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चारे की आड़ में गांजे की खेती करने वाले को 10 साल कैद

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़ हरे चारे की आड़ में अवैध रूप से गांजे की खेती करने के आरोपी को विशेष न्यायालय...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:35 PM IST

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

हरे चारे की आड़ में अवैध रूप से गांजे की खेती करने के आरोपी को विशेष न्यायालय एनडीपीएस क्रमांक द्वितीय की विशिष्ट न्यायाधीश ममता व्यास ने दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। विशेष लोक अभियोजक अर्जुनलाल तिवारी ने बताया कि 22 अप्रैल 2010 को बड़ीसादड़ी के तत्कालीन थानाधिकारी मदनलाल खटीक ने केवलपुरा हाथीपुरा में मांगूसिंह पुत्र चोखसिंह रावत के खेत पर दबिश देकर हरे चारे की आड़ में 80 गांजे के पौधों को उखाड़ कर वजन किया तो गांजे के पौधों का वजन 18 किलोग्राम निकला। इस पर पुलिस ने मांगूसिंह को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह व 30 दस्तावेज पेश किए गए। विशेष न्यायाधीश ममता व्यास ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को दस वर्ष कठोर कारावास व एक लाख के जुर्माने से दंडित किया। इधर, न्यायालय एनडीपीएस प्रकरण संख्या प्रथम के विशिष्ट न्यायाधीश अरुणकुमार बेरीवाल ने अफीम तस्करी के करीब पौने चार साल पुराने मामले में दो आरोपियों को क्रमश: 12 व 10 साल की सजा सुनाई।

एनडीपीएस कोर्ट के फैसले : अफीम तस्करी के मामले में दो आरोपियों काे भी क्रमश: 12 व 10 साल कैद की सजा सुनाई

अफीम तस्करी में बोलेरो चालक को 12 साल, मालिक को 10 साल की सजा...प्रकरण 12 अप्रैल 2014 का है। पारसोली के तत्कालीन थानाधिकारी सुनीलकुमार टेलर ने नाकाबंदी के दौरान नंदवाई जाने वाले मार्ग पर एक जीप से प्लास्टिक बैग में तस्करी के लिए जा रही 12 किलो 500 ग्राम अवैध अफीम बरामद की थी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच के बाद आरोप पत्र विशेष न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशिष्ट न्यायाधीश अरुणकुमार ने चालक भगवानलाल को 12 वर्ष कठोर कारावास, डेढ़ लाख रुपए जुर्माना व वाहन मालिक श्यामलाल को दस साल कठोर कारावास व डेढ़ लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय ने अन्य आरोपी प्रकाश व विमल धाकड़ के खिलाफ अनुसंधान खुला रखने के आदेश दिए।

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