अागजनी राेकने के लिए आठ तरह के उपकरण हाेना जरूरी, 56 बड़ी इमारताें में महज 2 ही मिले

Pali News - शहर में अगर किसी इमारत में आग लग जाए तो इससे बचने के लिए इन इमारताें में कोई संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। इतना ही नहीं,...

Dec 04, 2019, 11:25 AM IST
Pali News - rajasthan news eight types of equipment are necessary to build fire only 2 are found in 56 big buildings
शहर में अगर किसी इमारत में आग लग जाए तो इससे बचने के लिए इन इमारताें में कोई संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। इतना ही नहीं, अग्निशमन विभाग के पास भी 100 फीट तक ऊंची इमारताें पर आग बुझाने के साधन भी नहीं हैं। अागजनी जैसे हादसे न हाे, इसके लिए बिल्डिंग बनाने के बाद फायर की एनओसी लेना आवश्यक है। इसमें 8 तरह के उपकरण लगाने की आवश्यक है, लेकिन शहर में बड़ी इमारताें में भी सिर्फ अग्निशमन यंत्र लगाकर काम चला रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नगर परिषद व अग्निशमन विभाग भी इस पर चिंतित नहीं है। गत महीनाें सूरत अग्निकांड के बाद विभाग ने शहर में चिह्नित 58 इमारताें का सर्वे किया था, जिसमें से मात्र 2 में ही सभी उपकरण मिले थे। विभाग ने शेष सभी को फायर की एनओसी लेने और सारे उपकरण लगाने को लेकर नोटिस जारी किए। इसके बाद भी न तो इन इमारताें के मालिक गंभीर हैं और न ही विभाग के अधिकारी इस पर कोई बड़ी कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार बिल्डिंग सीज की कार्रवाई भी की जा सकती है। भास्कर ने फायर एक्सपर्ट से जानकारी ली कि वे कौन से संसाधन हैं, जिन्हें इमारत में लगाने पर फायर एनओसी मिलती है। नेशनल बिल्डिंग कोड के भाग 4 में इन बिंदुओं का जिक्र है।

ये संसाधन, जिससे इमारतें सुरक्षित रहती हैं, फायर एनओसी भी इनकी जांच के बाद ही

1. अग्निशमन यंत्र

ये तीन प्रकार के होते हैं। इन्हें सभी तरह की इमारतों में लगाना जरूरी है।

4. डाउन कॉमर

यह किसी भी बिल्डिंग में छत की टंकी से जुड़ी पाइप लाइन होती है।

6. ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर

: आग लगने पर अपने आप पानी का छिड़काव शुरू हो जाता है।

शहर में 10 कैटेगरी की इमारतें, फायर एनओसी लेना जरूरी

1. रहवासी इमारतें : 15 मीटर तक और उससे ऊपर की इमारतें। 15 मीटर से छोटी उन इमारतों को भी इस कैटेगरी में लिया है।

2. होटल : इसमें सभी प्रकार के होटल व लॉज शामिल हैं।

3. शिक्षण संस्थाएं : स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सहित सभी शिक्षण संस्थान शामिल हैं।

4. इंस्टीट्यूशनल बिल्डिंग : हॉस्पिटल, नर्सिंग होम सहित शासकीय बिल्डिंग शामिल हैं।

5. व्यावसायिक : ऐसी इमारतें जहां व्यावसायिक गतिविधि चलती हो।

2. फर्स्ट एड होज रील

यह पाइप होता है, जिसे आपात स्थिति में फायर हाइड्रेंट से जोड़ा जाता है।

7. फायर अलार्म

आग लगने पर पूरी इमारत में एक साथ लोगों को पता चल जाता है।

5. यार्ड हाइड्रेंट

यह किसी भी जलस्रोत से आसानी से पानी लेने का सिस्टम होता है।

6. असेंबली बिल्डिंग : ऐसी इमारतें जहां 50 से ज्यादा लोग जमा होते हैं।

7. मर्केंटाइल बिल्डिंग : छोटी-छोटी दुकानें, स्टोर सहित अन्य व्यापार जहां होते हैं। जैसे सर्राफा बाजार, सुपर मार्केट।

8. इंडस्ट्रीयल बिल्डिंग : औद्योगिक क्षेत्र की ऐसी इमारतें जिनमें किसी भी प्रकार का उत्पादन हो रहा हो।

9. स्टोरेज बिल्डिंग : ऐसी इमारतें जिनका उपयोग भंडारण में किया जाता है, जैसे गोदाम, वेयरहाउस।

10. हेजार्डियस बिल्डिंग : ऐसी इमारतें, जहां खतरनाक केमिकल या पदार्थ का भंडारण व उत्पादन होता है।

3. वेट राइजर

यह पानी को इमारत में विभिन्न मंजिलों पर पहुंचाने का सिस्टम होता है।

8.स्मोक डिटेक्टर&अलार्म

धुआं होते ही अलार्म बजने लगता है, ताकि लोग सतर्क हो सकें।

बड़ा सवाल: एनओसी नहीं लेने वालों के खिलाफ सीज की कार्रवाई क्यों नहीं?

अग्निशमन विभाग बिल्डिंग बनने के बाद फायर की एनओसी देता है। बिल्डिंग मालिक को एनओसी लेने के लिए आवेदन करना होता है। इसके बाद विभाग की टीम पूरी जांच कर एनओसी देती है। बड़ा सवाल यह है कि शहर में बहुत कम बिल्डिंग्स में आगजनी को रोकने के संसाधन उपलब्ध है, बावजूद इसके नगर परिषद कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। अग्निशमन विभाग भी सिर्फ नोटिस देकर ही औपचारिकता पूरी कर रहा है।

सीधी बात

भास्कर: शहर में कितनी इमारताें पर उपकरण लगे हैं?

गहलोत: सूरत अग्निकांड के बाद शहर में चिह्नित 58 बिल्डिंग्स का सर्वे किया था, मात्र 2 इमारताें में ही सारे उपकरण मिले।

भास्कर : जिन बिल्डिंग्स मालिकों ने उपकरण नहीं लगाए उनका क्या किया ?

गहलोत: बिल्डिंग्स मालिकों को उपकरण लगाकर फायर की एनओसी लेने का नोटिस जारी किया गया है। कुछ जनों ने एनओसी का आवेदन किया है।

भास्कर : अब आगे क्या कार्रवाई कर सकते हैं?

गहलोत: नगर परिषद आयुक्त के निर्देश पर जिस बिल्डिंग्स में आगजनी को रोकने के लिए उपकरण नहीं और जिन्होंने एनओसी नहीं ले रखी है, उन्हें अंतिम नोटिस देकर सीज की कार्रवाई की जा सकती है।

भास्कर : शहर में फायर एनओसी के मामले में कोई बिल्डिंग सीज की है? इनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे भी या नहीं?

गहलोत: नहीं, शहर में फायर एनओसी के मामले में कोई बिल्डिंग सीज नहीं की है। इस संबंध में अब कार्रवाई की जाएगी।

रामलाल गहलोत, एएफओ, अग्निशमन विभाग, पाली

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