भारतीय संस्कृति व संस्कारों की रक्षा के लिए सभी नागरिकों को संस्कृत भाषा सीखनी चाहिए : शर्मा

Phalodi News - संस्कृत भारती फलोदी की ओर से भट्टड़ों का टांका, नई सड़क पर संस्कृत संभाषण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का...

Jul 14, 2019, 10:20 AM IST
संस्कृत भारती फलोदी की ओर से भट्टड़ों का टांका, नई सड़क पर संस्कृत संभाषण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का समापन शनिवार को डॉ. दिनेश शर्मा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस मौके मुख्य अतिथि शर्मा व मुख्य वक्ता संस्कृत भारती जोधपुर के प्रांत मंत्री डॉ. तगसिंह राजपुरोहित ने संस्कृत भाषा की महत्ता पर प्रकाश डाला। शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति व संस्कारों की रक्षा के लिए सभी नागरिकों को संस्कृत भाषा सीखनी चाहिए, संस्कृत भाषा में वार्तालाप से असीम आनंद की प्राप्ति होती है, संस्कृत के प्रत्येक शब्द में मधुरता है, यह भाषा सकारात्मकता के साथ जीवन जीने को प्रेरित करती है। वहीं राजपुरोहित ने कहा कि संस्कृत हमारे पूर्वजों की भाषा व ज्ञान -विज्ञान का स्रोत है। पश्चिमी काशी फलोदी की ख्याति संस्कृत विद्वानों के वेद ज्ञान के कारण ही थी। संस्कृत के बिना भारत वर्ष की कल्पना भी संभव नहीं है। दूसरा दशक के मुरारीलाल थानवी ने संस्कृत सिखाने की सरल पद्धति की सराहना की। इस कार्यक्रम में प्रीति राठौड़ ने संस्कृत शिक्षक अभिनय, राजेंद्र बोहरा ने अनुभव कथन, श्रवण सिंह व किरण राजपुरोहित ने संभाषण, संजू थानवी ने हास्य कथा, पूजा लक्ष्मी तथा महेश सिंह ने संवाद प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अखिलेश गोस्वामी, प्रदीप शर्मा, आकाश खंडेलवाल, नरेंद्र कुमावत, परमेश्वर परिहार, विजय लक्ष्मी चाौहान, चीकू राजपुरोहित, अंकिता व्यास, कमल शर्मा, मनीष, जीवनराम, जेठाराम, ऋतुराज सिंह, महिपाल सिंह, सवाईसिंह राजपुरोहित सहित अनेक संस्कृत प्रेमी उपस्थित थे।

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