पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Pali News Rajasthan News Colors Of Heavy Hair On Kareena Sold 25 Percent More Than Last Year This Time Gulal And Colors In The City

काेराेना पर भारी हाेली के रंग, गत वर्ष की अपेक्षा 25 फीसदी अधिक बिके इस बार शहर में गुलाल व रंग

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

काेराेना की भारत में दस्तक के बावजूद प्रेम, भक्ति और सामाजिक समरसता के प्रतीक होली के रंग के अागे ये फीका ही नजर अाया। धुलंडी क्या, इससे एक दिन पहले हाेली दहन से पहले ही कई स्थानाें पर हाेली का रंग जमने लग गया। हाेलसेल व्यापारियाें की मानें ताे गत वर्ष की अपेक्षा इस बार 25 फीसदी अधिक गुलाल व रंगाें की बिक्री हुई। शहरवासियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। साेमवार रात शुभ मुहूर्त पर शहर में विभिन्न स्थानों पर वेद मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना के बाद होलिका दहन किया गया। होलिका दहन से पूर्व महिलाओं और पुरुषों ने होलिका की पूजा करते हुए तिल, जौ, माला और नारियल चढ़ाया। नौनिहालों को दूल्हे की तरह तैयार कर घोड़े पर सवार कर गाजे बाजे के साथ होलिका दहन स्थल पर लाकर फेरी लगवाई गई। मंगलवार को धुलंडी के दौरान चंग की थाप पर निकले गेरियों ने जमकर धमचक की। साथ ही शहरवासियों ने हर साल की तरह इस साल भी अबीर गुलाल से होली खेलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी।

धुलंडी पर निकली गांवशाही गेर, हर समुदाय ने किया स्वागत

पाली | पुष्करणा समाज की अगुवाई में मंगलवार काे धुलंडी के अवसर पर गांव शाही गेर निकाली गई। जोधपुरिया बास से रवाना हुई गांवशाही प्यारा चौक, नाइयों की ढाल होती हुई बड़ी ब्रह्मपुरी स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर आकर संपन्न हुई। गेर में हर समाज के साथ हर समुदाय के लोगों ने भाग लिया। गांवशाही गेर के प्यारा चौक पहुंचने पर मुस्लिम समाज के लोगों ने गेर का स्वागत किया। भूतेश्वर महादेव मंदिर में विशेष आरती के साथ गांवशाही गेर संपन्न हुई।

हाेली पर बदलाव के रंग : घांची समाज ने सहमति से मृत्युभाेज पर लगाई पाबंदी

जांगिड़ व श्रीमाली ब्राह्मण समाज ने बेटियाें की ढूंढ़ कराई

पाली| इस हाेली बदलाव के रंग भी विभिन्न समाजाें में देखे गए। श्रीमाली ब्राह्मण अाैर जांगिड़ समाज ने बेटियाें का ढूंढ़ाेत्सव मनाया। श्रीमाली ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष एडवाेकेट पीएम जाेशी व जांगिड़ समाज के अध्यक्ष प्रकाश जांगिड़ ने बताया कि इस नवाचार के बाद समाज में बेटियाें व बेटाें के बीच भेद बिल्कुल खत्म हाे जाएगा। इधर, घांची समाज भलावताें का बास में मृ‌त्युभाेज पर पाबंदी लगाई गई। मृत्यु से संबंधित सूचना देने में भी समाज के व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले हस्तक्षेप पर भी राेक लगाई गई। साथ ही समाजबंधु की शवयात्रा व उठावणे में प्रत्येक घर से एक व्यक्ति के शामिल हाेने की अनिवार्यता की गई, ताकि संबंधित व्यक्ति काे संबल मिल सके। इस दाैरान बाबूलाल बाेराणा, भैरूलाल भाटी, माणकचंद पंवार, अानंद साेलंकी, अमरचंद देवड़ा, अाेगड़राम पंवार, बाबुलाल घांची, नेमीचंद देवड़ा अादि माैजूद थे।

घांची समाज के युवाओं किया गैर नृत्य : पाली | घांची समाज की आेर से हाेली पर्व काे लेकर सूरजपोल स्थित घांचियों के मोहल्ले में गेर नृत्य का आयोजन किया गया। जिसमें समाज के गणमान्य नागरिकों के साथ साथ युवाओं ने परंपरागत परिधान में सजधज कर चंग की थाप पर गेर नृत्य किया।

{ राेटरी क्लब

सदस्याें ने परिजनाें संग हाेली मनाई

सूरजपाेल पर घांची समाज के लाेगाें ने परंपरागत परिधान में किया गेर नृत्य।

{ श्रीमाली ब्राह्मण समाज

बेटियाें का ढूंढाेत्सव मनाया, खूब नाचे

पाली. सूरजपाेल पर गांव की हाेली दहन करते स्थानीय निवासी।

सूरजपाेल पर अायाेजित हुई घांची समाज की गेर, ढाेल की थाप पर गूंजा धईडाे रे धईडाे, युवाओं में दिखा उत्साह

पाली| सूरजपाेल घांचियाें के बास में गेर का अायाेजन किया गया। गेरियाें ने ढाेल की थाप पर धईडाे रे धईडाे स्वर की गूंज के साथ गेर नृत्य किया। युवा अाैर बच्चे क्या, बुजुर्गाें में भी गजब का उत्साह देखा गया। गेर में सीरवी समाज के युवाअाें ने भी शामिल हाेकर इसे विहंगम बना दिया। गेर के बाद नर्तकाें ने फागण के गीत गाए। अतिथि के रूप में माैजूद विधायक ज्ञानचंद पारख, सभापति रेखा भाटी, पार्षद राकेश भाटी, स्थानीय पार्षद नेतल हिंगड़ मेवाड़ा का समाज की अाेर से बहुमान किया गया।

{ तेलंगाना

मारवाड़ी समाज ने इस तरह मनाई हाेली

{सिखवाल ब्राह्मण समाज

महिलाअाें ने निभाई अपनी भागीदारी

पाली. घांची समाज भलावताें का बास में मृत्युभाेज पर पाबंदी लगाई।
खबरें और भी हैं...