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दलालाें ने बनाए ~1.37 करोड़ के अवैध टिकट

एक वर्ष पहले
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रेलवे के ई-टिकटिंग सिस्टम में सॉफ्टवेयर से सेंध लगाकर कमाई करने वाले सरगना दिनेश जांगिड़ उर्फ रोशन के सॉफ्टवेयर में उपयोग में ली गई आईडी को खंगालने पर पता चला है कि उसने कुल 1.37 करोड़ रुपए के टिकट गलत तरीके से जारी किए थे। रेलवे सुरक्षा बल की कार्रवाई के बाद उत्तर-प्रदेश के बस्ती से आई पुलिस दिनेश जांगिड़ को हिरासत में ले गई है। उसके खिलाफ वहां अज्ञात के रूप में आईटी एक्ट व आईपीसी की अन्य धाराओं में मामला दर्ज है।

दरअसल, बीते माह रेलवे सुरक्षा बल की क्राइम ब्रांच ने पाली के दिनेश को गिरफ्तार कर ई-टिकटिंग गिरोह का खुलासा किया था। दिनेश सॉफ्टवेयर बनाकर बेचता था। इससे पूछताछ में छह जनों के नाम सामने आए थे, जो इस मामले में शामिल थे। आरपीएफ ने कुछ दिन पहले इन सभी को गिरफ्तार कर लिया था। दिनेश आईकॉन, आईबॉल, एबीएस, स्पार्क व रेड बुल जैसे सॉफ्टवेयर से टिकटों की दलाली के साथ सॉफ्टवेयर व उनकी आईडी से भी कमाई कर रहा था। जांच के दौरान जब इन सॉफ्टवेयर से बने टिकटों का डाटा निकाला गया तो कुल 1 करोड़ 37 लाख 13 हजार 256 रुपए के 8067 टिकट बनाने की जानकारी मिली। इनमें से 7.62 लाख के टिकट पर यात्रा होनी थी, ऐसे टिकट ब्लॉक करवा दिए गए।

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