पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Bar News Rajasthan News Dispute On The Security Amount Notices With Electricity Bills The Number Of Complaints

बिजली बिलों के साथ थमाए प्रतिभूति राशि के नोटिसों पर विवाद, शिकायतों का अंबार

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
20 फीसदी उपभोक्ताओं ने जमा नहीं करवाई रिवाइज राशि

प्रदेश की सरकारी बिजली वितरण कंपनियां की ओर से वसूली जा रही प्रतिभूति यानि सिक्यूरिटी राशि विवादों में आ गई है। डिस्कॉम की ओर से बिलों के साथ दिए नोटिसों को लेकर हर सबडिवीजन में 100 से 200 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। इन शिकायतों के बाद हर सबडिवीजन में 20 फीसदी उपभोक्ता रिवाइज सिक्योरिटी राशि जमा नहीं करवा रहे है। प्रतिभूति राशि जमा नहीं होने पर कनेक्शन काटने को लेकर संशय के कारण वसूली अटक गई है। ऐसे में अकेले जयपुर शहर में एक लाख से ज्यादा कनेक्शनों पर सिक्योरिटी राशि जमा नहीं होगी। पिछले तीन महीने से जयपुर डिस्कॉम सहित अन्य बिजली कंपनियों में उपभोक्ताओं को पांच से 10 साल से कनेक्शन की सुरक्षा राशि जमा नहीं होने पर बकाया निकालते हुए प्रतिभूति राशि के नोटिस दिए जा रहे है। जबकि नियमानुसार टैरिफ रिवाइज होने के बाद नई सुरक्षा राशि वसूली जानी होती है। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि जब बिजली टैरिफ में ही 15% की बढ़ोत्तरी हुई है तो सिक्यूरिटी राशि बिजली बिल से दुगनी कैसे हो गई?

इस पर है विवाद

डिस्काॅम का पक्ष : डिस्काॅम के इंजीनियरों की दलील है कि कनेक्शन जारी होते समय एक महीने के बिजली उपभोग की राशि के बराबर सिक्योरिटी राशि ली जाती है। टैरिफ बढ़ जाने व बिजली उपभोग बढ़ने के बाद पिछले साल के उपभोग का औसत निकालते हुए सिक्योरिटी राशि रिवाइज की जाती है।

उपभोक्ताओं का पक्ष: उपभोक्ताओं की दलील है कि हर कनेक्शन पर दो से 20 हजार रुपए की राशि जमा कराने के नोटिस दिए जा रहे है। जबकि नियमों के अनुसार हर साल सिक्यूरिटी रिवाइज होती है और नियमानुसार अप्रेल महीने के बिलों में वसूली होती है। इस बार तीन साल बाद फरवरी 2020 में ही टैरिफ रिवाइज हुई है। यह टैरिफ अप्रेल के बिलों में आएगी। जब तीन साल से टैरिफ ही रिवाइज नहीं हुई है तो प्रतिभूति राशि के नोटिस ही गलत है।

खबरें और भी हैं...