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साेजत में एक ही मंच पर सात फेरे व निकाह
सामूहिक लग्न व निकाह का अायाेजन अपने अाप में रहा अनूठा
शहर के िनम्बली नाड़ी राेड पर सर्वधर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन का अायाेजन गुरुवार काे शाह एकता विकास समिति संस्था द्वारा अायाेजित किया गया। इस दाैरान अायाेजन स्थल पर गाजाें-बाजाें के साथ बाराताें का स्वागत हुअा। वहीं इतने जाेड़ाें के एक साथ सामूहिक लग्न व निकाह का अायाेजन अपने अाप में अनूठा रहा। गुरुवार सवेरे से ही बाराताें का पहुंचना शुरू हाे गया, िजनका वधू पक्ष की अाेर से कुमकुम का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन दाेनाें अायाेजन स्थल पर पहुंुचे। यहां पर सभी ने एक-दूसरे काे माला पहनाई। इस दाैरान विवाह के मंगल गीत अायाेजन स्थल पर गूंजने लगे। इसके बाद पंडिताें व काजी की उपस्थिति में अपनी-अपनी धर्म की परम्परा अनुसार विवाह के फेरे व निकाह करवाए गए। अायाेजन मे 111 जाेड़े हिंदू समाज व 3 जाेड़े मुस्लिम समाज के थे। अायाेजन के दाे दिन पूर्व ही सभी जाेड़ाें काे समान रूप से साेने-चांदी के अाभूषण के साथ घर-गृहस्थी का सामान व कुछ फर्नीचर भंेट स्वरूप दे दिया गया। तत्पश्चात बेटियाें की विदाई हुई।
समय की जरूरत है एेसे अायाेजन : कच्छवाह
पूर्व प्रधान राजेशसिंह कच्छवाह ने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक साैहार्द्र की सबसे ज्यादा जरूरत है। सभी धर्माें का अादर हाेना हमारा प्राणतत्व है। अाज यह अायाेजन साम्प्रदायिक साैहार्द्र की एक मिशाल के रूप में सामने अाया है। इस माैके पूर्व विधायक संजना अागरी ने कहा कि महंगाई के दाैर में सामाजिक रीति रिवाजाें में बेवजह खर्च व दिखावे के कारण शादियाे के खर्चे बजट से बाहर हाे रहे हैं। यह अायाेजन सीमित खर्चे में अपना दाम्पत्य जीवन शुरू करने के लिए एक सीख की तरह है। कार्यक्रम में महामण्डलेश्वर अाचार्य अाेमजी महाराज ने सभी धर्माें काे एक छत के नीचे एक साथ एक अनुष्ठान के रूप में नई तस्वीर सामने अाने के लिए अायाेजन समिति काे धन्यवाद दिया। उन्हाेंने कहा कि परमतत्व एक ही है, लेकिन उसकी अराधना अलग-अलग रूपाें व नामाें से की जाती है। इन सभी में केवल नाम का भेद है, िजसमें अलग-अलग रास्ताें के जरिए परमात्मा तक पहुंचने की बात है। इस माैके शाह एकता विकास समिति के अध्यक्ष जल्लालुद्दीन शाह व समिति के दिनेश उज्जवल ने बताया कि गुरुवार को सम्पन्न हुए सर्वधर्म सामूहिक विवाह में 3 मुस्लिम जोड़ों सहित 111 हिन्दू धर्म के जोड़े कुल 114 जाेड़े परिणय सूत्र में बंधे।
संस्था अब तक 1500 वर-वधुअाें की करा चुकी शादी : चांद शाह ने बताया कि संस्था ने अब तक राजस्थान के कई जिलों में अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, जोधपुर आदि जिलों में सभी जाति व सभी धर्म के 1500 वर-वधुओं की शादी करा चुकी है। जिसमें सोजत में 114 जोड़े का सर्वधर्म सम्मेलन कराया गया। जिसमें अलग-अलग धर्मों के अनुसार उन्हीं की रीति रिवाज से शहर काजी द्वारा निकाह एवं पंडित के द्वारा विधिवत फेरे करवाए गए। शाह ने कहा कि इस तरह के प्रोग्राम एक छत के नीचे सभी धर्मो को एक साथ लेकर देश में भाईचारा को बढ़ावा देता है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सद्भावना बढ़ाना, निर्धन परिवार की कन्याओं का विवाह करवाना, विवाह में होने वाले फिजूल खर्चों से बचाना, सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना व इसके लिए सर्वधर्म को प्रोत्साहित करना है। सामूहिक विवाह जन सहयोग से किया जाता है। इस मौके पर युसूफ रज़ा खान,सद्दाम हुसैन,भरत वैष्णव,गजेंद्र सिंगाड़िया,रशीद गौरी, सत्तू सिंह भाटी,दिनेश पहाडिया, कालूराम अणकिया, हीरालाल आर्य, आशीष टांक,अभिषेक सोनी, चम्पालाल खोरवाल,उगमराज सिंगाड़िया अादि माैजूद थे।
साेजत. सर्वधर्म सामूहिक विवाह में उपस्थित दूल्हे।
_photocaption_साेजत. सर्वधर्म सामूहिक विवाह में मंडप में बैठे दूल्हा-दुल्हन व परिजन।*photocaption*