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फलोदी : सीएमएचओ नहीं पहुंचे, मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की बैठक नहीं हो पाई

सरकारी अधिकारियों के लिए बैठकों का क्या मायना है, राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की मंगलवार को होने वाली बैठक...

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 05:55 AM IST
फलोदी : सीएमएचओ नहीं पहुंचे, मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की बैठक नहीं हो पाई
सरकारी अधिकारियों के लिए बैठकों का क्या मायना है, राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की मंगलवार को होने वाली बैठक नहीं होने से अंदाजा लगाया जा सकता है। बैठक केवल इसलिए नहीं हो सकी क्योंकि सोसायटी के अध्यक्ष सीएमएचओ हैं और वे ही बैठक में नहीं पहुंचे। अन्य पदाधिकारी व सदस्य उनका इंतजार करते रहे और इंतजार से थक कर जब सचिव ने फोन कर पूछा कि कितने बजे तक पहुंचेंगे तब उन्होंने बताया कि वे नहीं आ रहे हैं। बैठक नहीं होने से बहुप्रतीक्षित ब्लड बैंक के उद्घाटन को लेकर भी कोई निर्णय नहीं हो सका।

बैठक का समय शाम 4 बजे का रखा गया था और अन्य सभी पदाधिकारी व सदस्य चिलचिलाती धूप में भी सरकारी अस्पताल बैठक में भाग लेने के लिए पहुंच गए। नवमनोनीत सदस्यों में बैठक को लेकर काफी उत्साह था। सभी सदस्य सीएमएचओ का इंतजार करने लगे। करीब 4:30 बजे सचिव डॉ. रविंद्र परमार ने सीएमएचओ को फोन कर पूछा-सर, कितने बजे तक पहुंचेंगे?’ मैं नहीं आ रहा हूं, जोधपुर में कोई काम हो गया है’ उधर से सीएमएचओ ने जवाब दिया। यह जानकारी मिलने पर राज्य सरकार द्वारा नवनियुक्त सदस्यों ने रोष जताया। एक सदस्य माणक सुथार ने सीएमएचओ को फोन कर नाराजगी जताई और भविष्य में बैठक केवल इस कारण स्थगित नहीं हो इसका ध्यान रखने का आग्रह किया। उल्लेखनीय है कि सचिव राजकीय चिकित्सालय प्रभारी डॉ.रविन्द्र परमार ने 30 अप्रैल को 1 मई को तय बैठक के बारे में सभी पदाधिकारियों व सदस्यों को सूचना दी थी और एजेंडा भी भेजा था। सीएमएचओ समिति के अध्यक्ष हैं और बैठक उनकी अध्यक्षता में ही होनी थी। सदस्य माणक सुथार ने कहा कि उनके मनोनयन के बाद यह प्रथम बैठक थी। सीएमएचओ को नहीं पहुंचना था तो सचिव को सूचना देते ताकि वे सभी सदस्यों को फोन पर ही बैठक नहीं होने की सूचना दे देते और सदस्य 47 डिसे तापमान में घर से उठकर नहीं आते। राज्य सरकार ने माणक सुथार व एसपी चांडा को सोसायटी का सदस्य नियुक्त किया है। बैठक के लिए सचिव डॉ. रविंद्र परमार, बीसीएमओ उपाध्यक्ष, सदस्य डॉ. बीआर पालीवाल, स्टोर प्रभारी एसपी चांडा, कनिष्ठ लेखाकार उर्मिला विश्नोई, एनआरएचएम लेखाकार निरंजन कुमार दाधीच व दोनों मनोनीत सदस्य माणक सुथार व एसपी चांडा उपस्थित थे।

फलोदी| भीषण गर्मी के चलते भी सभी पदाधिकारी बैठक में भाग लेने पहुंचे।

भास्कर न्यूज | फलोदी

सरकारी अधिकारियों के लिए बैठकों का क्या मायना है, राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की मंगलवार को होने वाली बैठक नहीं होने से अंदाजा लगाया जा सकता है। बैठक केवल इसलिए नहीं हो सकी क्योंकि सोसायटी के अध्यक्ष सीएमएचओ हैं और वे ही बैठक में नहीं पहुंचे। अन्य पदाधिकारी व सदस्य उनका इंतजार करते रहे और इंतजार से थक कर जब सचिव ने फोन कर पूछा कि कितने बजे तक पहुंचेंगे तब उन्होंने बताया कि वे नहीं आ रहे हैं। बैठक नहीं होने से बहुप्रतीक्षित ब्लड बैंक के उद्घाटन को लेकर भी कोई निर्णय नहीं हो सका।

