एनटीए: हमारा काम एग्जाम्स करवाना, फीस तय करना नहीं
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित होने वाली देश की दो सबसे बड़ी परीक्षाओं जेईई मेन व नीट में लड़कियों की रजिस्ट्रेशन फीस में पांच गुना का अंतर है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जहां जेईई मेन में लड़कियों की रजिस्ट्रेशन फीस लड़कों की तुलना में कम है। वहीं नीट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इस संबंध में मध्यप्रदेश के नीमच के आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रशेखर गौर ने आरटीआई लगाई थी। उन्होंने बताया कि फीस में यह अंतर जानने के लिए आरटीआई सबमिट की थी। उधर, नीट 2020 में सामान्य वर्ग (छात्र-छात्रा) की रजिस्ट्रेशन फीस 1500 रुपए है। वहीं जेईई मेन में लड़कों की रजिस्ट्रेशन फीस 650 और लड़कियों की 325 रुपए है। यानि जेईई मेन की तुलना में नीट की रजिस्ट्रेशन फीस करीब करीब पांच गुना अधिक है। नीट में आरक्षित वर्ग की रजिस्ट्रेशन फीस भी जेईई मेन में अनारक्षित वर्ग से अधिक है। इसी के साथ इस विषय पर देश व्यापी बहस छिड़ गई है।
हर साल गर्ल्स रजिस्ट्रेशन में बढ़ोतरी...125 करोड़ रु. की आय 2019 में
16
लाख कुल रजिस्ट्रेशन साल 2020 में
आरटीआई: 1 एजेंसी, 2 परीक्षाएं, गर्ल्स रजिस्ट्रेशन फीस 5 गुना ज्यादा क्यों?
कुल रजिस्ट्रेशन 2018 में
कुल रजिस्ट्रेशन 2019 में
5.80
लाख लड़के
7.46
लाख लड़कियां
6.80
लाख लड़के
8.38
लाख लड़कियां
एनटीए एग्जाम कंडक्ट करवाता है। फीस तय करना हमारे अधिकार में नहीं होता है। लेकिन इसे संबंधित एजेंसी को बताया जाएगा।
-विनीत जोशी, डायरेक्टर, एनटीए
गेट में भी छात्राओं को छूट, नीट पीजी में फीस ज्यादा
यूजी के साथ ही दोनों स्ट्रीम की पीजी सिस्टम में अंतर नहीं है। सामान्य वर्ग की नीट पीजी एंट्रेंस फीस 3750 रुपए है। आईआइटी की पीजी स्ट्रीम एट्रेंस के लिए होने वाले गेट में लड़कों की फीस 1500 व लड़कियों इससे आधी यानि 750 रुपए ही है। यहां पर एग्जाम करवाने वाली एजेंसियां अलग अलग है। आईआईटी गेट हर साल आईआईटीज व नीट पीजी नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन की ओर से होता है।
...जबकि मीटिंग में थे एनटीए अधिकारी, नहीं जताई आपत्ति
पूर्व में एक अन्य आरटीआई में दी गई सूचना के अनुसार नीट की रजिस्ट्रेशन फीस अक्टूबर में तय हो गई थी। संबंधित मीटिंग में मिनिस्ट्री ऑफ हैल्थ, जिपमेर, एम्स व कई राज्यों के मेडिकल एजुकेशन के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस मीटिंग में नीट के डायरेक्टर विनीत जोशी व सीनियर डायरेक्टर डाॅ. साधना पाराशर भी मौजूद रहे। लड़कियों की फीस पर किसी ने आपत्ति नहीं जताई। जबकि जेईई मेन्स की फीस के अंतर के बारे में सभी वाकिफ हैं। लेकिन नीट पर कोई आपत्ति नहीं की गई।