ट्रम्प के खिलाफ नए सबूत, प्रमुख हस्तियां धांधली का पर्दाफाश करने के लिए तैयार

Pali News - Â राजनयिक ने यूक्रेन कांड में शामिल होना कबूल किया Â कानूनविद ने कहा ट्रम्प को हटाने के लिए सबूत नहीं जॉन मीकम...

Nov 10, 2019, 07:01 AM IST
 राजनयिक ने यूक्रेन कांड में शामिल होना कबूल किया

 कानूनविद ने कहा ट्रम्प को हटाने के लिए सबूत नहीं

जॉन मीकम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ 13 नवंबर से संसद (कांग्रेस) में शुरू हो रही महाभियोग की कार्रवाई को देश के लिए परीक्षा की घड़ी माना जा रहा है। इस बीच ट्रम्प के खिलाफ कई नए सबूत सामने आए हैं। पहले जिन प्रमुख लोगों ने मामले में गवाही देने से इनकार किया था। अब उन्होंने सरकार की कारगुजारियों पर रोशनी डाली है।

यूरोपियन यूनियन में अमेरिका के राजदूत गोर्डन सोंडलैंड ने कांग्रेस में अपनी गवाही में सुधार किया है। उन्होंने स्वीकार किया है कि ट्रम्प के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन के परिजनों की कारोबारी गतिविधियों की जांच के लिए यूक्रेन सरकार से कहने के मामले में वे शामिल हैं। ट्रम्प सरकार ने यूक्रेन को इशारा किया था कि बाइडेन के परिजनों की जांच न किए जाने पर उसे अमेरिकी सहायता रोकी जा सकती है। बाइडेन के बेटे ने यूक्रेन में गैस की खोज से संबंधित ठेके लिए हैं।

व्हाइट हाउस के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ मिक मुलावेनी अब तक संसद के सम्मन का जवाब देने से इनकार करते रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ट्रम्प प्रशासन द्वारा यूक्रेन पर दबाव डालने के मामले से उन लोगों को अलग ही रहना चाहिए। बाद में मुलावेनी ने अपनी टिप्पणी से पीछे हटने का कोशिश की थी। उनका कथन डोनाल्ड ट्रम्प के मनमाने तौर-तरीकों की झलक दिखाता है। ट्रम्प की सोच है कि जो मर्जी आए वह करो। जिसमें हिम्मत है, वह चुनौती देकर दिखाए। वैसे, मुलावेनी ने माना है कि सरकार को संसद की मंजूरी के बाद यूक्रेन की मदद रोकने का अधिकार नहीं है। इसके अलावा ट्रम्प के वकील रूडी गुलियानी एक टीवी कार्यक्रम में स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने जो बाइडेन के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए यूक्रेन पर दबाव डालने के ट्रम्प के प्रयासों में मुख्य भूमिका निभाई है। वैसे, बाद में उन्होंने इससे मुकरने का प्रयास किया है। ट्रम्प और अगले राष्ट्रपति चुनाव का निर्णय दो पक्षों पर निर्भर करेगा। पहला-संसद के दोनों सदन (कांग्रेस और सीनेट) और दूसरा मतदाता। 2020 के चुनाव का परिणाम निर्णय करेगा कि अमेरिकी जनता भावना को महत्व देती है या तथ्यों को।

ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग के मामले में कानूनी विशेषज्ञ रॉबर्ट रे की राय है कि अपराध न होने की स्थिति में महाभियोग नहीं चलाया जा सकता है। इस समय दलील दी जा रही है कि राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है यदि साबित हो जाए कि उन्होंने 25 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बातचीत के दौरान सत्ता का दुरुपयोग किया है। आरोप यह होना चाहिए कि अपराध किया गया है। इसके लिए पद का दुुरुपयोग भी हुआ है।

रे के अनुसार महाभियोग पर जोर देने वालों के साथ समस्या है कि ट्रम्प द्वारा अपराध किए जाने के प्रमाण नहीं हैं। व्हाइट हाउस ने 25 सितंबर को ट्रम्प-जेलेंस्की टेलीफोन कॉल का सार जारी किया है। इसके आधार पर देश के आधे लोग विश्वास करते हैं कि ट्रम्प ने अमेरिकी सरकार की कार्यवाही के बदले व्यक्तिगत फायदा उठाना चाहा है। लेकिन, ट्रम्प ने जेलेंस्की से स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा था। इसलिए अपराध करने का सबूत नहीं मिलता है।

