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ग्रीक गॉड की इमेज से कॉमन लुक के टीचर के किरदार में यूं ढल गए ऋतिक

2 वर्ष पहले
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ऋ तिक रोशन का नाम भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे हैंडसम लोगों में शामिल किया जाता है। वे एशिया के सबसे सेक्सिएस्ट शख्स की पदवी से नवाजे जा चुके हैं, तो कुछ लोग उन्हें ग्रीक गॉड् कहकर भी बुलाते हैं। उन्हें फिल्मों में रोल भी उनकी इस हैंडसम इमेज पर सूट करने वाले ही मिलते रहे हैं। पर उनकी आने वाली फिल्म ‘सुपर 30’ में उन्हें अपनी चिरपरिचित इमेज से अलग रोल मिला। वे इसमें कॉमन मैन की तरह नजर आने वाले मैथमैटीशियन आनंद कुमार के रोल में हैं। इस कैरेक्टर को आत्मसात करने, उनके जैसा लुक पाने के लिए ऋतिक को काफी प्रयास करने पड़े। खुद ऋतिक ने हमसे इस फिल्म के कैरेक्टर स्किन में जाने के पूरे प्रॉसेस को विस्तार से साझा किया।

आनंद के लुक में बेचे पापड़
आनंद कुमार ने शुरुआती संघर्ष के दिनों के सीन फिल्माना भी एक बड़ी चुनौती थी। सड़कों पर पापड़ बेचने के सीन की ऋतिक ने राजस्थान की 45 डिग्री की चिलचिलाती गर्मी में शूटिंग की। फिल्म से जुड़े करीबी सूत्र के अनुसार, ऐसे मौसम में फिल्माना आसान नहीं था, क्योंकि गर्मी के कारण क्रू के लोग पसीने में भीग जाते थे और डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते थे। पर ऋतिक अपने किरदार की स्प्रिट पकड़ने के लिए ऐसे मौसम से नहीं डरे ओर घंटों तक सड़कों पर तपते सूरज के नीचे रहते थे। उन्होंने अपने इस फिल्म के लुक में ही पापड़ भी बेचे।

फेरीवालों से घुलमिल गए ऋतिक
ऋतिक के कई लुक टेस्ट लिए गए। जब राजस्थान में पहले शेड्यूल के लिए टीम शूटिंग कर रही थी, तब उनका यह लुक आखिरकार फाइनल किया गया। शूटिंग के दौरान ऋतिक कुछ रियल स्ट्रीट फेरीवालों और पापड़ विक्रेताओं के साथ काफी अच्छे से घुलमिल गए थे और वे अपने किरदार में बिल्कुल फिट दिख रहे थे।

से दस तक सिटिंग आनंद कुमार के साथ रखकर सुनी उनकी जिंदगानी की कहानी

घंटे तक हुआ करती थीं मीटिंग्स, बातचीत करते थे रिकॉर्ड

किलो से ज्यादा वजन घटाया, फिर उतना बढ़ाया भी

महीने में सीख पाए बिहारी एक्सेंट, स्टूडेंट्स से ली मदद

Áबच्चे बने मददगार

उन तीस बच्चों में सेंस ऑफ अबैंडन था। दरअसल वे सब क्लीन स्लेट थे। उनको किसी ने न तो एक्टिंग सिखाई थी, न डायलॉग डिलीवरी की फॉर्मल ट्रेनिंग मिली। वे सब के सब नैचुरल थे। उनके साथ बिताए वक्त ने मुझे किरदार में ढलने में काफी मदद की।

‘मेरे हाथों की हरकतों को पकड़ने से लेकर आंखों में दर्द और संघर्ष के रिफ्लेक्शन तक, मैं ऋतिक के प्रयासों को देखकर हैरत में था। ऋतिक ने बेहद पूर्णता के साथ मेरा रील किरदार निभाया है, जहां उन्होंने मेरी आत्मा को अपने चरित्र में पिरोया है। ऐसा लगा कि मैं खुद को स्क्रीन पर देख रहा हूं। वे मेरी परछाई की तरह दिखते हैं।’

आनंद कुमार (जिनकी जिंदगी पर यह फिल्म बन रही है।)

वीडियो से सीखी बॉडी लैंग्वेज
आनंद जी के कैरेक्टर में जाने मैंने उनसे मुलाकातों का सिलसिला शुरू किया। मैंने उनके साथ होने वाली बातचीतों के वीडियो रिकॉर्ड करवाना शुरू कर दिए। रात को उसे ध्यान से देखता, उससे उनकी बॉडी लैंग्वेज पकड़ने में आसानी होने लगी।

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मीटिंग्स से समझी पर्सनालिटी
उनसे आधा दर्जन से ज्यादा मीटिंग्स कीं। सब दो-दो घंटों से ज्यादा की होती थीं। कई बार चार-चार घंटों की मीटिंग भी हुआ करती थीं। इन मीटिंग्स से उनकी पर्सनालिटी को समझने में मदद मिली।

साथ रहकर पकड़ी एक्सेंट
मैंने तीन महीने एक्सेंट सीखने पर दिए। सभी तीस बच्चों के साथ खूब घुल मिलकर रहा। उनके साथ बोलकर धीरे-धीरे बिहारी एक्सेंट पकड़ना शुरू किया। उन बच्चों ने मुझे बहुत कंफर्ट दिया।

पहले घटाया, फिर बढ़ाया वजन
आनंद सर असल जीवन में सिक्स पैक एब्स वाले तो हैं नहीं, इसलिए उनके रोल के लिए मुझे अपना वेट तकरीबन 7 किलो कम करना पड़ा। फिर आगे के सीन्स के लिए वजन को बढ़ाया भी है।

बच्चों के साथ में घुल मिलकर रहा, उनसे काफी कुछ सीखा।

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मेहनत की डार्क टोन
इस िफल्म में मेरी कलर टोन डार्क एक लॉजिक के तहत रखी गई है। एक बंदा जो चिलचिलाती गर्मी में पापड़ बेचता हो, जमकर मेहनत करता हो, वह गोरा कैसे हो सकता है।

डिग्री की धूप में पापड़ बेचने के सीन भी मैंने किए।

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