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पहले खुद का और फिर 22 बालिकाओं का रुकवाया बाल विवाह

10 वर्षों पहले अपना स्वयं का बाल विवाह रुकवाने के साथ ही जिलेभर में अन्य बालिकाओं का बाल विवाह रूकवाने वाली तथा बाल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 09, 2018, 06:20 AM IST

पहले खुद का और फिर 22 बालिकाओं का रुकवाया बाल विवाह
10 वर्षों पहले अपना स्वयं का बाल विवाह रुकवाने के साथ ही जिलेभर में अन्य बालिकाओं का बाल विवाह रूकवाने वाली तथा बाल विवाह की रोकथाम की अलख जगाने वाली ब्रांड एम्बेसेडर रोशनी अब स्वयं परिणय सूत्र बंधन में बंधने जा रही है। मोहम्मदनगर ढाणी की रहने वाली रोशनी का आगामी 20 अप्रैल को विवाह होगा। विवाह कार्यक्रम के अनुसार 11 को लग्न पत्रिका लिखी जाएगी। 16 को तेल विनायक, 19 को महिला संगीत, 20 को पाणिग्रहण संस्कार होगा। रोशनी का विवाह मेहन्दवास निवासी राजेन्द्र के साथ तय हुआ है। बाल विवाह के मामले में रोशनी बैरवा ने बिना किसी डर के प्रशासन की मदद से 22 कन्याओं के बाल विवाह रुकवाया। जिले में ही नहीं, बल्कि प्रदेश, देशभर में बाल विवाह के दंश से मुक्ति दिलाने के लिए रोल मॉडल बनकर उभरी है।

रोशनी की कहानी

पीपलू तहसील की मोहम्मदनगर ढ़ाणी निवासी रोशनी बैरवा ऐसी शख्सियत है, अगर बाल विवाह की बात चले तो उसका जिक्र जरूर होगा। पिता की मृत्य अल्पायु में हो जाने पर मां की ममता भी उसे ठुकराते हुए अन्यत्र नाते चली गई। ऐसे हाल में दादा ने परवरिश करते हुए 15 वर्ष की आयु में उसका विवाह करने की ठानी तो उसने गांव में संचालित कालीबाई बाल समूह की मदद लेकर पहले अपना बाल विवाह रूकवाया। रोशनी ने पढने लिखने की उम्र में 10 वर्ष पहले रोड़ा बने बाल विवाह को परिवार के लोगों की नाराजगी झेलते हुए रूकवाया। जिससे परिजनों को समस्त वैवाहिक कार्यक्रम स्थगित करने पड़े। गत वर्ष रोशनी के दादा भी चल बसे है, ऐसे में अब वह दादी हरबाई के सहारे अपने लक्ष्य को पाने में जुटी है। वर्तमान में वह टोंक में सखी वन स्टॉप सेन्टर पर कार्य कर रही है।

बाल विवाह रुकवाने के लिए पंचायतें आईं आगे

अब वह कला जत्था समूह के जरिए कठपुतली नाटक प्रस्तुति से बाल विवाह जैसी कुप्रथा का उन्मूलन करने में लगी है। रोशनी कालीबाई बाल समूह में शामिल हो क्षेत्रीय प्रशासन के सहयोग से क्षेत्र में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को गांव-गांव ढ़ाणी-ढ़ाणी में कला जत्था के कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते हुए समाप्त करने में जुटी हैं। रोशनी के इस प्रयास में चौगाई, रानोली, कठमाना, बगड़वा, बनवाड़ा आदि पंचायतों में कई बाल समूह लगे हुए हैं। रोशनी ने यह मुकाम शिव शिक्षा समिति रानोली के सहयोग से प्राप्त किया। टोंक जिला बैरवा महासभा समिति, आरएएस जगदीश नारायण बैरवा सहित अन्य निजी संगठनों ने भी उसकी मदद की है। बाल विवाह पर मोहम्मदनगर ढा़णी की रोशनी बैरवा

बन चुकी है शाॅट मूवी, मिले हैं कई सम्मान

संभवत प्रदेशभर में इतने बाल विवाह रूकवाने वाली पहली युवती है। इसे अब तक कई सम्मान मिल चुके है। दूरदर्शन पर इंटरव्यू आने सहित शॉर्ट मूवी भी आ चुकी है। उस पर बीबीसी लंदन ने 7 मई 2011 में एक डोक्यूमेन्ट्री फिल्म भी बनाई थी। रोशनी बैरवा को बेटी सृष्टि र| 2015 व 2017, लाडली सम्मान 2016, प्रशंसा पत्र 2011, बेटी गौरव सम्मान 2016, नारी शक्ति ग्लोबल 2016, वि.सेवा प्रा.सम्मान 2016, अम्बेडकर स्मृति चिन्ह 2017, चाइल्ड चैम्पियन अवार्ड 2016 सहित कई अवॉर्ड मिल चुके है। एसडीएम पीपलू व कलेक्टर ने राष्ट्रीय पर्व के मौके पर स्मृति चिन्ह एवं प्रशंसा पत्र देते हुए सम्मानित किया।

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