(टाइम और टाइम लोगो रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क हैं। इनका उपयोग अनुबंध के तहत किया गया है।)

 राजनयिक ने यूक्रेन कांड में शामिल होना कबूल किया

 कानूनविद ने कहा ट्रम्प को हटाने के लिए सबूत नहीं

जॉन मीकम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ 13 नवंबर से संसद (कांग्रेस) में शुरू हो रही महाभियोग की कार्रवाई को देश के लिए परीक्षा की घड़ी माना जा रहा है। इस बीच ट्रम्प के खिलाफ कई नए सबूत सामने आए हैं। पहले जिन प्रमुख लोगों ने मामले में गवाही देने से इनकार किया था। अब उन्होंने सरकार की कारगुजारियों पर रोशनी डाली है।

यूरोपियन यूनियन में अमेरिका के राजदूत गोर्डन सोंडलैंड ने कांग्रेस में अपनी गवाही में सुधार किया है। उन्होंने स्वीकार किया है कि ट्रम्प के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन के परिजनों की कारोबारी गतिविधियों की जांच के लिए यूक्रेन सरकार से कहने के मामले में वे शामिल हैं। ट्रम्प सरकार ने यूक्रेन को इशारा किया था कि बाइडेन के परिजनों की जांच न किए जाने पर उसे अमेरिकी सहायता रोकी जा सकती है। बाइडेन के बेटे ने यूक्रेन में गैस की खोज से संबंधित ठेके लिए हैं।

व्हाइट हाउस के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ मिक मुलावेनी अब तक संसद के सम्मन का जवाब देने से इनकार करते रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ट्रम्प प्रशासन द्वारा यूक्रेन पर दबाव डालने के मामले से उन लोगों को अलग ही रहना चाहिए। बाद में मुलावेनी ने अपनी टिप्पणी से पीछे हटने का कोशिश की थी। उनका कथन डोनाल्ड ट्रम्प के मनमाने तौर-तरीकों की झलक दिखाता है। ट्रम्प की सोच है कि जो मर्जी आए वह करो। जिसमें हिम्मत है, वह चुनौती देकर दिखाए। वैसे, मुलावेनी ने माना है कि सरकार को संसद की मंजूरी के बाद यूक्रेन की मदद रोकने का अधिकार नहीं है। इसके अलावा ट्रम्प के वकील रूडी गुलियानी एक टीवी कार्यक्रम में स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने जो बाइडेन के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए यूक्रेन पर दबाव डालने के ट्रम्प के प्रयासों में मुख्य भूमिका निभाई है। वैसे, बाद में उन्होंने इससे मुकरने का प्रयास किया है। ट्रम्प और अगले राष्ट्रपति चुनाव का निर्णय दो पक्षों पर निर्भर करेगा। पहला-संसद के दोनों सदन (कांग्रेस और सीनेट) और दूसरा मतदाता। 2020 के चुनाव का परिणाम निर्णय करेगा कि अमेरिकी जनता भावना को महत्व देती है या तथ्यों को।

ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग के मामले में कानूनी विशेषज्ञ रॉबर्ट रे की राय है कि अपराध न होने की स्थिति में महाभियोग नहीं चलाया जा सकता है। इस समय दलील दी जा रही है कि राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है यदि साबित हो जाए कि उन्होंने 25 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बातचीत के दौरान सत्ता का दुरुपयोग किया है। आरोप यह होना चाहिए कि अपराध किया गया है। इसके लिए पद का दुुरुपयोग भी हुआ है।

रे के अनुसार महाभियोग पर जोर देने वालों के साथ समस्या है कि ट्रम्प द्वारा अपराध किए जाने के प्रमाण नहीं हैं। व्हाइट हाउस ने 25 सितंबर को ट्रम्प-जेलेंस्की टेलीफोन कॉल का सार जारी किया है। इसके आधार पर देश के आधे लोग विश्वास करते हैं कि ट्रम्प ने अमेरिकी सरकार की कार्यवाही के बदले व्यक्तिगत फायदा उठाना चाहा है। लेकिन, ट्रम्प ने जेलेंस्की से स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा था। इसलिए अपराध करने का सबूत नहीं मिलता है।

