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पति की हत्या के 4 साल पुराने मामले में पत्नी को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी परबतसर तहसील के गांव खानपुर में जुलाई 2014 में हुई एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 01, 2018, 05:45 AM IST

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी

परबतसर तहसील के गांव खानपुर में जुलाई 2014 में हुई एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में न्यायालय ने उसी की प|ी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने आरोपी प|ी पर 20 हजार रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया है। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। प्रकरण के अनुसार खानपुर गांव में 30 जुलाई 2014 को 45 वर्षीय कुन्दनराम पुत्र रणजीतराम नायक अपने घर में मृत मिला था। इस आशय की रिपोर्ट परबतसर थाने में मृतक कुन्दनराम के भाई हरकरण नायक ने पेश की थी। उस रिपोर्ट में हरकरण नायक ने अवगत कराया कि उसे गांव से फोन से सूचना मिली कि कुन्दनराम की मृत्यु हो गई है। इस पर वह अपने पिता को लेकर खानपुर पहुंचा तो घर के आंगन में कुन्दनराम का शव पड़ा था। उसके बाद खून से सना तकिया, लाठी, चाकू व मोबाइल भी बरामद हुआ। इस पर मृतक के भाई हरकरण ने अपने भाई कुन्दन की प|ी छोटी पर ही हत्या का शक जाहिर करते हुए मामला दर्ज कराया। जांच में पुलिस को पता चला कि छोटी नामक महिला मृतक कुन्दन की दूसरी बीवी थी। इससे पहले वाली की मृत्यु हो चुकी थी तथा सात आठ साल पहले ही छोटी से कुन्दन ने नाता जोड़ा था। इन लोगों के बीच मनमुटाव रहता था। इसी कारण छोटी ने कुन्दन की हत्या की। जांच में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने छोटी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 में चालान पेश किया। तदोपरांत इसकी सुनवाई परबतसर के अपर सेशन न्यायालय में शुरू हुई। अभियोजन की ओर से अनेक गवाह पेश किए गए। सभी गवाहों के बयानों व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर सेशन न्यायाधीश अनीश दाधिच ने छोटी देवी को आईपीसी की धारा 302 में अपने पति कुन्दनराम की हत्या का आरोपी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक नारायण पारीक ने की।

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