एनएसई का फैसला-जेट एयरवेज के शेयरों में 28 जून के बाद कोई कारोबार नहीं होगा

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 10:20 AM IST

Pali News - नेशनल स्टॉक एक्सचेंज जेट एयरवेज के शेयरों की ट्रेडिंग पर 28 जून से पाबंदी लगा देगा। उसने शेयरों में अत्यधिक...

Rani News - rajasthan news nse decision no business will be traded after june 28 in jet airways shares
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज जेट एयरवेज के शेयरों की ट्रेडिंग पर 28 जून से पाबंदी लगा देगा। उसने शेयरों में अत्यधिक अस्थिरता को रोकने के लिए यह कदम उठाया। नकदी किल्लत से जूझते हुए जेट एयरवेज को 17 अप्रैल से अपने परिचालन को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा था। इसके बाद से भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में बैंकों का समूह इसके परिचालन के लिए नया खरीदार ढूंढ रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने एक सर्कुलर में कहा कि कंपनी को रॉलिंग सेगमेंट से ट्रेड फॉर ट्रेड सेगमेंट में शिफ्ट किया जाएगा। ट्रेड फॉर ट्रेड सेगमेंट के तहत शेयरों की ट्रेडिंग पर रोक है। सर्कुलर के मुताबिक, कंपनी एक्सचेंज को अपने बारे में विभिन्न अफवाहों का जवाब देने में नाकाम रही है। एक्सचेंज ने कहा कि कंपनी का जवाब स्पष्ट और संतोषजनक नहीं था। साथ ही, कंपनी मार्च 2019 में समाप्त हुए वित्त वर्ष के वित्तीय नतीजों पर विचार करने और उसे मंजूरी देने की स्थिति में नहीं है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर 17.72% की गिरावट के साथ 90.75 रुपए पर बंद हुए।

कर्ज : जेट एयरलाइन पर बैंको का 8,000 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया

15 अप्रैल से 65% गिरे हैं शेयर

261.70

15 अप्रैल

आदि ग्रुप ने पेशकश दी, 48 घंटे में जवाब मांगा

हिंदुजा के बाद ब्रिटेन के एक अन्य कारोबारी समूह आदिग्रुप ने जेट के परिचालन में रूचि दिखाई है। लेकिन कंपनी जेट प्रबंधन कर रहे बैंकों के समूह को केवल 48 घंटे में उसकी पेशकश पर विचार करने को कहा है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग पार्टनर संजय विश्वनाथ ने कहा है कि हमारी पेशकश पर सरकार को 48 घंटे में विचार करना होगा अन्यथा हम पेशकश वापस ले लेंगे। आदिग्रुप एतिहाद के साथ साझेदारी करके जेट का परिचालन करने के लिए इच्छुक है।

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22 अप्रैल

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17 मई

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12 जून

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13 जून

जेट के रिवाइवल के लिए बना वाॅर रूम

बैंकों ने जेट एयरवेज के लिए एक वॅार रूम बनाया है। इसमें कर्जदाताओं के सभी जरूरी दस्तावेज रखे गए हैं। यहां जेट के पूर्व सीईओ क्रेमर बेल की अगुवाई में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें एसबीआई और हिंदुजा ग्रुप के 5-6 प्रतिनिधि शामिल थे। इस पूरे मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बैठक में कई अहम मसलों पर बातचीत हुई।

रिवाइवल: 5 हजार करोड़ की जरूरत

जेट को दोबारा शुरू करने के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपए की तत्काल जरूरत होगी। 17 अप्रैल से बंद चल रही एयरलाइन के ऊपर करीब 8,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। कंपनी के पूर्व सीईओ विनय दुबे की भूमिका कंपनी मामलों के मंत्रालय की निगरानी में है। मंत्रालय उनके कार्यकाल के दौरान हुई कई अनियमितताओं की जांच कर रही है।

वेंडर्स की याचिका पर सुनवाई टली

जेट के पूर्व वेंडर शमन व्हील्स और गागर इंटरप्राइजेज की याचिका एनसीएलटी कोर्ट में खारिज हो गई। गागर जहां पानी की बोतल सप्लाई करती थी, शमन व्हील्स ट्रक और ट्रेलर बेचती थी। वेंडर्स ने अपनी याचिका में जेट पर दिवालिया कानून के तहत कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी। याचिका पर 13 जून को सुनवाई होनी थी। लेकिन अब तारीख 20 जून कर दी गई है।

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