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दलित मूक बधिर किशोरी के इलाज के नाम पर प्राप्त सहयोग राशि हड़पी

दुनिया में छल कपट कर धनराशि एकत्र कर हड़प करने वालों की कोई कमी नहीं है। यहां तक कि सामाजिक भावनाओं को भी ताक में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 10, 2018, 06:35 AM IST

दुनिया में छल कपट कर धनराशि एकत्र कर हड़प करने वालों की कोई कमी नहीं है। यहां तक कि सामाजिक भावनाओं को भी ताक में रखकर दलित गूंगी बहरी बालिका के इलाज के नाम पर लोगों से धनराशि एकत्र कर हड़प कर ली और बालिका का इलाज भी नहीं करवाया। इतना ही नहीं बालिका के पीडित पिता न्याय के लिए 3 साल से दर-दर भटकने को मजबूर है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। ऐसा ही वाक्या नरैना थाना की चैनपुरा पंचायत के पीथावास में सामने आया है।

यहां के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में वर्ष 2012 में कक्षा 4 में अध्ययनरत दलित गूंगी बहरी बालिका के इलाज के नाम पर एक व्यक्ति जो पेशे से पत्रकार है, ने 4 लाख रुपए खर्चे होने का अनुमान बताकर भामाशाहों व लोगों से सहायता राशि एकत्र कर हड़प कर ली। राशि एकत्र करने का सिलसिला गत तीन वर्ष से चल रहा है, लेकिन इलाज नहीं करवाने से मामला 2018 में सामने आया है।

जन्म से गूंगी बहरी दलित बालिका पुष्पा बलाई के पीडित पिता प्रकाश चन्द बलाई निवासी पीथावास थाना नरैना ने बताया कि वर्ष 2012 में पवन खन्ना पुत्र नानक चन्द निवासी नरैना ने स्वयं को पत्रकार बताते हुए उसके कच्चे मकान पर आया व उसकी जन्म से मूक बधिर बालिका पुष्पा जो राजकीय प्राथमिक विद्यालय पीथावास में कक्षा 4 में वर्ष 2012 में अध्ययनरत थी, के इलाज की बात कही।

पीडित उसकी बातों से सहमत हो जाने पर पवन खन्ना ने एक न्यूज पेपर में सहायता व सहयोग के नाम पर समाचार प्रकाशित करवाए। प्रभावित होकर क्षेत्र के भामाशाहों व लोगों ने सहायता के रूप में नकद राशि दी, लेकिन दानदाताओं द्वारा दी गई राशि को पवन खन्ना यह कहकर अपने पास रखता रहा कि इलाज में करीब 4 लाख रुपए लगेंगे व इतनी रकम एकत्र होने में समय लगेगा। आप एकत्र राशि को अपने कच्चे मकान में सुरक्षित नहीं रख पाओगे। आरोपित खन्ना नकद राशि को अपने पास रखने का झांसा देकर राशि इकट्ठा करता रहा, लेकिन एक वर्ष से आरोपी खन्ना न तो पीडित पिता के पास जा रहा और न ही सहयोग राशि का भुगतान किया।

आरोपी ने पीडित को जातिसूचक अपशब्दों से भी अपमानित कर डराता धमकाता है। प्रकरण को लेकर गत एक वर्ष से पीडित प्रकाश चन्द बलाई आरोपी खन्ना के खिलाफ बालिका के इलाज के नाम पर धनराशि एकत्र कर हड़प करने पर पुलिस प्रशासन से एफआईआर दर्ज करवाने की मांग करते हुए भटक रहा है। 27 फरवरी 2018 को जयपुर जिला कलेक्टर को पत्र प्रेषित किया गया था।

तत्कालीन सांभर एसडीएम की जांच रिपोर्ट

तत्कालीन सांभर एसडीएम प्रभुदयाल शर्मा ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जयपुर शहर दक्षिण एवं प्रभारी अधिकारी न्याय शाखा जयपुर को जांच के बाद रिपोर्ट भेजी थी कि पवन खन्ना द्वारा सामाजिक भावनाओं के अनुरूप प्राप्त धनराशि को बिना किसी विवरण के उपयोग में लिया व दूषित आचरण प्रकट किया।

अनुसूचित जाति आयोग ने भी पुलिस अधीक्षक को लिखा पत्र

पीडित प्रकाश बलाई के अलावा राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष के निजी सचिव रतनलाल अटल ने भी पुलिस अधीक्षक जयपुर ग्रामीण को पीडित को न्याय दिलाने के लिए अवगत कराया था, लेकिन आज तक आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई। पीडित दर-दर भटक रहा है।

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