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मंदिर के पाटोत्सव में 10 गांवों के राठौड़वंश के भामाशाह ही करते हैं प्रसादी की व्यवस्था, मंदिर परिसर में ही सुलझाए जाते हैं आपसी मामले

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 09:21 AM IST

Pali News - जिले में सोजत तहसील के गुड़ाचुतरा स्थित मां नागणेच्चिया माताजी मंदिर व पाबूजी महाराज मंदिर में वर्षों पुरानी...

Pali News - rajasthan news bamshashah of rathore dash of 10 villages in pattosav of the temple does the same arrangements of prasadis are settled in the temple premises
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जिले में सोजत तहसील के गुड़ाचुतरा स्थित मां नागणेच्चिया माताजी मंदिर व पाबूजी महाराज मंदिर में वर्षों पुरानी परंपरा निभाई जा रही है। प्रतिवर्ष मंदिर के पाटोत्सव में श्रद्धालुओं के आयोजित भोजन प्रसादी के लिए 10 गांवों के भामाशाहों के सहयोग से की जाती है। छोटे-छोटे और बड़े-बड़े काम के लिए गांवों के भामाशाह ही दान देकर आयोजन करते हैं। राठौड़वंश की कुलदेवी मां नागणेच्चिया माता के 19वें पाटोत्सव में भी परंपरा निभाई जा रही है। राठौड़वंश के गुड़ाचुतरा, गुड़ाश्याम, गुड़ाकलां, सारंगवास, गुड़ारामसिंह, ढुण्डा लाम्बोड़ी, हरियामाली, गुडांगरी, केरखेड़ा व गुड़ाभदावता के गांवों के भामाशाह ही पाटोत्सव में भोजन प्रसादी की व्यवस्था करते हैं। समाज अध्यक्ष संवाईसिंह गुड़ारामसिंह ने बताया कि देश के आजाद होने से पहले इन 10 गांवों के राजपूत समाज के वरिष्ठ सदस्यों की कार्यकारिणी आपसी जमीन व पारिवारिक मामले सुलझाते आए हैं। इन 10 गांवों के नियम भी एक जैसे ही है। कोर्ट कचहरी से दूर मंदिर परिसर में ही सारे मामले सुलझाने की परंपरा बनी हुई है।

अनूठी परंपरा : गुड़ाचुतरा गांव में राठौड़ वंश की कुलदेवी श्री नागणेच्चिया माताजी मंदिर के पाटोत्सव में समाज के गुड़ा चतुरा, गुड़ाश्यामा, गुड़ाकलां, सारंगवास, गुड़ारामसिंह, ढुण्डा लाम्बोड़ी, हरियामाली, गुडांगरी, केरखेड़ा व गुड़ा भदावता के गांवों के भामाशाहों के सहयोग से ही प्रसादी तैयार होती है। इन गांवों में समाज के प्रत्येक शादीशुदा जोड़े से मंदिर के विकास के लिए 1100 रुपए की प्रतिवर्ष चंदा भी एकत्रित किया जाता है।



मंगलेश से लेकर पानी व्यवस्था और कार्यकर्ता की पोशाक समेत सभी भामाशाह 10 गांवों के ही

मंदिर के पाटोत्सव में भोजन प्रसादी के आयोजन में 10 गांवों के सामर्थ्यवान भामाशाहों को स्वेच्छानुसार मंगलेश, शक्कर, घी, गेहूं, सुखामेवा, तेल, माइकसेट, ब्राह्मणों की दक्षिणा, प्रचार-प्रसार, सब्जी, होम सामान, हलवाई, दोना पत्तल, पानी व टेंट की व्यवस्था, कार्यकर्ताओं की पोशाक समेत सभी के लिए इन गांवों के भामाशाहों का ही सहयोग रहता है। बाहर के भामाशाह से प्रसादी में एक रुपया भी नहीं लिया जाता है।

आज होगा पाटोत्सव व भोजन प्रसादी

समाज के अध्यक्ष सवाईसिंह गुड़ारामसिंह ने बताया कि गुड़ाचुतरा गांव स्थित श्रीनागणेच्चिया माता मंदिर, पाबूजी महाराज मंदिर का पाटोत्सव बुधवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। सुबह 7 बजे हवन कार्यक्रम होगा। इसके बाद अतिथि के तौर पर मौजूद मारवाड़ जंक्शन विधायक खुशवीरसिंह जोजावर, भंवरसिंह मंडली, गिरवरसिंह राठौड़, सोजत प्रधान गिरिजा राठौड़, कानसिंह रेवड़िया, रायपुर ठिकाणा के मानवजीतसिंह समेत कई अतिथियों का सम्मान समारोह होगा। इसके बाद महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों में समाज उपाध्यक्ष नवलसिंह गुड़ाश्याम, अभयसिंह केरखेड़ा, देवीसिंह हरियामाली, महामंत्री भंवरसिंह गुड़ाकलां व कोषाध्यक्ष नरपतसिंह सारंगवास समेत कई समाजबंधु जुटे हुए है।

1 हैक्टेयर में गुंदे व नींबू के पौधे भी लगे

समाज के नरपतसिंह श्यामगुड़ा ने बताया कि गुड़ाचुतरा में मां नागणेच्चिया माता मंदिर की जमीन 8 बीघा है। यह जमीन 2010 में राजपूत समाज की ओर से अध्यक्ष स्व. कैप्टन जोधसिंह जैतावत के कार्यकाल में खरीदी गई थी। इसमें करीब 1 हैक्टेयर में गुंदे के पेड़ और नींबू के पौधे लगाकर बगीचा भी तैयार किया गया है। बगीची में बूंद-बूंद सिंचाई के ज़रिए पानी की व्यवस्था की जा रही है।

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