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11वीं तक सरकारी स्कूल में पढ़ीं फलोदी की रीना पंवार

इंदिरा कॉलोनी निवासी आईआईटी कानपुर से पासआउट रीना पंवार का भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (आईईएस) में 116वीं रैंक के साथ...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 08:31 AM IST
Phalodi - reena panwar of phalodi studied at government school till 11th
इंदिरा कॉलोनी निवासी आईआईटी कानपुर से पासआउट रीना पंवार का भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (आईईएस) में 116वीं रैंक के साथ चयन हुआ। इस सेवा में चयनित होने वाली रीना पंवार फलोदी क्षेत्र से इस समाज की पहली महिला है। रीना ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, बहनों व भाइयों का दिया है। रीना के पिता रिटायर शिक्षक हरिराम पंवार ने बताया कि उनके परिवार से किसी सदस्य का पहली बार प्रशासनिक सेवा में चयन हुआ है। रीना सबसे छोटी बेटी है। रीना ने बताया कि उन्होंने पहली से 11वीं तक की पढ़ाई राजकीय विद्यालय फलोदी से की। इसके बाद 12वीं की पढ़ाई आईआईटी की कोचिंग के साथ जोधपुर से की। 2011 में आईआईटी कानपुर में बीटेक सिविल में चयन हुआ। वर्ष 2015 में आईआईटी से पासआउट होने के बाद दो वर्ष तक एक निजी टेलीकॉम कंपनी में जॉब के साथ आईईएस की तैयारी की। लेकिन पिछले वर्ष जॉब छोड़कर दिल्ली में कोचिंग शुरू किया व इस 116वीं रैंक के साथ आईईएस में चयन हो गया।

भास्कर न्यूज | फलोदी

इंदिरा कॉलोनी निवासी आईआईटी कानपुर से पासआउट रीना पंवार का भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (आईईएस) में 116वीं रैंक के साथ चयन हुआ। इस सेवा में चयनित होने वाली रीना पंवार फलोदी क्षेत्र से इस समाज की पहली महिला है। रीना ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, बहनों व भाइयों का दिया है। रीना के पिता रिटायर शिक्षक हरिराम पंवार ने बताया कि उनके परिवार से किसी सदस्य का पहली बार प्रशासनिक सेवा में चयन हुआ है। रीना सबसे छोटी बेटी है। रीना ने बताया कि उन्होंने पहली से 11वीं तक की पढ़ाई राजकीय विद्यालय फलोदी से की। इसके बाद 12वीं की पढ़ाई आईआईटी की कोचिंग के साथ जोधपुर से की। 2011 में आईआईटी कानपुर में बीटेक सिविल में चयन हुआ। वर्ष 2015 में आईआईटी से पासआउट होने के बाद दो वर्ष तक एक निजी टेलीकॉम कंपनी में जॉब के साथ आईईएस की तैयारी की। लेकिन पिछले वर्ष जॉब छोड़कर दिल्ली में कोचिंग शुरू किया व इस 116वीं रैंक के साथ आईईएस में चयन हो गया।

सपना पूरा करने शोभा ने शादी के बाद भी जारी रखी पढ़ाई

भास्कर न्यूज | बिलाड़ा

23 वर्षीय शोभा पुत्री भंवरलाल हांबड़ का चयन इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज में होने पर उसके ससुराल स्थित गांव पालासनी व पैतृक गांव उदलियावास में खुशी का माहौल है। साथ ही सीरवी समाज में भी खुशी का माहौल है। शोभा सीरवी प|ी नितेश सीरवी ने 82वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की। शोभा के लिए उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि शादी के बाद जहां महिलाएं पढ़ाई छोड़ देती है और घरेलू कामकाज में लग जाती है, लेकिन शोभा ने शादी के बाद ससुराल में रहकर ही ये उपलब्धि हासिल की है। पिता भंवरलाल सीरवी ने बताया कि हरियाणा कुरूक्षेत्र से 2016 में बीटेक पूर्ण होने के बाद शोभा की शादी कर ससुराल भेज दिया। ससुराल में जाने के बाद भी शोभा ने पढ़ाई जारी रखी। शोभा ने बताया कि ससुराल में पूरा सहयोग मिला और माता पिता के आशीर्वाद से ही सफलता मिली। इन सबके सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। कहतीं हैं, मेरी सफलता इन सबकी है। इन्होंने ही मेरे सपने को साकार किया है। परिजनों व ग्रामीणों ने खूब बधाइयां दी।

