पोल खुली तो एम्स के बाबू ने 20 लाख वापस दे दिए, केस दर्ज
जोधपुर | एम्स जोधपुर की रिसर्च विंग में प्रोजेक्ट पर लगा कनिष्ठ लेखाधिकारी विभागाध्यक्ष के साइन किए ब्लैंक चेक पर खुद का नाम लिख खाते में डालता रहा। पहली बार पकड़ में आने के बाद भी उसे हटाने के बजाय कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उसने धीरे-धीरे इसी तरीके से करीब 20 लाख रुपए खुद के अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। पोल खुली, तो विभाग के अफसरों ने दबाव बनाकर उससे रुपए वापस खाते में जमा भी करवा लिए। इसके बाद भी अफसरों ने ये बात प्रबंधन से छुपाए रखी, लेकिन ज्यादा दिन तक ये बात छुप नहीं पाई। तब विभागाध्यक्ष की ओर से शास्त्रीनगर थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया।