इस वित्त वर्ष में 7% और 2020-21 में 7.2% रह सकती है आर्थिक विकास दर

Pali News - अप्रैल से जून तिमाही में भारत की आर्थिक विकास दर 5% रही थी। यह छह साल में सबसे कम है। इसके बाद भी अंतरराष्ट्रीय...

Sep 14, 2019, 07:08 AM IST
अप्रैल से जून तिमाही में भारत की आर्थिक विकास दर 5% रही थी। यह छह साल में सबसे कम है। इसके बाद भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने गुरुवार को कहा कि इस वित्त वर्ष में भारत की विकास दर 7% रहेगी। हालांकि, यह आईएमएफ के पिछले अनुमान की तुलना में 0.3% कम है। संस्था ने अगले वित्त वर्ष 2020-21 में 7.2% की ग्रोथ का अनुमान जताया है। पहले 7.5% का अनुमान था। आईएमएफ ने कहा कि भारत की आर्थिक विकास दर उम्मीद से कमजोर है। कॉरपोरेट और पर्यावरण नियमों में अनिश्चितता और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सिस्टम में कमजोरी के कारण अर्थव्यवस्था पर दबाव है। अप्रैल-जून तिमाही में देश की विकास दर गिरकर 7 साल के न्यूनतम स्तर 5% पर आ गई थी, इससे एक साल पहले समान तिमाही में यह 8% थी। 2012-13 में अप्रैल-जून तिमाही में विकास दर 4.9% रही थी। घरेलू मांग अनुमान से कम होने के कारण आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की विकास दर को 0.3% कम करके 7% पर कर दिया है।

ट्रेड वॉर से पूरी दुनिया प्रभावित, अमेरिका में मंदी की आशंका

वैश्विक जीडीपी 0.8% कम हो सकती है

आईएमएफ ने कहा है कि अमेरिका- चीन ट्रेड वॉर के कारण वैश्विक जीडीपी में 0.8% कमी आ सकती है। आईएमएफ का कहना है कि भविष्य में नुकसान और बढ़ सकता है। यूएस-चीन के बीच चल रही ट्रेड वॉर का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है जो पहले से चुनौतियों का सामना कर रही है। आईएमएफ के मुताबिक 2007-08 की मंदी के बाद पहली बार मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में कमी आ रही है।

भारत से व्यापार घाटे में 441 करोड़ डॉलर की कमी के बावजूद अमेरिका चिंतित

अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार घाटा और निवेश करने में अमेरिकी कंपनियों के समक्ष आ रही चुनौतियों को लेकर चिंता जाहिर की। अमेरिका की वाणिज्य दूत ऐलीना नंदी ने भारत-अमेरिका आर्थिक सम्मेलन में उम्मीद जताई कि भारत-अमेरिका कारोबार सीईओ फोरम दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन को लेकर समाधान निकालेगा। भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 में भारत ने अमेरिका को 524000 अरब डॉलर का निर्यात किया जबकि अमेरिका से 35.55 अरब डॉलर का आयात किया गया। आंकड़ों के अनुसार, 2018-19 में भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 2017-18 के 2126 करोड़ डॉलर से कम होकर 1685 करोड़ डॉलर पर आ गया। नंदी ने कहा कि 2018 के दौरान अमेरिका और भारत का द्विपक्षीय व्यापार 14200 करोड़ डॉलर का रहा। जनवरी-जुलाई 2019 के दौरान यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 10.50% बढ़ा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ना सकारात्मक सकेंत है लेकिन अमेरिका को घाटा कम करना होगा।

अमेरिका का दावा, उस पर ट्रेड वॉर का असर नहीं

यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी स्टीवन म्नुचिन ने कहा कि उन्होंने आईएमएफ के अनुमानों को अभी नहीं देखा है, लेकिन इससे अमेरिका के ऊपर खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। आईएमएफ ने कहा है कि ट्रेड, भौगोलिक तनाव के कारण आर्थिक गतिविधियों के ऊपर असर पड़ा है और व्यापार को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आईएमएफ का कहना है कि ट्रेड वॉर से भविष्य में वैश्विक ग्रोथ गिरने की आशंका है।

अमेरिका में मंदी का खतरा : अर्थशास्त्री

बैंकरेट के द्वारा कराए गए सर्वे के मुताबिक 11 साल विकास करने के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था में गिरावट आने की आशंका है। बैंकरेट के सर्वे में शामिल 41% अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नवंबर 2020 तक अर्थव्यवस्था मे मंदी आने की संभावना है। बैंकरेट के इकॉनोमिस्ट मार्क हैमरिक का कहना है कि यूएस-चीन के बीच तनाव बढ़ा है और इसमें कमी नहीं दिख रही है। इसका असर अमेरिका पर पड़ेगा।

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