भास्कर न्यूज | बिलाड़ा

23 वर्षीय शोभा पुत्री भंवरलाल हांबड़ का चयन इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज में होने पर उसके ससुराल स्थित गांव पालासनी व पैतृक गांव उदलियावास में खुशी का माहौल है। साथ ही सीरवी समाज में भी खुशी का माहौल है। शोभा सीरवी प|ी नितेश सीरवी ने 82वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की। शोभा के लिए उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि शादी के बाद जहां महिलाएं पढ़ाई छोड़ देती है और घरेलू कामकाज में लग जाती है, लेकिन शोभा ने शादी के बाद ससुराल में रहकर ही ये उपलब्धि हासिल की है। पिता भंवरलाल सीरवी ने बताया कि हरियाणा कुरूक्षेत्र से 2016 में बीटेक पूर्ण होने के बाद शोभा की शादी कर ससुराल भेज दिया। ससुराल में जाने के बाद भी शोभा ने पढ़ाई जारी रखी। शोभा ने बताया कि ससुराल में पूरा सहयोग मिला और माता पिता के आशीर्वाद से ही सफलता मिली। इन सबके सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। कहतीं हैं, मेरी सफलता इन सबकी है। इन्होंने ही मेरे सपने को साकार किया है। परिजनों व ग्रामीणों ने खूब बधाइयां दी।

पिता के साथ खेती करते रहे धीरेंद्र, शिक्षक ने दिखाई राह

भास्कर न्यूज | खेड़ापा

कस्बे का निवासी धीरेंद्र कुरड़िया का 2017-18 आईईएस परीक्षा में 96रैंक के साथ चयन होने पर ग्रामीणों ने उनका गांव पहुंचने पर स्वागत किया। धीरेंद्र कुरड़िया के पिता खेती बाड़ी का काम करते है, जबकि माता गृहिणी है। धीरेंद्र खुद पढ़ाई के दौरान खेती बाड़ी में सहयोग करते थे। इनकी छोटी बहन ममता ने नीट परीक्षा 2018 में सफलता हासिल कर एमबीबीएस में प्रवेश लिया। वह एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर अध्ययनरत हैं। धीरेंद्र कुरड़िया 2013 में आईआईटी रुड़की में चयन हुआ था। 22 वर्षीय धीरेंद्र खेड़ापा के पहले छात्र हैं, जिन्होंने आईईएस में सफलता हासिल की है। धीरेंद्र कुरड़िया का शनिवार को खेड़ापा गांव में स्वागत किया। साथ ही धीरेंद्र ने दादी,माता-पिता ताऊ-ताई से आशीर्वाद लिया। इस दौरान प्रेरणा स्रोत अध्यापक तुलछीराम जाखड़ मौजूद रहे। धीरेंद्र ने बताया कि मेरे गुरु जाखड़ ने ही मुझे आगे बढ़ने की राह दिखाई। उनके मार्गदर्शन की बदौलत ही मैंने आज यह मुकाम पाया है। इस दौरान परिजनों का भी बड़ा सहयोग रहा।

भास्कर न्यूज | खेड़ापा

कस्बे का निवासी धीरेंद्र कुरड़िया का 2017-18 आईईएस परीक्षा में 96रैंक के साथ चयन होने पर ग्रामीणों ने उनका गांव पहुंचने पर स्वागत किया। धीरेंद्र कुरड़िया के पिता खेती बाड़ी का काम करते है, जबकि माता गृहिणी है। धीरेंद्र खुद पढ़ाई के दौरान खेती बाड़ी में सहयोग करते थे। इनकी छोटी बहन ममता ने नीट परीक्षा 2018 में सफलता हासिल कर एमबीबीएस में प्रवेश लिया। वह एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर अध्ययनरत हैं। धीरेंद्र कुरड़िया 2013 में आईआईटी रुड़की में चयन हुआ था। 22 वर्षीय धीरेंद्र खेड़ापा के पहले छात्र हैं, जिन्होंने आईईएस में सफलता हासिल की है। धीरेंद्र कुरड़िया का शनिवार को खेड़ापा गांव में स्वागत किया। साथ ही धीरेंद्र ने दादी,माता-पिता ताऊ-ताई से आशीर्वाद लिया। इस दौरान प्रेरणा स्रोत अध्यापक तुलछीराम जाखड़ मौजूद रहे। धीरेंद्र ने बताया कि मेरे गुरु जाखड़ ने ही मुझे आगे बढ़ने की राह दिखाई। उनके मार्गदर्शन की बदौलत ही मैंने आज यह मुकाम पाया है। इस दौरान परिजनों का भी बड़ा सहयोग रहा।

Phalodi - reena panwar of phalodi studied at government school till 11th
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