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विभिन्न जेलों में बंद महिला बंदियों का स्वास्थ्य जांचा, विधिक सहायता की भी जानकारी दी

भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की अनुपालना में जिले की विभिन्न जेलों में बंद महिला...

Danik Bhaskar | May 23, 2018, 06:10 AM IST
भास्कर संवाददाता | मेड़ता सिटी।

सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की अनुपालना में जिले की विभिन्न जेलों में बंद महिला बंदियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। इन महिला बंदियों तक विधिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए इन्हें विधिक सहायता की जानकारी दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने आरडी उपाध्याय बनाम आंधप्रदेश सरकार के एक प्रकरण में महिला बंदियों के स्वास्थ्य की जानकारी, उनकी रिहाई के बाद रोजगार या सामाजिक मान्यता जैसे बिन्दुओं पर सहायता करने के लिए निर्देशित किया था। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर ने सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को निर्देशित किया था। अनुपालना में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेड़ता के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमिल कुमार माथुर ने नवगठित टीम को महिला कैदियों के स्वास्थ्य आदि जानकारियां लेने के लिए कहा। टीम ने उप कारागृह परबतसर एवं जयपुर में जेल में निरूद्व महिला बंदियों व उनके बच्चों के लिए विधिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव न्यायाधीश दीपक पाराशर ने बताया कि टीम के सदस्य क्रमश: मनो चिकित्सक शंकरलाल, महिला चिकित्सक संगीता मेहरड़ा, ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. सुशील दिवाकर की टीम ने महिला बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें विभिन्न प्रकार के रोगों से बचाव की जानकारी प्रदान की। साथ उन्हें चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई। इस दौरान टीम के सदस्यों द्वारा महिला बंदियों के हैल्थ चैकअप हेतु एक मेडिकल कैम्प का आयोजन भी किया गया। टीम द्वारा महिला बंदियों को दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की चिकित्सकीय योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। टीम के सदस्यों रिटेनर अधिवक्ता मो. आमीन एवं पैनल अधिवक्ता ओमप्रकाश पुरोहित द्वारा भी विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कर महिलाओं को उनसे सम्बन्धित विभिन्न प्रकार के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।

इस दौरान महिला बंदियों को उनके मुकदमों की वर्तमान स्थिति की जानकारी, न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, उन्हें प्रदान की जाने वाली निशुल्क विधिक सहायता, जेलों में स्थापित विधिक सेवा क्लिनिकों की कार्य प्रणाली, दोषसिद्व होने पर विभिन्न न्यायालयों में की जाने वाली अपीलों के बारे में जानकारी प्रदान की। उप कारापाल श्री भवानीसिंह द्वारा भी जेलों में महिला बंदियों को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं, स्वच्छता प्रणाली, जेल मेन्युअल एवं गर्भवती महिला से सम्बन्धित विभिन्न प्रावधानों की जानकारी प्रदान की। स्वयंसेवी संगठन सर्वोदय सेवा संस्थान मेड़तासिटी के प्रतिनिधि सरोज व्यास द्वारा महिला बंदियों को उनके पुनर्वास के बारे में अवगत कराते हुए उनके संस्थान द्वारा दी जाने वाली सहायता के बारे में बताया। शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि द्वारा महिला बंदियों को शिक्षा संबंधी जानकारी व सुविधाओं, व्यवसायिक शिक्षा आदि के बारे में अवगत कराया। टीम के सदस्यों द्वारा अब कल उप कारागृह मेड़ता व अजमेर जेल की विजिट की जाएगी।