बैठक का समय शाम 4 बजे का रखा गया था और अन्य सभी पदाधिकारी व सदस्य चिलचिलाती धूप में भी सरकारी अस्पताल बैठक में भाग लेने के लिए पहुंच गए। नवमनोनीत सदस्यों में बैठक को लेकर काफी उत्साह था। सभी सदस्य सीएमएचओ का इंतजार करने लगे। करीब 4:30 बजे सचिव डॉ. रविंद्र परमार ने सीएमएचओ को फोन कर पूछा-सर, कितने बजे तक पहुंचेंगे?’ मैं नहीं आ रहा हूं, जोधपुर में कोई काम हो गया है’ उधर से सीएमएचओ ने जवाब दिया। यह जानकारी मिलने पर राज्य सरकार द्वारा नवनियुक्त सदस्यों ने रोष जताया। एक सदस्य माणक सुथार ने सीएमएचओ को फोन कर नाराजगी जताई और भविष्य में बैठक केवल इस कारण स्थगित नहीं हो इसका ध्यान रखने का आग्रह किया। उल्लेखनीय है कि सचिव राजकीय चिकित्सालय प्रभारी डॉ.रविन्द्र परमार ने 30 अप्रैल को 1 मई को तय बैठक के बारे में सभी पदाधिकारियों व सदस्यों को सूचना दी थी और एजेंडा भी भेजा था। सीएमएचओ समिति के अध्यक्ष हैं और बैठक उनकी अध्यक्षता में ही होनी थी। सदस्य माणक सुथार ने कहा कि उनके मनोनयन के बाद यह प्रथम बैठक थी। सीएमएचओ को नहीं पहुंचना था तो सचिव को सूचना देते ताकि वे सभी सदस्यों को फोन पर ही बैठक नहीं होने की सूचना दे देते और सदस्य 47 डिसे तापमान में घर से उठकर नहीं आते। राज्य सरकार ने माणक सुथार व एसपी चांडा को सोसायटी का सदस्य नियुक्त किया है। बैठक के लिए सचिव डॉ. रविंद्र परमार, बीसीएमओ उपाध्यक्ष, सदस्य डॉ. बीआर पालीवाल, स्टोर प्रभारी एसपी चांडा, कनिष्ठ लेखाकार उर्मिला विश्नोई, एनआरएचएम लेखाकार निरंजन कुमार दाधीच व दोनों मनोनीत सदस्य माणक सुथार व एसपी चांडा उपस्थित थे।

ब्लड बैंक मुद्दे पर होनी थी चर्चा

बैठक में सबसे प्रमुख 3 एजेंडे तो ब्लड बैंक को लेकर ही थे। लाइसेंस मिलने के बाद ब्लड बैंक का उदघाटन करवाने, ब्लड बैंक को गोद लेने वाले भामाशाह के प्रस्ताव पर विचार और ब्लड बैंक के लिए संविदा कर्मी रखने रखने के बारे में प्रस्ताव थे। बैठक में इन पर चर्चा कर निर्णय किया जाना था। भवन तैयार होने के बाद करीब डेढ़ साल बाद ब्लड बैंक का लाइसेंस 13 अप्रैल को अस्पताल को मिला। लाइसेंस पर जारी करने की तारीख 3 अप्रैल 18 है जो 5 वर्ष के लिए है। इनके अलावा अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए रजिस्टर्ड संस्था से अनुबंध करने, अस्पताल की सफाई व्यवस्था के लिए अनुबंध तथा वित्तीय वर्ष 2017-18 के आय व्यय के ब्यौरे पर चर्चा कर निर्णय किए जाने थे।

शीघ्र ही दूसरी तारीख को होगी बैठक


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