(टाइम और टाइम लोगो रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क हैं। इनका उपयोग अनुबंध के तहत किया गया है।)

 राजनयिक ने यूक्रेन कांड में शामिल होना कबूल किया

 कानूनविद ने कहा ट्रम्प को हटाने के लिए सबूत नहीं

जॉन मीकम

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ 13 नवंबर से संसद (कांग्रेस) में शुरू हो रही महाभियोग की कार्रवाई को देश के लिए परीक्षा की घड़ी माना जा रहा है। इस बीच ट्रम्प के खिलाफ कई नए सबूत सामने आए हैं। पहले जिन प्रमुख लोगों ने मामले में गवाही देने से इनकार किया था। अब उन्होंने सरकार की कारगुजारियों पर रोशनी डाली है।

यूरोपियन यूनियन में अमेरिका के राजदूत गोर्डन सोंडलैंड ने कांग्रेस में अपनी गवाही में सुधार किया है। उन्होंने स्वीकार किया है कि ट्रम्प के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन के परिजनों की कारोबारी गतिविधियों की जांच के लिए यूक्रेन सरकार से कहने के मामले में वे शामिल हैं। ट्रम्प सरकार ने यूक्रेन को इशारा किया था कि बाइडेन के परिजनों की जांच न किए जाने पर उसे अमेरिकी सहायता रोकी जा सकती है। बाइडेन के बेटे ने यूक्रेन में गैस की खोज से संबंधित ठेके लिए हैं।

व्हाइट हाउस के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ मिक मुलावेनी अब तक संसद के सम्मन का जवाब देने से इनकार करते रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ट्रम्प प्रशासन द्वारा यूक्रेन पर दबाव डालने के मामले से उन लोगों को अलग ही रहना चाहिए। बाद में मुलावेनी ने अपनी टिप्पणी से पीछे हटने का कोशिश की थी। उनका कथन डोनाल्ड ट्रम्प के मनमाने तौर-तरीकों की झलक दिखाता है। ट्रम्प की सोच है कि जो मर्जी आए वह करो। जिसमें हिम्मत है, वह चुनौती देकर दिखाए। वैसे, मुलावेनी ने माना है कि सरकार को संसद की मंजूरी के बाद यूक्रेन की मदद रोकने का अधिकार नहीं है। इसके अलावा ट्रम्प के वकील रूडी गुलियानी एक टीवी कार्यक्रम में स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने जो बाइडेन के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए यूक्रेन पर दबाव डालने के ट्रम्प के प्रयासों में मुख्य भूमिका निभाई है। वैसे, बाद में उन्होंने इससे मुकरने का प्रयास किया है। ट्रम्प और अगले राष्ट्रपति चुनाव का निर्णय दो पक्षों पर निर्भर करेगा। पहला-संसद के दोनों सदन (कांग्रेस और सीनेट) और दूसरा मतदाता। 2020 के चुनाव का परिणाम निर्णय करेगा कि अमेरिकी जनता भावना को महत्व देती है या तथ्यों को।

ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग के मामले में कानूनी विशेषज्ञ रॉबर्ट रे की राय है कि अपराध न होने की स्थिति में महाभियोग नहीं चलाया जा सकता है। इस समय दलील दी जा रही है कि राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है यदि साबित हो जाए कि उन्होंने 25 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बातचीत के दौरान सत्ता का दुरुपयोग किया है। आरोप यह होना चाहिए कि अपराध किया गया है। इसके लिए पद का दुुरुपयोग भी हुआ है।

रे के अनुसार महाभियोग पर जोर देने वालों के साथ समस्या है कि ट्रम्प द्वारा अपराध किए जाने के प्रमाण नहीं हैं। व्हाइट हाउस ने 25 सितंबर को ट्रम्प-जेलेंस्की टेलीफोन कॉल का सार जारी किया है। इसके आधार पर देश के आधे लोग विश्वास करते हैं कि ट्रम्प ने अमेरिकी सरकार की कार्यवाही के बदले व्यक्तिगत फायदा उठाना चाहा है। लेकिन, ट्रम्प ने जेलेंस्की से स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा था। इसलिए अपराध करने का सबूत नहीं मिलता है।

(टाइम और टाइम लोगो रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क हैं। इनका उपयोग अनुबंध के तहत किया गया है।)

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना