• Home
  • Rajasthan News
  • Peplu News
  • अस्पताल में दवा तक उपलब्ध करवाई नहीं, आयुष चिकित्सक को दे दी प्रतिनियुक्ति
--Advertisement--

अस्पताल में दवा तक उपलब्ध करवाई नहीं, आयुष चिकित्सक को दे दी प्रतिनियुक्ति

चिकित्सा विभाग में चल रहा प्रतिनियुक्ति का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजकीय सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र...

Danik Bhaskar | Feb 19, 2018, 05:50 AM IST
चिकित्सा विभाग में चल रहा प्रतिनियुक्ति का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजकीय सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक ओर चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति कर दी गई। सीएचसी में आयुष चिकित्सा कक्ष बना हुआ है। जहां एनआरएचएम के तहत आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. अटलबिहारी गुर्जर लगे हुए थे। मगर आयुष दवाईयां नहीं होने से एक भी मरीज को निशुल्क आयुर्वेदिक दवाईयां का लाभ नहीं मिला। चिकित्सा विभाग ने यहां आयुर्वेद दवाईयां उपलब्ध करवाने के बजाए आयुष चिकित्सक को ही 17 फरवरी से राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बगडी में प्रतिनियुक्ति पर रिलीव कर भेज दिया। जबकि इससे पहले ही अस्पताल में कई डाॅक्टरों की प्रतिनियुक्ति हो रखी थी। ऐसे में आयुष चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति होने से अब कस्बे के लोगों को आयुर्वेद सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।

पीपलू. आयुष चिकित्सा कक्ष में अब नहीं है आयुष डॉक्टर।

विवाद के चलते लगाया

सीएमएचओ डॉ. गोकुललाल मीणा ने बताया कि सीएचसी प्रभारी के मना करने के बाद भी डॉ. अटल बिहारी गुर्जर एलोपैथी की दवाईयां लिखता था। इससे में विवाद की स्थिति बनी थी। जिला प्रमुख, विधायक ने इसके समाधान के लिए कहा था तथा पीपलू सीएचसी प्रभारी ने भी पत्र लिखा है। स्वयं आयुष चिकित्सक ने भी लिखकर यहां से जाने को कहा। जनहित में विवाद को टालने के लिए डॉक्टर को प्रतिनियुक्ति पर बगडी के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाया गया है। बगडी भी पीपलू क्षेत्र का ही आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है। जो पीपलू से ज्यादा दूर नहीं है। शीघ्र ही इनकी जगह दूसरा आयुर्वेद चिकित्सक लगा दिया जाएगा। आयुर्वेद दवाओं की डिमांड कर रखी है। आते ही उपलब्ध करवा दी जाएगी।

मजबूरन लिखनी पड़ती थी दवाएं

प्रतिनियुक्ति पर लगे आयुष चिकित्सक अटलबिहारी गुर्जर ने बताया कि मैने एलोपैथी की इंटरशिप की हुई है। ऐसे में आयुर्वेदिक दवाओं के नहीं होने से मजबूरन एलोपैथी का सहारा लेता था। बाहर की आयुर्वेद दवाएं महंगी होने से मरीज खरीद नहीं पाता था।