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गाय को चाव से तरबूज खाते देख 3 गौभक्तों ने की पहल, 7 हजार किलो का दिया ऑर्डर, अब गायों को खिला रहे फल

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी निकटवर्ती गांव मोररा के तीन युवकों ने एक साथ 7 हजार किलो तरबूज का ऑर्डर दिया है। आप...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 11, 2018, 05:30 AM IST

गाय को चाव से तरबूज खाते देख 3 गौभक्तों ने की पहल, 7 हजार किलो का दिया ऑर्डर, अब गायों को खिला रहे फल
भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

निकटवर्ती गांव मोररा के तीन युवकों ने एक साथ 7 हजार किलो तरबूज का ऑर्डर दिया है। आप सोच रहे होंगे कि इसमें विशेष बात क्या है, ये तीनों कोई फल विक्रेता व्यापारी होंगे। जी नहीं, ऐसा नहीं है, ये कोई व्यापारी या फलों की खेती करने वाले किसान नहीं है। इन युवाओं ने 7 हजार किलो तरबूजों का ऑर्डर गायों के लिए दिया है। हम बात कर रहे हैं, गांव मोररा के गिरधारीराम बिजारणियां, भंवरूराम कलवाणियां और भंवरूराम की। कुछ दिन पहले गिरधारी राम बिजारणियां ने अपनी पालतू गांव को चारे के साथ तरबूज डाला तो गाय उसे बड़े आनंद से खा गई। जिस पर उसी वक्त गिरधारी राम बिजारणियां व भंवरूराम कलवाणिया और रामदेव कलवाणिया ने मिलकर गांव की एक गौशाला की 150 गायों के लिए एक साथ ये तरबूज मंगवाए हैं। अब गौशाला में गायों को चारे के साथ भरपेट तरबूज भी खिलाए जा रहे हैं। इस अनूठे काम में सहयोग करने के लिए ग्रामवासी भी तरबूज काटने के लिए गौशाला पहुंच रहे हैं। यहां पर गणेश गौशाला में गायों को प्रतिदिन एक हजार किलो तरबूज काटकर खिलाए जा रहे हैं।

मेड़ता सिटी. मोररा गांव में गायों को खिलाने के लिए तरबूज काटते ग्रामीण।

तरबूज ठंडे कर खिलाए जा रहे हैं गायों को

गौशाला में खिलाए जा रहे तरबूजों को पहले प्राकृतिक तरीके से ठंडा किया जाता है। उसके बाद गायों को खिलाया जाता है। गिरधारी राम ने बताया कि दिनभर भीषण गर्मी के साथ ही बाहर से तरबूज आने से यह गर्म रहते हैं। ऐसे में ग्रामीणों के सहयोग से इन तरबूजों को रात भर चारा भिगोकर उसके बीच में रख देते है। जिससे सुबह तक यह तरबूज ठंडे हो जाते हैं। फिर एक साथ सब लोग बैठकर इन तरबूजों को काटकर गायों के चारे के लिए बने ठान में डालकर गायों को खिलाते हैं। गौभक्त गिरधारीराम, भंवरूराम तथा रामदेव ने फिलहाल सात दिनों तक तरबूज खिलाने का मानस बनाया है। जानकारों का कहना है कि तरबूज के खाने से गायों के शरीर में पानी की मात्रा भी बराबर रहेगी।

पिकअप से लाते हैं तरबूज

गांव मोररा निवासी गिरधारी राम बिजारणिया ने बताया कि उन्होंने घर पर तरबूज में से कुछ हिस्सा गाय को खिलाया तो गाय बड़े चाव से तरबूज खाने लगी। इस पर उन्होंने भंवरूराम कलवाणिया व रामदेव कलवाणिया से मिलकर गौशाला की गायों को तरबूज खिलाने की मंशा जताई। तीनों को यह बात पंसद आ गई। इस पर इन तीनों ने परबतसर के एक तरबूज विक्रेता को 7 हजार किलो तरबूज का आर्डर दे दिया। पिछले 3 दिनों से मोररा की गणेश गौशाला में गायों को रोजाना 1000 किलो तरबूज चारे के साथ खिलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक पिकअप में 2500 किलो के करीब तरबूज आते हैं। ऐसे में ताजा तरबूज खिलाने के चलते अभी तक परबतसर से दो पिकअप तरबूज मंगाए जा चुके हैं। इनके साथ गांव के किशोर सांगवा, अजीत सिंह, आशाराम डांगा, सुगनाराम सांगवा, राजेंद्र, रामसुख आदि सहयोग में जुटे हुए हैं।

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