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पीपलू उपखंड में सरकारी कॉलेज ही नहीं, बाहर जाने को विवश हैं छात्र

पीपलू उपखण्ड मुख्यालय होने के बावजूद भी यहां राजकीय महाविद्यालय नहीं है। जबकि विधायक के सदन में रखे गए प्रश्न के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 31, 2018, 05:55 AM IST

पीपलू उपखण्ड मुख्यालय होने के बावजूद भी यहां राजकीय महाविद्यालय नहीं है। जबकि विधायक के सदन में रखे गए प्रश्न के प्रत्युत्तर के अनुसार पीपलू कस्बा कॉलेज के सभी मापदंड रखता है। औसतन क्षेत्र से हर साल कक्षा 12 वीं से लगभग 1000 से अधिक बच्चे उतीर्णहोते है। क्षेत्र के 25 सरकारी व तीन निजी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में वर्तमान सत्र में कक्षा 12 में कुल 1141 का नामांकन है। यह 12वीं उत्तीर्ण के बाद पीपलू में राजकीय महाविद्यालय नहीं होने से या तो निवाई, टोंक, जयपुर के महाविद्यालयों में एडमिशन के लिए जाएंगे या निजी महाविद्यालय में प्रवेश लेने को विवश होंगे।

बालिकाओं के समक्ष परेशानी

अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बाहर रखने पर घर वालों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कई बालक उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जा पाते है। वहीं निजी कॉलेज में भी कमजोर वर्ग प्रवेश नहीं ले पाता है। बालिकाओं के समक्ष विशेष परेशानी होती है। उन्हें घरवाले बाहर पढ़ने नहीं भेजते है।

उठाते हैं सदन में हर बार मुद्दा

विधायक हीरालाल रैगर पांच वर्ष के दौरान हर विधानसभा सत्र में सदन में राजकीय महाविद्यालय खोले जाने का मुद्दा उठाते है, जिसके सदन में प्रत्युत्तर जवाब में पीपलू को मापदंडों पर कॉलेज खोले जाने को कहा गया है। लेकिन इसके बाद भी पीपलू को राजकीय महाविद्यालय की सौगात नहीं मिल पा रही है। इस बार भी सदन में प्रश्न संख्या 2368 के तहत पीपलू में राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग विधायक हीरालाल रैगर ने रखी है, जिसका प्रत्युत्तर आना बाकी है।

मैं प्रयास करूंगा

विधानसभा में बहस की है। अब उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी से मिलकर पीपलू में कॉलेज खुलवाने का हरसंभव प्रयास करूंगा।

-हीरालाल रैगर, विधायक, निवाई

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