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शिक्षा में 25 से अधिक नवाचार करने वाले शिक्षक जाेशी काे केंद्र सरकार ने एनसीटीई सदस्य बनाया

एक वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | पाली

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के पुनर्गठन की घोषणा कर दी है। इसमें 15 पदेन सदस्य के अलावा देशभर से 25 शिक्षाविदों को सदस्य बनाया गया है। 40 सदस्यीय परिषद में राजस्थान के शिक्षाविद संदीप जोशी को भी शामिल किया गया है। वर्तमान में जाेशी जालाेर जिले के रेवत स्थित विद्यालय में शिक्षक हैं। जोशी अपने शैक्षिक नावचारों के लिए देशभर में जाने जाते हैं। इनके नवाचार विज्ञान, गणित, इतिहास, प्रयोगशाला, पर्यावरण संरक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, देशभक्ति की शिक्षा, नारी सम्मान का संस्कार, मूल्य आधारित शिक्षा जैसे अनेक विषयों से जुड़े हुए हैं। विद्यार्थियों के कंधे से बस्ते का बोझ कम करने के लिए पिछले 12 वर्षों से कार्यरत हैं। इसके लिए उन्होंने 2007 में शनिवार को बैग फ्री डे और मासिक पाठ्यपुस्तक ज्ञानकोष के दो सुझाव दिए थे। अभी हाल ही में राजस्थान सरकार ने अपने बजट भाषण में बस्ता मुक्त शनिवार की घोषणा की है। इससे पहले केंद्रीय विद्यालय एवं देश के विभिन्न राज्य बस्ता मुक्त शनिवार की घोषणा कर चुके हैं। विद्यार्थियों में भारत संबंधी सामान्य ज्ञान में वृद्धि करने एवं स्कूली जीवन से ही प्रतियोगी की परीक्षाओं की तैयारी का वातावरण बनाने की दृष्टि से इन्होंने अपने विद्यालयों में भारत दर्शन गलियारा विकसित किया था, जो बाद में अनेक विद्यालयों तक पहुंचा। राजस्थान की पिछली सरकार ने अपने बजट भाषण में राज्य के सभी विद्यालयों में ऐसा भारत दर्शन गलियारा विकसित करने की घोषणा की थी ।

उपराष्ट्रपति ने किया था सम्मानित

प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक कक्षाओं में विज्ञान प्रयोगशाला विकसित करने का उनका नवाचार भी राज्यभर में अपनाया गया। शिक्षक जोशी पिछले वर्ष तब चर्चा में आए थे, जब उन्हें गुजरात में उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू ने विद्यालयी शिक्षा में नवचारों के सफल सृजन और क्रियान्वयन के लिए पुरस्कृत किया। इस दाैरान जाेशी के सुझाव पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री ने उसी दिन गुजरात के सभी स्कूलाें में उपस्थिति यस सर की बजाय जय भारत से लेने की घोषणा कर दी थी। निर्भया कांड के बाद उपजे वातावरण में उन्होंने छात्र जीवन से ही नारी सम्मान की शिक्षा देने के लिए विद्यालयों में सार्वजनिक कन्या पूजन कार्यक्रमों का प्रारंभ किया था।

संदीप जाेशी
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