अगले साल परदे पर दिखेगा ह्यूमन कंप्यूटर शकुंतला का हुनर

Pali News - हा लिया रिलीज ‘मिशन मंगल’ से जोरदार वापसी कर चुकीं विद्या बालन जल्द ही अपने अगले प्रोजेक्ट पर जुटेंगी। यह ह्यूमन...

Sep 16, 2019, 07:01 AM IST
हा लिया रिलीज ‘मिशन मंगल’ से जोरदार वापसी कर चुकीं विद्या बालन जल्द ही अपने अगले प्रोजेक्ट पर जुटेंगी। यह ह्यूमन कंप्यूटर नाम से मशहूर रहीं शकुंतला देवी की बायोपिक है। इस फिल्म की अनाउंसमेंट इस साल मई में की गई थी और अब इसका टाइटल ‘शकुंतला देवी: ह्युमन कंप्यूटर’ तय किया गया है। दैनिक भास्कर अापके लिए फिल्म से विद्या का फर्स्ट लुक एक्सक्लूसिव लेकर आया है। विद्या इन दिनों लंदन में हैं जहां इस फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है। फिल्म की कास्ट एंड क्रू पिछले हफ्ते ही वहां पहुंच चुकी थी। मेकर्स इस फिल्म को अगले साल गर्मियों में रिलीज करने की प्लानिंग कर रहे हैं।

मैं हमेशा शकुंतला देवी की फैन रही हूं। वास्तव में महसूस करती रही कि उनकी कहानी अविश्वसनीय है। उसे बताया ही जाना चाहिए। वह एक असाधारण महिला थीं, जो अपने दौर में समय से आगे की सोच रखने वाली और अपनी शर्तों पर बिना किसी गिल्ट के जिया करती थीं।’

- अनु मेनन, डायरेक्टर

सारी कमान महिलाओं के हाथ में

इस फिल्म का निर्देशन अनु मेनन करेंगी और इसका स्क्रीनप्ले उन्होंने नयनिका महतानी के साथ मिलकर लिखा है। इशिता मोइत्रा इस फिल्म की डायलॉग राइटर हैं। एक तरह से देखा जाए तो यह संभवत: पहली ऐसी हिंदी फिल्म है, जिसमें डायरेक्शन से लेकर राइटिंग और मेन लीड तक की कमान महिलाओं के हाथों में हैं।

ऐसा बहुत रेयर ही होता है, जब आपको किसी ऐसे शख्स की कहानी दिखाने का मौका मिले जिसने पूरी दुनिया को इंस्पायर किया हो। मुझे खुशी है कि मुझे उनसे तीन बार मुलाकात करने का मौका मिला। उम्मीद है कि हम इस एसोसिएशन से जादुई असर वाली कहानी दर्शकों को दे सकेंगे।’

- स्नेहा रजानी, स्टूडियो हेड, सोनी पिक्चर्स

कैसे नाम पड़ा ह्यूमन कंप्यूटर

1977 में डलास यूनिविर्सटी में शकुंतला का मुकाबला कंप्यूटर ‘यूनीवैक’ से हुआ। शकुंतला को गणना करके 201 अंकों की एक संख्या का 23वां मूल निकालना था। इसे हल करने में उन्हें 50 सेकंड लगे। वहीं ‘यूनीवैक’ ने इसके लिए 62 सेकंड का समय लिया। इसके बाद से दुनियाभर में शकुंतला को ह्यूमन कम्प्यूटर के नाम से जाना जाने लगा।

इस फिल्म में शकुंतला देवी का किरदार निभा रहीं विद्या बालन का यह लुक पहली बार सामने आया है।

कौन थीं शकुंतला देवी

शकुंतला देवी मैथ्स जीनियस के तौर पर जानी जाती थीं। गणित पर धाकड़ पकड़ के चलते उनका नाम 1982 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ था। उन्होंने कई किताबें भी लिखीं जिसमें नॉवेल, मैथ्स पर बेस्ड बुक्स, पजल और एस्ट्राेलॉजी बुक्स भी शामिल हैं। उनकी किताब ‘द वर्ल्ड ऑफ होमोसेक्सुअल्स’ को भारत में होमोसेक्सुअलिटी पर बेस्ड पहली स्टडी के तौर पर लिया जाता है।

तीन साल की उम्र में पिता ने पहचाना टैलेंट

शकुंतला देवी के पिता सर्कस में काम किया करते थे। तीन साल की शकुंतला को कार्ड़स ट्रिक सिखाने के दौरान उन्होंने उसकी नंबर याद करने की एबिलिटी को पहचाना और सर्कस छोड़कर शकुंतला के टैलेंट के बल पर रोड शो करने लगे। वे वहां उनकी कैलकुलेशन एबिलिटी दर्शाया करते थे। शकुंतला ने इसके लिए कोई फॉर्मल एजुकेशन नहीं ली और छह साल की उम्र में उन्होंने मैसूर यूनिवर्सिटी में अपनी अरिथमैटिक एबिलिटीज को प्रदर्शित किया। फिल्म में इन सभी किस्सों को दर्शाया जाएगा।

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