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1975 में जनसंघ कार्यकर्ता, 1994 की शेखावत सरकार में मंत्री, 2014 में पार्षद बने... 2020 में बनेंगे सांसद

एक वर्ष पहले
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भाजपा के राजेंद्र गहलाेत का 45 साल का राजनीतिक सफर

जोधपुर | निगम पार्षद और पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत को भाजपा ने इस बार राज्यसभा का टिकट थमाया है। हालांकि वर्तमान राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया सहित भाजपा के पांच दिग्गज नेता इस दौड़ में थे, लेकिन पंचारिया का लोकल स्तर पर विरोध आैर केंद्रीय नेतृत्व के राजस्थान से आेबीसी वर्ग के नेता को टिकट देने की मंशा के चलते पैनल में पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी आैर राजेंद्र गहलोत रह गए। प्रदेश स्तर से सैनी की दावेदारी को मजबूत माना जा रहा था, लेकिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने राजेंद्र गहलोत के नाम पर सहमति दे दी, इसके बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा आैर गहलोत को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। भाजपा के दिग्गज नेता भैरोंसिंह शेखावत के मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके गहलोत को वर्ष 2014 में जोधपुर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए बतौर महापौर चुनाव लड़ने को कहा तो उन्होंने यह भी चुनौती स्वीकार की। हालांकि बाद में पार्टी ने महापौर नहीं बनाया, लेकिन गहलोत पांच साल तक निरंतर बोर्ड में अपनी सार्थक भूमिका निभाते हुए शहर के ज्वलंत मुद्दों को उठाया।

जयपुर। राज्यसभा चुनावों के लिए भाजपा ने राजस्थान से पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होने हैं। बहुमत के लिहाज से इनमें से दो सीटें कांग्रेस और एक सीट भाजपा के खाते में जानी तय मानी जा रही है। राजस्थान भाजपा से राज्यसभा टिकट के लिए पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व विधायक जसवंत विश्नोई, पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रभुलाल सैनी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और पूर्व सांसद सीआर चौधरी के नाम भी कोर कमेटी की चर्चा में आए थे, लेकिन इन सब पर तरजीह देते हुए कमेटी ने लो प्रोफाइल गहलोत के नाम को आगे बढ़ाया। गहलोत भाजपा की भैरोंसिंह सरकार में जलमंत्री रह चुके हैं वहीं 2015 में उन्होंने जोधपुर में पार्षद का चुनाव भी लड़ा। राज्यसभा चुनावों की अधिसूचना जारी होने बाद से प्रदेश में टिकट की दावेदारी को लेकर कई नेताओं ने दिल्ली की दौड़ भी लगाई। गहलोत को राज्यसभा प्रत्याशी चुने जाने के पीछे दो बड़ी वजह हैं। संघ बैकग्राउंड से आने वाले गहलोत लंबे समय से संगठन से जुड़े हैं।
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