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विद्यार्थियों को तिलक लगाकर दी विदाई, शिक्षा के साथ अनुशासन की बताई महत्ता

गांव गागुड़ा स्थित श्री दरियाव सैकंडरी स्कूल में विदाई समारोह मनाया गया। जिसमें कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 06, 2018, 06:30 AM IST

विद्यार्थियों को तिलक लगाकर दी विदाई, शिक्षा के साथ अनुशासन की बताई महत्ता
गांव गागुड़ा स्थित श्री दरियाव सैकंडरी स्कूल में विदाई समारोह मनाया गया। जिसमें कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को आशीर्वाद देकर विदाई दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयप्रकाश अरोड़ा थे। संस्था निदेशक परसाराम गुर्जर व मुख्य अतिथि अरोड़ा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्था निदेशक गुर्जर ने कहा कि आज का युग शिक्षा का युग है। शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन होना जरूरी है। कार्यक्रम में बालिकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। शाला परिवार ने कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। विदाई लेने वाले 16 विद्यार्थियों ने विद्यालय को एक ऑफिस टेबल भेंट की। इस दौरान विशिष्ट अतिथि रामप्रसाद धांगड़, उम्मेदसिंह, विनोद, नरेन्द्र सिंह राठौड़, वरिष्ठ अध्यापक सुभाष सेन, बबलू सिंह भाटी, जयप्रकाश जांगिड़ , प्रियंका राठौड़, अध्यापक रामनारायण ताडा, किशनदान चारण अन्य मौजूद थे।

देशवाल | राजकीय माध्यमिक विद्यालय देशवाल में विदाई समारोह मनाया गया। जिसमें कक्षा दस के विद्यार्थियों को विदाई दी गई। इस मौके पर ग्रामीण चेतनराम सारण, अर्जुनराम कासणिया, रामप्रसाद, मोहनराम, डीके सारण सहित अन्य की मौजूदगी में कक्षा नौ के छात्र व छात्राओं ने कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को तिलक लगाकर व माला पहनाकर विदाई दी।

परबतसर | संस्कार पब्लिक स्कूल पीपलाद रोड परबतसर का वार्षिकोत्सव समारोह राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर के न्यायाधीश बनवारीलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि न्यायाधीश बनवारीलाल शर्मा ने कहा कि बच्चों का शिक्षित होने के साथ-साथ संस्कारवान होना भी बहुत जरूरी है। वर्तमान में संयुक्त परिवार में बिखराव होकर एकल परिवारों की संख्या बढ़ रही है। जिससे कई प्रकार की परेशानियां आई है। जिसके कारण भारत में माता-पिता के भरण-पोषण के लिए कानून बना दिया है। शर्मा ने कहा कि शिक्षा न केवल युवाओं के सशक्तिकरण में बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। संस्था संरक्षक बीर बहादुर सिंह यादव ने कहा कि स्कूल का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं बल्कि बच्चों को संस्कारवान बनाना है। सचिव रोहित शर्मा ने सभी का स्वागत किया। संस्था अध्यक्ष सुदेश यादव ने आभार जताया व स्कूल का वार्षिक प्रतिवेदन पेश किया।

दधवाड़ा. स्कूल प्रांगण में बोर्ड परीक्षार्थियों को विदाई देता शाला परिवार।

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