नहीं हुआ। मृतक का शव पांच दिन से जोधपुर के एमडीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर पड़ा है। परिजन व मेघवाल समाज के लोग मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी व 30 लाख रुपए का मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े हैं। रविवार को बिलाड़ा से विधायक हरीराम मेघवाल, पाली से रामेश्वरलाल, सोजत डीएसपी डॉ. हेमंत जाखड़, एसडीएम समेत प्रशासनिक अफसरों ने अस्पताल पहुंच लोगों से समझाइश की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़ गए।

दिनभर की समझाइश के बाद नहीं बनी बात तो लौटे अफसर

रविवार को पांचवें दिन भी जोधपुर के एमडीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना जारी रहा। बिलाड़ा विधायक सहित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी जोधपुर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों व समाज के लोगों से समझाइश वार्ता कर नियमानुसार मृतक के आश्रितों को मुआवजा दिलाने का अाश्वासन दिया, लेकिन वे लोग मृतक के परिवार में एक जने को सरकारी नौकरी देने व सरकार की ओर से तीस लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। काफी समझाइश के बाद भी जब परिजन नहीं माने तो शाम को जनप्रतनिधियों के साथ अधिकारियों का दल भी जोधपुर से वापस लौट गया।

सिर्फ वही नकारात्मक खबर जो अापको जानना जरूरी है।

बिलाड़ा विधायक के साथ अफसरों की समझाइश पर भी नहीं माने

सीसीटीवी में साफ दिख रहा हादसा : कुछ दिन पहले सोजत निवासी दिनेश कुमार पत्थर कटाई यानी स्टोर कटर के कारखाने में मजदूरी करता था। यह कारखाना सोजत निवासी नरेश गहलोत का है। यहां गत 29 फरवरी सुबह 9.26 बजे पत्थर को उठाने में प्रयुक्त क्रेन की चपेट में आने से दिनेश उछलकर नीचे गिर गया, जिसे जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में ले जाया गया। जहां 4 मार्च को उसने दम तोड़ दिया। मृतक के बहनोई ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। यह हादसा कारखाने में लगे सीसीटीवी फुटेज मेंं दिख रहा है। मृतक के परिजन व मेघवाल समाज के लोग व मृतक आश्रित को नौकरी व 30 लाख रुपए मुआवजे पर अड़े हुए हैं। 4 मार्च से ही मोर्चरी के बाहर शव रख धरना देकर बैठे है।

जोधपुर में मुआवजे व सरकारी नौकरी की मांग पर धरने पर बैठे परिजन।

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