Hindi News »Rajasthan »Parbatsar» भोपा अस्पताल में आत्मा बुलाने के नाम पर 1 घंटे तक करता रहा पूजा, किसी ने नहीं रोका

भोपा अस्पताल में आत्मा बुलाने के नाम पर 1 घंटे तक करता रहा पूजा, किसी ने नहीं रोका

शहर का राजकीय चिकित्सालय। वक्त सुबह करीब 9 बजे। आस-पास के गांवों से कुछ मरीज यहां चिकित्सकों से परामर्श लेने आए।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 30, 2018, 06:10 AM IST

भोपा अस्पताल में आत्मा बुलाने के नाम पर 1 घंटे तक करता रहा पूजा, किसी ने नहीं रोका
शहर का राजकीय चिकित्सालय। वक्त सुबह करीब 9 बजे। आस-पास के गांवों से कुछ मरीज यहां चिकित्सकों से परामर्श लेने आए। लेकिन अस्पताल में प्रवेश करने से पहले उन्होंने एक वैन देखी। जिसमें पूजा-अर्चना चल रही थी। एक भोपा और कुछ व्यक्ति गाड़ी में सवार थे। इस बारे में जैसे ही भोपा व परिजनों से पूछा तो बताया कि किसी युवक की आत्म अस्पताल में भटक रही है। जिसकी शांति के लिए वे पूजा कर रहे है।

जानकारी के अनुसार मसूदा निवासी गणेशराम राइका (43) की करीब 2 साल पहले हार्ट अटैक से चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों का मानना है कि भोपा ने बताया था कि मृतक की आत्मा को अभी तक मुक्ति नहीं मिली है। उसकी आत्मा चिकित्सालय में ही भटक रही है। गुरुवार को भोपा द्वारा परबतसर के चिकित्सालय परिसर में अगरबत्ती कर नारियल रखा गया। मृतक के परिजन एक वैन में आए। हालांकि उस गाड़ी में भी एक दीपक जलाया हुआ भी नजर आ रहा था। जिसे देखा जा सकता है। परिजनों के साथ आए भोपा ने पहले गाड़ी के अंदर ही पूजा पाठ किया और फिर चिकित्सालय परिसर में धूप किया। हालांकि इस दौरान सभी मरीज और मौजूद लोग भी वहां मौजूद थे। जो केवल मूकदर्शक बने रहे। जैसे ही अस्पताल में यह सूचना फैली, यह अंधविश्वास देखने के लिए गाड़ी के पास भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।

परबतसर. वैन में बैठकर पूजा पाठ करते परिजन व भोपा।

2 साल पहले हार्ट अटैक से अस्पताल में हुई थी मौत

भास्कर की जांच में सामने आया है कि मसूदा निवासी गणेशराम राइका (43) की शहर के मिस्त्री मार्केट में कबानी की दुकान थी। 2 साल पहले तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने हार्ट अटैक होना बता रेफर कर दिया। परंतु इसी दौरान अस्पताल परिसर में ही गणेशराम की मौत हो गई थी।

मरीज व परिजन बोले - वर्तमान दौर में अंधविश्वास उचित नहीं

शहर सहित आस-पास के स्थानों से चिकित्सकों से जांच कराने व परामर्श लेने आए अनेक मरीज व उनके साथ आए परिजन वैन में चल रही इस पूजा पाठ को देखते रहे। लेकिन किसी ने भी उन्हें रोकने का प्रयास तक नहीं किया। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने इसे हैरानी भरा निर्णय भी बताया। उनका कहना था कि वर्तमान की 21वीं सदी में भी इतना अंधविश्वास है कि किसी व्यक्ति के कुछ भी कहने पर आसानी से मान लिया जाता है। वहीं कई लोगों ने इस घटना को लेकर आश्चर्य भी जताया कि अस्पताल जैसे परिसर में इतना सब कुछ होने के बाद भी उन्हें किसी िजम्मेदारी व्यक्ति ने रोकने तक का प्रयास नहीं किया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम से किनारा करते हुए कहा कि उन्हें आज हुए घटनाक्रम के बारे में उन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। इसलिए वे इस बारे में कुछ ज्यादा नहीं बता सकते है। वहीं अस्पताल प्रबंधन से जुड़े कार्मिकों से फोन पर जानकारी चाहने का भी प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ ही मिला।

परिजन आज गांव में करेंगे मूर्ति की स्थापना

अब रिश्तेदार शुक्रवार को पैतृक गांव में उसकी मूर्ति स्थापना करेंगे एवं गुरुवार को रात्रि जागरण है। रिश्तेदारों को भोपा ने सलाह दी कि जिस जगह गणेशराम की मौत हुई है, उस जगह से ज्योत गांव जागरण में ले जाकर मूर्ति स्थापना तक ज्योत रखने से मृतक की आत्मा को शांति मिलेगी। इसलिए यह सारा पूजन कार्यक्रम किया गया।

जिम्मेदार अधिकारी घटना से भी अनजान

शहर के चिकित्सालय परिसर में मसूदा से आए मृतक के परिजन व भोपा करीब 1 घंटे तक पूजा पाठ और धूप आदि करते रहे। वहीं अस्पताल परिसर में वैन में पूजा पाठ की जैसे ही मरीजों व उनके साथ आए परिजनों को लगी तो यह देखने मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ भी जुट गई। लेकिन किसी ने भी उन्हें ऐसा करने से नहीं रोका। वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी किसी जिम्मेदार अधिकारी ने उन्हें रोका तक नहीं। न ही पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. डीपी जोशी ने बताया कि गुरुवार को अवकाश होने के चलते उनका कार्यालय तो बंद था। इस मामले में उन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से भी उन्हें इस संंबंध में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इस बारे में वह कुछ भी नहीं कह सकते है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Parbatsar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×