Hindi News »Rajasthan »Pawta» वर्षा के लिए जागेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सहस्त्रघट, माताजी का मेला भरा

वर्षा के लिए जागेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सहस्त्रघट, माताजी का मेला भरा

गठवाड़ी | कस्बे के प्राचीन जागेश्वरनाथ महादेव मंदिर में बुधवार को वर्षा की कामना के साथ सामूहिक सहस्त्रघट का आयोजन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 09, 2018, 06:50 AM IST

वर्षा के लिए जागेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सहस्त्रघट, माताजी का मेला भरा
गठवाड़ी | कस्बे के प्राचीन जागेश्वरनाथ महादेव मंदिर में बुधवार को वर्षा की कामना के साथ सामूहिक सहस्त्रघट का आयोजन हुआ। गांव की परम्परा के अनुसार सहस्त्र घट के बाद माता की थांई पर माताजी का मेला भरा। सुबह शुरू हुए सहस्त्र घट में पंडितों ने विधिविधान से पूजन के साथ सहस्त्रघट सम्पन्न करवाया। दोपहर बाद भोलेनाथ की मनोरम झांक सजाई कर आरती उतारी गई। इसके बाद शाम को माता की थांई पर माताजी का मेला भरा। माता की ज्योत प्रज्ज्वलित करने के बाद परम्परागत भक्तों ने चंग की थाम के साथ माता जी को रिझाया। ग्रामीणों ने मेले में पहुंच कर प्रसाद चढ़ाया एवं सुवृष्टि की कामना की।

पाथरेडी में कलश यात्रा से भागवत कथा का शुभारंभ

पावटा | पाथरेडी ग्राम में भोमिया महाराज मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारम्भ को लेकर कलश यात्रा निकाली गई। कस्बे के प्रमुख मार्गो से कलश यात्रा निकाली गई जिसमें कथा वाचक माधवी महाराज, पाथरेडी सरपंच शिम्भुदयाल मीणा, पूर्व सरपंच जयसिंह शेखावत नगर परिक्रमा में शामिल हुए व सैकडों की तादाद में महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली जो कथा स्थल पहुंची। इसके पश्चात कथा का विधिवत रूप से प्रारम्भ करते हुए कथा वाचक माध्यवी ने कहा कि कथा सुनने मात्र से ही पापों का अंत होता है। रोहिताश यादव, कैलाश मीना मास्टर, पंच राजेन्द्र सिंह, पंच बाबूलाल, यादराम चनेजा, रधुनाथ सिंह, सीताराम महासी आदि मौजूद रहे। पाथरेडी सरपंच शिम्भुदयाल मीणा ने बताया कि कथा का समापन 14 अगस्त को होगा।

गठवाड़ी. कस्बे के जागेश्वर नाथ महादेव मंदिर में सामूहिक सहस्त्रघट के बाद भोलेनाथ की आरती उतारते श्रद्धालु।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Pawta

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×