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कलेक्टर का नाम रामचंद्र, पर किसी ने सूबेसिंह तो किसी ने सत्यनारायण बताया

जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक खुशीराम रावत एवं अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम साहू ने शनिवार को पीपलू...

Danik Bhaskar | Jul 08, 2018, 05:40 AM IST
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक खुशीराम रावत एवं अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम साहू ने शनिवार को पीपलू पहुंचकर शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एडीईओ सीताराम साहू ने राउमावि में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान की जानकारी ली। एडीईओ ने जब टोंक जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक के नाम पूछे तो अधिकांश नाम नहीं बता पाए। एक छात्रा ने कलेक्टर का नाम सूबेसिंह यादव, दूसरी छात्रा ने सत्यनारायण चौधरी बताया। सिर्फ एक छात्र ने एसपी का नाम योगेश दाधीच सही बताया। इस पर एडीईओ ने सभी छात्र-छात्राओं को सामान्य जानकारी रखने पर जोर दिया। साथ ही शाला के शिक्षकों को निर्देशित किया कि वह समय-समय पर छात्र छात्राओं को सामान्य जानकारी देवें। उन्होंने शिक्षकों को प्रार्थना के बाद छात्र छात्राओं को प्रादेशिक राष्ट्रीय समाचारों की जानकारी दें तथा सामान्य जानकारी से अवगत कराने की हिदायद दी। डीईओ खुशीराम रावत ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्टाफ की स्थिति का जायजा लिया। जहां शैक्षणिक व्यवस्था व्यवस्थित पाई गई, लेकिन पीने के पानी की समस्या देखी गई। जिस के निराकरण के लिए उन्होंने कार्यवाहक प्रधानाचार्य को निर्देश दिया।

डीईओ ने गरीब दिव्यांग को दिलाया स्कूल में प्रवेश, अध्यापकों के बयान की रिपोर्ट निदेशक को भेजी

भास्कर न्यूज| पीपलू

एक गरीब दिव्यांग के सरकारी स्कूल में प्रवेश के लिए चक्कर काटने के मामले में दैनिक भास्कर में प्रकाशित हुई खबर पर डीईओ खुशीराम रावत के नेतृत्व में शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों की टीम ने शनिवार को राजकीय उच्च माध्यमिक में पहुंचे। कई दिनों से प्रवेश के लिए विद्यालय के चक्कर काट रहे दिव्यांग नरेंद्र बैरवा को 9वीं कक्षा में प्रवेश दिलवाया तथा विद्यालय प्रशासन के बयान दर्ज किए। दर्ज किए बयानों की रिपोर्ट निदेशक को भिजवाई। डीईओ खुशीराम रावत ने बताया कि उक्त प्रकरण में प्रधानाचार्य, लिपिक एवं दिव्यांग नरेन्द्र बैरवा के अलग अलग बयान लेकर रिपोर्ट तैयार की। दिव्यांग को निशुल्क पुस्तकें तथा भामाशाह के सहयोग से शैक्षणिक सामग्री नोटबुक, पेन एवं गणवेश की उचित व्यवस्था करवाई। प्रधानाचार्य को विशेष रूप से हिदायत दी कि भविष्य में वह ऐसे प्रकरणों का ध्यान रखें।

पीपलू। दिव्यांग को निशुल्क प्रवेश दिलवाते डीईओ।

भास्कर में दिव्यांग को प्रवेश नहीं देने को लेकर 6 जून को प्रकाशित हुई खबर।